चूत मारने वाला बीएफ वीडियो

छवि स्रोत,ట్రిపుల్ ఎక్స్ తరహా మరిన్ని

तस्वीर का शीर्षक ,

देवर भाभी के सेक्सी फोटो: चूत मारने वाला बीएफ वीडियो, देखो तो मेरा पजामा फ़ाड कर चूत में घुस गया !” आभा ने शरमाते हुये कहा।नहीं आभाजी, मुझे तो आप को चोदना था इसलिये मैंने कल आपके पजामे के तीन-चार टांके ब्लेड से काट दिये थे !”क्याऽऽऽऽऽऽऽ? शरारती कहीं के….

सेक्सी बीपी गुजराती वीडियो

रंडी कह या सासू माँ, या चाची कह कर पुकार…मैंने तो जो सचाई थी तेरे सामने रख दी। एक रिश्ते से तो मैं तेरी सास ही हुई और दूसरे रिश्ते से तेरी सौत भी हुई। तू जो रिश्ता मेरे साथ निभाना चाहे तू निभा सकती है…. ट्रिपल सेक्स सेक्सी वीडियोफिर सुनील मेरे सामने आ गया और उसने मुझे अनिल के लौड़े पर बिठा दिया। अब अनिल मेरे नीचे था और मैं अनिल का लौड़ा अपनी गाण्ड में लिए उसके पैरों की ओर मुंह कर के बैठी थी.

साला…वो अभी भी इधर से उधर, उधर से इधर टहले जा रहा था… और मुझे ये समझ नहीं आ रहा था कि ये लड़के लोग इतनी गालियाँ सीखते कहाँ से हैं… हमें तो कोई नहीं सिखाता…!!!मैं : एक बात बता तू ! क्यों इतना भड़क रहा है. सेक्सी चुदाई वीडियो सेक्समुझे समझते देर न लगी और मैंने खिड़की से झाँका तो मैंने जो सोचा था उससे ज्यादा देखने को मिला.

मैं उन्हें और कोई बात बनाने का मौका नहीं देना चाहती थी…पहले दिन शाम को जब स्कूल से घर पहुँची तो मम्मी ने बताया- वो लड़का है न, वो तो रोया ही नहीं… सब रो रहे थे.चूत मारने वाला बीएफ वीडियो: क्योंकि अंदर से दरवाजा बंद था इसलिए मुझे किसी का डर नहीं था, मैंने अपनी पैंट की ज़िप खोलते हुए अपना लण्ड प्रिया भाभी की तरफ किया और एक बार चूसने को बोला.

अचानक उसकी चूत में मेरे लंड पर दबाव बना लिया और उसकी सिसकारियाँ चीखों में बदल गई- और जोर से! और जोर से! फाड़ दो मेरी चूत को.मेरी बुआ के घर में एक किराएदार रहते थे उनकी एक लड़की थी नाम था अमिता! वो बहुत सुन्दर थी, मैं उसे चोदना चाहता था.

पाकिस्तानी पॉर्न वीडियो - चूत मारने वाला बीएफ वीडियो

मामी, कैसा लग रहा है?”नयन, यह तो अलग ही अनुभव है! मुझे बहुत ही मजा आ रहा है! तुम भी कमर हिलाओ ना! मजा आ रहा है बहुत!”अब मैंने अपने शॉट धीरे से चालू किये जिससे उनको तकलीफ़ ना हो.अभी हमारी सुहागरात का पहला सप्ताह ही था, मेरी बीवी नीना मुझसे पूरी तरह खुल जाना चाहती थी ताकि वह् पूरी जिंदगी भरपूर चुदाई का मजा लेती रहे.

वो कहने लगी- शादी के 15 साल में चुदाई का ऐसा मजा मुझे नहीं मिला।’मैंने कहा- रानी तुम्हारी गांड और चूतड़ इतने सुंदर हैं कि मेरे जैसा मर्द जो कि गांड का शौकीन नहीं है उसे भी आज तुम्हारे गांड में लंड डालने का दिल हो गया!’उसने पूछा- सच! मेरे चूतड़ इतने सुंदर हैं?’मैंने कहा- सुंदर कहना तो कम होगा. चूत मारने वाला बीएफ वीडियो मैंने चुपचाप अपने कदम लड़कियों वाले बाथरूम की तरफ बढ़ाये, बाथरूम में से हमारे स्कूल की एक मैडम की आवाज आई.

”मैं फिर मौका ना गंवाते हुए उसकी ऊपर आ गया और उसकी कुंवारी चूत पे अपनी लंड को रख दिया.

चूत मारने वाला बीएफ वीडियो?

आखिर प्रकाश अंकल को आपने पटा ही लिया, मस्त अंकल है ना!” गौरी ने शरारत भरी हंसी से कहा. फिर उसके साथ सेक्स बहुत बार हुआ और वो मेरे जीवन से मस्त जुड़ गई और उसने अपना जिस्म मेरे सिवा आज तक किसी और को नहीं दिया. मैंने उसे उठाया और अपने कमरे में ले जाकर ब्रा लंड पर रख कर चित्रा के नाम की मुठ मारने लगा.

शब्द अधूरे ही रह गए क्योंकि तब तक मोना ने एक कराटे का वार अब्बास के मुँह पर किया, अब्बास दूर जा कर गिरा और वो उठता इससे पहले ही मोना ने अपने पैरों से पीटने की बरसात लगा दी…।अब्बास संभल भी नहीं पा रहा था कि मोना उसको पीट-पीट के लाल कर रही थी…. एक तरह से वो मेरा मुंह चोदने लगा… मैं बहुत गरम हो चुकी थी… मेरा मुंह पूरी तरह से चिपचिपा हो गया था उसके पतले रस से. नमस्कार दोस्तों,सबसे पहले तो मैं आप सबका धन्यवाद करता हूँ कि आप सभी को मेरी पिछली कहानीमैं और मेरी प्यारी शिष्याकाफी पसंद आई।साथ ही आपसे क्षमा चाहता हूँ कि मेरी अगली कहानी में इतना विलम्ब हुआ। दरअसल बीच में ज़िन्दगी कुछ ज्यादा ही व्यस्त हो गई थी, पहले तो यू एस ए का दौरा और फिर मेरा तबादला नई दिल्ली में.

!” अजय ने मेरी उत्सुकता को बढ़ाते हुए कहा।मैंने अजय के हाथ को दबाते हुए दुबारा जोर दे कर पूछा- प्लीज अजय, बताओ ना. आप लोग यह जानने के लिए बेताब होंगे कि वो कौन थी…वो थी प्रिया ‘कातिल हसीना’ हमारी पड़ोसन. मैंने मन ही मन सोचा कि अब इन लोगों ने मुझे नंगा तो देख ही लिया है और अभी तक अपना काम भी नहीं हुआ है.

उई मां और न जाने कौन सी मस्ती वाली सिस्कारें मारती रही।मैंने अपने पूरे कपड़े पहने। जीजा जल्दी चला गया, दरोगा ने मेरे पति को सख्त ताकीद देकर कहा- अगर किसी से कहा तो जान से तो जाओगे ! तेरी बीवी की बुर में डंडा भी पेलेंगे ![emailprotected]. राहुल अंकल अपने लौड़े से बाजी के गालों पर मार रहे थे जिससे बाजी जोर जोर से सिसक रही थी- ऊह्ह्हह आह औऊ ऊऊ! मेरे चोदू राजा! क्या मस्त लौड़ा है तेरा! कसम से, मैं तो मस्त हो गई हूँ तेरा लौड़ा चूस कर!उधर राज अंकल तेज़ी से बाजी की बुर को चूस रहे थे.

उसका पति भी उसे सिर्फ तीन-चार मिनट चोदता, फिर सो जाता ! वो लम्बी चुदाई चाहती थी… उसकी चूत की प्यास कभी शांत ही नहीं होती थी….

राहुल अंकल ने कहा- तेरी चूत से बहुत पानी निकला!हाँ मेरे राजा! बहुत दिनों से पानी नहीं निकला था! इसलिए आज बहुत पानी निकला! तू भी चाट ना मेरी बुर का पानी!इतना सुनते ही राहुल अंकल भी अपनी जुबान से बाजी की बुर का पानी चाटने लगे.

’‘रोहित तूने आज मेरी जान ही निकाल दी…’ रोहित तुरन्त रुई और पट्टी लाया। उसने मेरी टांगें उंची की और रुई पानी से मेरी चूत और गाण्ड को अच्ची तरह से पौंछा। मैंने उसे कहा,’ वहां से दवाई उठा कर मेरे अन्दर दोनों जगह लगा दे !’रोहित उंगली पर दवाई लेकर मेरी चूत के अन्दर और गाण्ड के छेद में लगाने लगा। लेकिन ये क्या… मेरी चूचियाँफ़िर से खड़ी होने लगी. मेरा दम घुट रहा था लेकिन मैंने उसके ताकतवर लंड का आदर करते हुए उसे मुंह से नहीं निकाला और थोडी ही देर में उसने अपने लंड से दही जैसा गाढ़ा वीर्य निकाला जिसका स्वाद गज़ब का था. मैंने मन ही मन सोचा कि अब इन लोगों ने मुझे नंगा तो देख ही लिया है और अभी तक अपना काम भी नहीं हुआ है.

‘आप सो जाईये अब… बहुत हो गया!’‘अरे मेरी चिकनी भाभी, मेरा लण्ड तो देख, यह देख… तेरे साथ, तुझे नीचे दबा कर सो जाऊँ मेरी जान!’वो बेशर्म सा होकर, अपनी सुध-बुध खोकर अपना पजामा नीचे सरका कर लण्ड को अपने हाथ में ले कर हिलाने लगा. सर को स्टाफ ने घेर लिया खूब गाली-गलौच हुई… और सर के लण्ड पर मुक्के चले, डंडे बरसे … नंगा परेड के लिए निकला गया… देखने लायक था. बैठते ही रीटा की फुद्दी ने फीच्च शीऽऽऽऽऽऽ से पिशाब का शिशकारे की मस्त आवाज सुन बहादुर के लण्ड ने ‘चोद डालो, चोद डालो!’ के नारे लगाने शुरू कर दिये.

दोनों पंजों के बल बैठते हुये मैंने उसके लण्ड को पकड़ कर छेद पर रखकर नीचे को जोर लगाया, सटाक से आधा लण्ड अन्दर सरक गया, धीरे धीरे सरकते हुये मैंने पूरा लण्ड अपनी चूत में ले लिया लेकिन ऊपर उठते हुये मेरी सिसकारी निकल गई.

मुझे ऐसा लग रहा था की राहुल मुझे नहीं मैं राहुल को चोद रही हूँ… मैंने हिलना तेज किया… वो भी नीचे से अपनी गांड उछाल उछाल कर मुझे चोद रहा था. डी बदल दी। उसमें एक लड़का चार औरतो को चोदता है …मैं समझ गया कि ये तीनों भी इसी की तरह चुदवाएँगी।वो तीनों मेरे पास आई और तीनों मिलकर ऊपर से नीचे तक मुझे चाटने लगी. अब दो लोग बचे थे और मेरी चूत की आग अभी भी नहीं बुझी थी लेकिन मैं डोगी स्टाइल में खड़े खड़े थक गई थी इसलिए मैं सीट पर पीठ के बल लेट गई और उन बचे हुए दो लोगों से कहा’ चलो अब तुम दोनों मेरी चूत में बारी बारी से अपना पानी डाल कर चलते बनो.

रीटा पलटी और मुस्कुरा कर बोली- इस में शक ही क्या है, तुम बतलाओ, खेलोगे मुझसे?बेहया रीटा ने बहादुर के खेलने के लिये अपनी शर्ट के सारे को सारे बटन झटके से चटाक चटाक करके खोल कर अपने उरोज़ों को बेशर्मी से आगे उचका कर हिला दिया, तो बहादुर रीटा का पारे सी थरथराती गोलाइयों को देखा तो ठरक से पागल हो गया. कहकर अन्दर डाला !अहह अह्ह्ह बस और अन्दर नहीं !बेबी, अभी तो सिर्फ टोपा गया है … लम्बी लम्बी सांसे लो. मम्मी प्लीज… एक बार चाचा की तरह करने दो ना… सिर्फ़ एक बार!”कर तो लिया था तूने शादी वाली रात… बस अब नहीं…” मैंने कहा.

अब अंकल की आँखों में मुझे एक अजीब सी चमक नज़र आ रही थी और मम्मी की आँखों में एक नशा सा दिखाई दे रहा था.

?बहुत अच्छी लग रही हो ! तुम्हारे इस रूप को हमेशा के लिए अपनी आँखों में बसा लेना चाहता हूँ. मेरा लण्ड पूरी तरह से तैयार था पर वो अभी पूरी तरह से गर्म नहीं थी…मैंने उसकी पेंटी निकाली, उसने भी अपनी झाँट नहीं बनाई थी.

चूत मारने वाला बीएफ वीडियो जिससे उसको आराम लगा तो मौका देख कर दूसरे और तीसरे तेज़ झटके में में पूरा 6 इंच से भी बड़ा लौड़ा उसकी चूत के अंदर कर दिया और उसकी गान्ड की गोलाइयों को मसलते हुवे उसकी जाँघ सहलाने लगा. रानी एकदम बेदम थी… यही तो मैं चाहता था…मगर इतनी देर चुदाई के बाद मेरा लंड भी गर्म हो गया था और चूत में झड़ना चाहता था.

चूत मारने वाला बीएफ वीडियो वी पर स्टार माक्स पर एक इंग्लिश मूवी आ रही थी उसमें हीरो हिरोइन को चूम रहा था। तभी भाभी आ गई, उनको देख कर मैंने एकदम टी. मैंने उसके गले और छाती पर चूमना शुरु कर दिया और मेरा हाथ उसकी स्कर्ट के अंदर जाने लगा.

रणजीत… अपने हाथों से मेरी गांड भी दबाओ… !”मैंने फिर उसके पैर अपने कंधे पर रख लिए और फिर से धक्के देना चालू किया, उसे पैरों को काटता तो कभी चूमता !मेरे धक्कों के उसके स्तन यूं झूलते मानो आंधी में लालटेन !” रणजीत, अपने लौड़े की वर्षा से एक बार फिर मेरे चेहरे को नहला दो, जोर से डालो अन्दर……आअह्ह….

मैरी कॉम बॉक्सर

जब मैं घर के अंदर पहुँचा तो देखा कि घर बहुत ही शानदार है, मैंने नौकरों से तान्या का कमरा पूछा और सीधा कमरे में घुस गया. पूरा लंड अन्दर करने के बाद मैं उसकी चूची चूसने लगा और कुछ देर बिना लंड में कोई हरक़त किये पड़ा रहा. अपने से बड़ी लड़कियों से मेरी दोस्ती थी जिनके दो दो बॉयफ्रेंड थे और चुदवाती भी थीं.

मैंने उसे सोफे के किनारे पर पैर लटका कर बिठाया और मैं नीचे ज़मीन पर घुटनों के बल बैठ गया. उन्हें भी तुम्हारी गांड के किस्से पसंद आये तो मैंने उन्हें आज बुलाया था। घर में सब जा रहे थे तब ही मैंने उन्हें फ़ोन कर के बुला रखा था। मुझे पता था कि तुम शुरू करोगे, वरना मैं ही थोड़ी देर में शुरू कर देता।”मुझे लगा कि मैं बड़ा बेवक़ूफ़ था, यहाँ पर सारे मेरे जैसे ही हैं और मैं बाहर जाने की सोच रहा था।फिर हम सब एक बिस्तर पर लेट गए। मैं दादी का. मैंने अपना दाहिना हाथ अपनी चूत पर फेरते हुए कहा- मुनिया रानी ( चूत का यह नाम कॉलेज की लड़कियों ने रखा था) कल तुझे लंड की प्राप्ति होने वाली है! तैयार हो जा!मैं सुबह थोड़ा जल्दी उठी, अपनी चूत के आस पास के अनचाहे बालों (झांटों) को साफ़ किया, अच्छे से नहा धोकर तैयार हुई, सुन्दर सा सूट पहना और मम्मी से ‘कॉलेज जा रही हूँ’ कहकर घर से निकल पड़ी.

कहानी का पहला भाग : समझदार बहू-1मैंने उसका पजामा जो पहले ही चूतड़ों तक था उसे पूरा उतार दिया और टॉप ऊपर से उतार दिया.

”उनकी बातें छोडो, वो तो हैं ही बेवकूफ!” अनीता दीदी ने नेहा की ब्रा खोल दी और नेहा ने भी हाथ बढ़ा कर दीदी की ब्रा का हुक खोल दिया. मैं उसको देखता ही रहा, उसने टोका- अन्दर नहीं आने दोगे क्या?मैं शरमा कर पीछे हो गया और वो अन्दर आ गई. मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था… मैंने कहा प्लीज़ राहुल मुझे अब लण्ड चाहिए तुम्हारा… अपना लण्ड डालो मेरी बुर में.

यह चुदने की आवाज़ थी … यह आवाज़ योनि और लिंग के संगम की थी …यह आवाज़ एक संगीत तरह मेरे कानों में गूँज रही थी और मैंने अपने लंड की गति बढ़ा दी।आंटी ख़ुशी के मारे जोर जोर से चिल्लाने लगी- चोदो … चोदो … राजा ! चूत मेरी चोदो …यह कहानी कैसी लगी आप को ज़रूर बताइए। आपकी इमेल पर निर्भर करता है कि आगे कहानी लिखूं या नहीं ![emailprotected]. इतने में सुनीता कस्टमर से चुदवाकर बाहर आई। मैंने उसे मौसी ने जो कहा वो बताया तो बोली- बिल्कुल सच है, मुझे यह सब भाने लगा है। साले मूछ पे ताव देने वाले मर्द भी हमारे भोसड़े पे सब कुर्बान करने चले आते हैं. लगभग दस मिनट तक ऐसा करने के बाद हम अलग हुए तो मैंने पूछा- आपकी मम्मी आने वाली होंगी?तो वो बोली- अभी उनका ही फ़ोन था, उनको आने में देर होगी तो हम मज़े कर सकते हैं.

औइ कामिनी!और जैसे ही उसकी ज़बान मेरी चूत पर आई, मैं नशे में उसकी चूत पर गिर पड़ी और उसकी चूत पर प्यार करने लगी और चूसने लगी।हम दोनों की चीखें निकल पड़ी, दोनों के चूतड़ उछल रहे थे।कामिनी मेरे चूतड़ दबा रही थी और अचानक उसकी ज़बान मेरी चूत के छेद में घुस पड़ी तो ऐसा लगा जैसे गरम पिघलता हुआ लोहा मेरी चूत में घुस गया हो, मैं चिल्ला पड़ी उसकी चूत से झूम कर- आ. होली है ही मस्ती का त्यौहार! हर एक के अन्दर की कामुकता को, अन्तर्वासना को बाहर लाने वाला!लोग हाथों में रंग लेकर गालियाँ गाते हैं जैसे :समधन की मेढ़ी पर सुआ बोले.

तुम्हारे इन रस भरे होंठो का एक चुम्बन ही तो मांग रहा हूँ मैं! समझो मैं भीख मांग रहा हूँ।’‘भीख मांगने से कोई फायदा नहीं है, मैं इसके लिए आपको मना करने वाली नहीं!’ और वो मुस्कुरा दी।उसके सफ़ेद दांत उसके सुंदर चेहरे पर और चार चाँद लगते हुए दिखे- ठीक है! लेकिन सिर्फ़ एक ही दूंगी. मनोज मेरे पास आकर मुझसे सट गया और उसका लिंग मुझसे छू गया तो मुझे अहसास हुआ कि वाकई मनोज का तो काफ़ी बड़ा है. यानि चूत पूजा ! मैं एकदम से बोल पड़ा।ठीक है ! यह कह कर आंटी सामने वाले सोफ़े पर टांगें फैला कर बैठ गई।अब उनकी बुर के अंदर का गुलाबी और गीला हिस्सा भी दिख रहा था।मैं पूजा की थाली लेकर आया, सबसे पहले सिन्दूर से आंटी की बुर का तिलक किया, फिर फूल चढ़ाए उनकी चूत पर, उसके बाद मैंने एक लोटा जल चढ़ाया।अंत में दो अगरबत्ती जला कर बुर में खोंस दी और फिर हाथ जोड़ करबुर देवी की जय ! चूत देवी की जय !कहने लगा.

मैंने देर ना करते हुए भाभी का हाथ पकड़ लिया और कहा- जो उस दिन नहीं हो पाया उसे आज पूरा कर लेते हैं.

मेरे होठों से एक सेक्सी सिसकारी निकली आर मैंने दरवाज़े पर ही अपना सारा माल गिरा दिया…मेरे मुँह से निकली सिसकारी थोड़ी तेज़ थी, शायद उन लोगों ने सुन ली थी, मैं जल्दी से आकर अपने कमरे में लेट गया और सोने का नाटक करने लगा. उस रात में 3 बार मरवाई चाची ने 2 बार चूत और एक बार गांड। आजकल भी मौका मिलते ही हम हाथ मार लेते हैं।शायद कुछ लोग मुझे गलत कहेंगे पर कन्यायें और भाभियाँ बताएँ कि मैं क्या करता? जब वो तीनों मुझे खुद ही ऑफर कर रही हैं तो… क्या मैं गलत था ? अपनी राय अवश्य भेज़ें। मैं आपके मेल का इंतज़ार करूँगा।[emailprotected]. मैं सेंटर टेबल पर इस तरह झुकी थी कि वो मेरी चुंचियां अच्छी तरह देख सके… ऐसा ही हुआ… उसकी नजरें मेरी चुन्चियों पर गड़ गयी.

अचानक विनोद अंकल ने मम्मी की कमर दबा कर उन्हें अपने से चिपका लिया और उनका चेहरा मम्मी के चेहरे की तरफ़ बढने लगा. बहादुर के हाथ रीटा की मखमली और कठोर नारंगियों को नोचता बोला- हाय बेबी, तुम तो बिल्कुल बंगाली रसगुल्ला हो.

मम्मी उनका लंड देख कर चौंक गई और बोली- बाप रे! इतना मोटा लौड़ा मेरे लिए?अंकल का लंड आठ इंच लम्बा और चार इंच मोटा था. वो इस काम का मास्टर लग रहा था, पहले से ही मुझे अपने सिकंजे में जकड़ रखा था और मेरे होंठ अपने होंठों में दबा रखे थे. खुद भी लो और मुझे भी लेने दो… !इतना कह कर उसना मेरा हाथ पकड़ लिया, उसका कोमल हाथ गर्म था और आँखें लाल हो रही थी….

किंग गली दिसावर की खबर

वो मुझे मेर मुँह पर यहाँ-वहाँ चूमने की सफल/असफल कोशिश करने लगा… मेरे माथे पर, आँखों और नाक पर, मेरे गालों पर.

अपनी स्पीड मैंने बढ़ा दी थी … उससे बहुत मज़ा आ रहा था … बीस मिनट के बाद वो झड़ी और उसके बाद मैं भी झड़ गया. ”हाँ ऐसे मजा तो आयेगा… देखा नहीं सुमन कैसे चुदवाती है…”मैं बिस्तर से उतर कर उसके पीछे आ गया. बैठते ही रीटा की फुद्दी ने फीच्च शीऽऽऽऽऽऽ से पिशाब का शिशकारे की मस्त आवाज सुन बहादुर के लण्ड ने ‘चोद डालो, चोद डालो!’ के नारे लगाने शुरू कर दिये.

जाते-जाते उसने मुझे एक बहुत लम्बी किस करी और बोली- मैं हर वक़्त तुम्हारे लण्ड का इन्तजार करुँगी. ”कामिनी तुमसे मिलकर गयी थी क्या ?”नही… ये बात नहीं है… उसका फ़ोन आया था… ”हाँ वो दिन को चली गयी थी… ”अब तो साहिल अकेला ही होगा. एक्स एक्स एक्स वीडियो बंगालीमैं खुद जीजू से लिपटने लगी, उनकी शर्ट उतारी, फिर उनकी जींस का बटन खोला और नीचे सरका दी.

अब हम दोनों आमने-सामने थे, उसका लौड़ा तो वापस चूत में घुसा हुआ था, मेरे दोनों बोबे उसकी बलिष्ट छाती से टकरा रहे थे, चूमा-चाटी का सिलसिला अनवरत जारी था, उसने अपने दोनों हाथ मेरी गांड के नीचे टिका रखे थे जिससे वो गांड को सहला रहा था तो कभी कभी उस पर चिकोटी भी काट रहा था, कभी गांड में अंगुली भी कर देता तो मैं उछल जाती. पर आखिरकार वेदांत के पास एक कन्धा तो था जिस पर सर रख वो अपने दुःख बाँट सकता था … वो थी मैं.

मैं तड़प रही थी, उस का लौड़ा पूरी तरह से कस चुका था, उस को भी दर्द हो रही थी लेकिन उसने निकाल कर फिर से डाल दिया. मैं भी बस झड़ने वाला था फिर हम दोनों ने एक-दूसरे को कस के पकड़ किया और फिर अपना अपना पानी एक दूसरे में मिला दिया और उसके बाद हम एक-दूसरे में समा गए. मैंने समलिंगी लड़कियों की भी तस्वीरें देखीं लेकिन मुझको उनमें वो बात नज़र ना आई। भला एक लड़की दूसरी लड़की को क्या सुकून दे सकती है.

फिर सामान्य हो गई… फिर मैंने स्पीड से उसे चोदना शुरू कर दिया वो भी मेरा साथ दे रही थी…. हम टॉयलेट में गए, मुकेश ने कहा- मेरे सामने खड़े होकर पेशाब कर!मैंने अपनी चूत से खड़े खड़े ही पेशाब की धार छोड़ी, मुकेश मेरे सामने खड़ा रह कर मेरी जांघों से बह कर मेरे पेशाब की धार को देख रहा था. आह !इस बार लंड का सुपारा थोडा अन्दर गया तो उसके मुह से एक आःह्ह्ह निकली……फिर थोड़ा जोर लगाया तो दो इंच लंड घुस गया लेकिन उसको दर्द होने लगा…जैसे ही थोड़ा और धक्का लगाया तो वो पैर पटकने लगी, उसकी आँखों से आँसू बहने लगे और कहने लगी- प्लीज़ बाहर निकालो ! मैं मर जाउंगी….

मैं तो तुम्हें बहुत शरीफ समझती थी!’भाभी के ऐसा कहने से मुझे बहुत शरम महसूस हुई और भाभी नहाने चली गई.

फिर मैं खड़ा हुआ और अपना साढ़े सात इंच लम्बा लौड़ा उसकी चूत में घुसाया। ३-4 इंच तो आसानी से घुस गया, फिर उसकी चूत थोड़ी टाइट लगी. उसने शरमाते हुए सर झुकाया और अपनी चूत को हाथों से ढक लिया। उसकी गुलाबी चूत मुझ से कुछ इंच दूर थी, मैंने धीरे से उसके हाथ हटाये और चूत पर मेरे होंठ रख दिए.

”मैंने अपना लौड़ा जैसे ही चाची की चूत पर टिकाया तो यह क्या ! बिना जोर लगाये ऐसे सरक गया अन्दर मानो किसी बैग में डाल दिया हो।और फिर इतनी चिकनाई छोड़ दी थी उन्होंने कि फिसलता हुआ जा रहा था। लेकिन चाची चिल्ला रही थी, वो कह रही थी,” हाईई रे मर गई रे……. कि अचानक फिर वो ही सवाल मेरे कानो में गूंजने लगा…क्या तुम कभी अपनी मम्मी-डैडी से दूर हुई हो. ? एक काम करो… उसको टॉर्चर-रूम में लेकर जाओ… मैं वहीं आती हूँ … और टॉर्चर-रूम का दरवाजा बाहर से बंद करके जाना… मेरे कमरे से वहाँ का जो गुप्त रास्ता है.

जीजू जब भी ससुराल आते तो उनकी जीजी के साथ अलग कमरे में सोने की हसरत पूरी की जाती लेकिन इस बार जब वो आये तो वो हौले से मेरे से बोले- आज रात को कमरे में आ जाना, बात करेंगे. रुक जाओ संजय!’उसने मुझे रोकने का एक असफल प्रयत्न किया और उठ कर खड़ी होने लगी।‘रागिनी, अब बहुत देर हो चुकी है. ‘बहुत जोर मार रहा है ना, ला मैं इसका रस निकाल दूँ!’कह कर भाभी लपक कर मेरे ऊपर गाण्ड को मेरी तरफ़ करके चढ़ गई और मेरे लण्ड को जोर जोर से मुठ मारने लगी, फिर उसे अपने मुख में ले लिया.

चूत मारने वाला बीएफ वीडियो उसने इतनी जोर से मेरी पेंटी को खींचा कि वो फट गई पर सब कुछ भूल के वो बस मेरी चूत सहलाने में लगा था … मैं तो मज़े से मरी ही जा रही थी … झड़ने ही वाली थी कि उसे दूर धकेला … झट से नीचे उतर कर उसके लौड़े को अपने मुँह में ले लिया. मैंने एकदम से पल्टी ली और उसको नीचे दबा लिया और एक हाथ से उसके एक मोमे को कस कर दबाने लगा और दूसरे को चूसते हुए नीचे कपड़ों के ऊपर से ही लन्ड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा.

छोटी बच्ची के सेक्सी

वहाँ एक नीग्रो एक गोरी लड़की के चूचे बेरहमी से खा रहा था और उसकी गाण्ड में लण्ड घुसाने की कोशिश कर रहा था. धप्प…धीरे-धीरे… इंच-दर-इंच मेरा पूरा लंड उसकी लसलसाई चूत में समा गया… जड़ तक समा गया…. करीब आधा घंटा की चुदाई के बाद अब वो अकड़ने लगी और अब मैं भी झड़ने वाला था। दस पन्द्रह झटकों के बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गए।उसके बाद मैंने उसे कई तरीकों से चोदा, वो फिर कभी बताऊंगा….

कितने दिनों के बाद मिली तू!दोनों सहेलियाँ एक दूसरे से बात करती रही और मैं रागिनी को देख रहा था. प्रिया फटाफट से खोल ! अब रहा नही जा रहा है।क्या खोलूँ राजा?मैंने कहा- फिलहाल तो सिर्फ़ बोतल खोल, बाकी तो मैं संभाल लूँगा…उसने बड़े ज़ोर से मुझे कोहनी मारी और कहा- बदमाश कहीं के !उसने बीयर की बोतल खोली, एक ग्लास भरा और दूसरा ग्लास लेने के लिए बोतल अपने टाँगों के बीच में रखी. रंडी खाना का नंबरजहाँ सिग्नल थोड़ा ठीक था।सोनिया- हेल्लो… हेल्लो… कोई है क्या?समीर- मैडम, मैं समीर !सोनिया- समीर, कहाँ थे तुम लोग… मैं कब से सिग्नल दे रही हू… तुम्हारी तरफ से कोई भी जवाब नहीं आ रहा था।समीर- सॉरी मैडम, यहाँ पर सिग्नल की परेशानी थी।सोनिया- हाँ, जल्दी से यहाँ आ जाओ ! मुस्तफा यहीं पर है और मैंने उसको बेहोश कर दिया है… जल्दी से यहाँ पहुँचो बाकी लोगों को लेकर.

कॉम पर यह मेरी पहली कहानी है। यह कहानी सस्पेंस, थ्रिलर, एक्शन और गर्म कहानी है।तो शुरू करते हैं….

अब वो मेरे पैर की तरफ सर करके लेट गई और मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी और मैं उसकी चूत चाटने लगा, मतलब हम अब 69 तरीके में थे. वो बोला- जानेमन, अभी तो पूरा अन्दर भी नहीं गया…और तुम अभी से…?मैंने कहा- नहीं और नहीं… मेरी चूत फट जाएगी…उसने कहा- ठीक है, इतना ही सही…और फिर वो मेरे होंठों को चूमने लगा…मैं भी उसका साथ देने लगी…फिर वो आधे लण्ड को ही अन्दर-बाहर करने लगा, मेरा दर्द कम होता जा रहा था.

चित्रा को सब पता था इसलिए वो चली गई और फिर मैं और दीदी उसके बाद बाथरूम में जाकर एक-दूसरे को साफ करने लगे. वो तो पागलों की तरह हाथों से मेरे शरीर पर नाखून मारने लगी और मेरे अंडरवीयर में हाथ डाल के मेरे लंड को दबाने लगी. हम दोनों लगभग दो घण्टे तक अलग ही घूमते रहे और उसके बाद हम धर्मशाला में वापिस आ गए.

वैसे तो मैं कई सालों से अपने आपको को ऐसा मानता था पर यह बात मेरे इन्जीनियरिंग के पहले साल की है जब मेरा दाखिला बंगलौर में हो गया तो मेरे पापा ने मुझे जयपुर से बंगलौर भेज दिया.

जीजू कहने लगे- मेरी जान! कब से इस मौके का इंतजार कर रहा हूँ, आज मैंने तुम्हारी दीदी को नींद की गोलियाँ दे दी हैं और वो सुबह तक नहीं उठेगी. ‘नहीं मैम… नहीं… मुझे छोड़ दो मैम… ‘‘ रोहित… चुप चाप मेरी बात मानो… ‘ मैंने अपनी गीली चूत उसके होटों पर घिसनी चालू कर दी…वो इधर उधर होने लगा… उसके मुंह पर मेरी चूत की चिकनाई फ़ैल गई थी. तो यह बात है… रश्मि। यही तो मैं सोच रहा था कि तुम्हारे जैसी बला की खूबसूरत लड़की इतनी आसानी से कैसे तैयार हो गई।खैर मैंने रश्मि से कहा- चलो, आज मैं तुम्हारी अतृप्त वासना की इच्छा पूरी करता हूँ।अगली कड़ी में समाप्य !.

हिंदी ब्लू फिल्म बताइएरीटा ने शर्ट के अंदर कुछ भी नहीं पहन रखा था और उस नवयौवना की आवारा रसभरी छातियों की गोलाइयाँ व कटाव सरेआम नुमाया हो रही थी. क्योंकि अब मैं पूरे लण्ड का मजा ले रही थी जो मेरी चूत के बीचों-बीच अन्दर-बाहर हो रहा था…उसका लण्ड मेरी चूत में जहाँ तक घुस रहा था वहाँ तक आज तक किसी का लण्ड नहीं पहुँचा था.

सटका मटका न्यू गोल्डन ओपन

। सोरी मैम… ‘मैंने उसे गले लगा लिया। उसकी चुदाई से मैं गहराई तक सन्तुष्ट हो गई। महिमा भी मुझ से लिपट गई,’रोहित… तू तो ही-मैन है रे… मज़ा आ गया. अब मेरे जिस्म पर वो हक़ ज़माने लगा, कभी मेरे चूचे मसलता, कभी मेरे मुँह में हाथ डाल देता. मेरा लंड लुंगी के बाहर झांकना चाह रहा था…चिकनी पीठ मानो मक्खन जैसे…घुटने और पिंडलियाँ… यौवन की मलिका.

उसने फ़िर बताना शुरू किया कि आज कल बहुत कुछ बदल गया है ऊपर के प्रबंधन में… मैं भेजता हूँ तो फ़िर मेरे बॉस फैसला करते हैं कि कितनी वृद्धि देनी है…. उसने मुझसे पूछा कि मेरी कोई गर्ल फ्रेंड है क्या?मैंने मना कर दिया तो वो चौंक कर बोली- मैं यह बात नहीं मान सकती! आजकल कोई लड़का इतना शरीफ नहीं हो सकता!मैंने फिर मना किया तो वो बोली- क्या कभी किसी लड़की को किस किया है?मैं उसकी बात सुन कर हैरान रह गया क्योंकि वो पहली बार मुझसे इस तरह से बात कर रही थी. मेरी सेक्स कहानी का पहला भाग :सिमरन मैडम गोवा में-1मैंने कहा- साइज़ तो चेक कर लो!वो मुझसे शरमा रही थी… मेरे बहुत मनाने पर वो बाथरूम में गई और पहन लिया पर मेरे सामने आ नहीं रही थी…मैंने कहा- तब मैं दूसरा कमरा ले लेता हूँ.

उसमें से एक मुझे काफी सुन्दर लड़की की प्रोफाइल में उसका फोटो दिखा, शायद शादी के पहले का फोटो था. यहाँ कोई देख लेगा तो लोग बातें बनाएँगे,उसने कहा- फिर आप बताओ कि कहाँ जाना है, मुझे तो कुछ पता ही नहीं है ऐसी जगह के बारे में. वो भी फिर से मस्ती में आने लगी और कहने लगी- बहुत मजा आ रहा है और जोर से चूस… काट कर खा जा बस!मैंने उसके कहने के साथ ही उसके निप्प्ल को हल्के से काट लिया.

मेरी शादी हुए दो साल हो चुके हैं। मेरी पढ़ाई बीच में ही रुक गई थी। मेरे पति बहुत ही अच्छे हैं, वो मेरी हर इच्छा को ध्यान में रखते हैं। मेरी पढ़ाई की इच्छा के कारण मेरे पति ने मुझे कॉलेज में फिर से प्रवेश दिला दिया था। उन्हें मेरे वास्तविक इरादों का पता नहीं था कि इस बहाने मैं नए मित्र बनाना चाहती हूँ। मैं कॉलेज में एडमिशन लेकर बहुत खुश हूँ। मेरे पति बी. बात यह है कि…’‘अरे बोल ना! शरमा क्यों रहा है?’‘चाची… बात यह है कि जब से मैंने तुम्हारे होंठों का रस चखा है मेरी रातों की नींद उड़ गई है.

रात को मेरे ख़यालों में सिर्फ चित्रा और उसके चूचे घूम रहे थे और हाथ अपने आप पैंट के अंदर जा रहा था.

वो गर्म हो चुकी थी और उसके मुँह से उह्ह… आअह्ह… ऊह्ह्ह… ह्ह… निकल रहा था… फिर मैंने उसे लण्ड मुँह में लेने को कहा तो उसने मना कर दिया. ब्लू पिक्चर के चित्रअब तो सुधीर और मेरी प्यार की कहानी आगे बढ़ने लगी… और फिर प्यार के अन्तरंग माहौल में हम दोनों उतरने लगे… मेरी फिर से चुदाई चालू हो गई… मेरे जिस्म को फिर से एक तन मिल गया था भोगने के लिये…[emailprotected]. हिंदी पॉर्न व्हिडीओअब हम दोनों आमने-सामने थे, उसका लौड़ा तो वापस चूत में घुसा हुआ था, मेरे दोनों बोबे उसकी बलिष्ट छाती से टकरा रहे थे, चूमा-चाटी का सिलसिला अनवरत जारी था, उसने अपने दोनों हाथ मेरी गांड के नीचे टिका रखे थे जिससे वो गांड को सहला रहा था तो कभी कभी उस पर चिकोटी भी काट रहा था, कभी गांड में अंगुली भी कर देता तो मैं उछल जाती. तो मैंने कहा- तू कुछ भी करे तो ठीक ! और मैं तुमको प्यार करना चाहता हूँ तो तुमको गलत लगता है…….

मैंने उससे खुलने के लिए सामने आकर पूछा- कहाँ गई थी?तो उसने सर झुका कर जवाब दिया- कुछ सामान लाना था.

और वापस उसका लंड हाथ में पकड़ कर हिलाते हुए चूसने लगी। मैं जमीन पे घुटनों के बल झुकी थी और बॉस का लंड चूस रही थी…इतने में राहुल ने मेरी चूत मसलनी शुरू की…हम सब चुपचाप अपने अपने काम में मस्त थे… फ़िर वो झुक कर मेरी चूत चाटने लगा…. मैंने कहा- यहाँ सबसे अच्छी जगह है बिल्डिंग की सीढ़ियों में जहाँ कोई नहीं आता क्योंकि सब लिफ्ट प्रयोग करते हैं. बहादुर ने एक मोटी और खुरदरी उंगली रीटा की गीली चूत में पिरो दी तो रीटा की छोटी छोटी मुट्ठियाँ चादर पर कस गई- सीऽऽऽऽ आहऽऽऽ! ये क्या कर रहे हो बहादुर सीऽऽऽऽ आहऽऽऽ!बहादुर रीटा की चूत में उंगली घुमाता और छोकरी की चूत का जायजा लेता बोला- बेबी, लगता है तुम काफी खेली खाई हो.

यही तो कमाल है जवान लौंडों का। अगर झड़ते जल्दी हैं तो तैयार भी कितनी जल्दी हो जाते हैं। मैं उसे हाथ में लेकर मसलने लगी तो मिट्ठू ने मेरी निप्पल को दांतों से काट लिया। आईई ……” मेरे मुंह से हलकी सी किलकारी निकल गई।हटो परे. मैं बार बार उसके गाऊन में से उसके मम्मे देखने की कोशिश में लगा था। उसका ध्यान भी इस तरफ चला गया और वो मुस्कुराती हुई बोली- क्या बात है पाटिल जी…? आपकी नीयत कुछ गलत लग रही है आज…?मैं भी दारू के नशे में ज़रा बिंदास हो चला था इसलिए बोल पड़ा- अरे यार, तुम चीज़ ही ऐसी हो. वो मेरा सारा माल पी गई।फिर हमने एक बार और चूत चुदाई का खेल खेला और वापस आ गए!अब मैं जब भी गाँव जाता हूँ तो रीना को अलग अलग तरीकों से चोदता हूँ जिस से उसे भी खूब मजा आता है!आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करें।[emailprotected].

ना चौधरी का डांस

इतने में दीदी दो बार झड़ गई, मैं भी झड़ने वाला था इसलिए मैंने धक्के मारना तेज़ कर दिया. फिर हम लोग एक गोला बना कर खड़े हो गए। इस बार मैं अपनी दादी का और दादी मेरी मम्मी की गांड मार रही थी। मेरी मम्मी अपनी साली की और उनकी साली यानी मेरी मामी मेरी चाची की गांड मारने के लिए तैयार थी।क्या नजारा था. उसे देख कर भाभी ने कहा- देखो, कैसे मासूम लग रहा है!उन्होंने नीचे देखा… उनकी चूत फ़ूल गई थी, उन्होंने हाथ लगाया और सिहर उठी- देखो, क्या हालत की तुमने… छोटी सी थी.

सिपाही कमरे में घुसा और कमरा तलाशने लगा, मेरे पास आया और सर झुका कर कहने लगा- क्षमा कीजिए महारानी जी ! यहाँ कोई नहीं है.

मैं तड़प उठी…मैंने अपने हाथ से एक लण्ड छोड़ राजा के हाथ पर हाथ रख दिया और जोर-जोर से भींचने लगी.

?देता क्यों नहीं…!!! किस्मत वालों को मुझसे काम करवाने का मौका मिलता है और तू अपने ही ख्यालों में खोया है…!!!वेदांत : तू कभी अपने मम्मी-दादी से दूर हुई है…. एक बार मैं रात को अपने ही घर के पास घूम रहा था, तभी एक लड़की मेरे साइड से निकल कर गई, तब मेरे मन में क्या हुआ कि मैं उसके पीछे पीछे जाने लगा, दो तीन बार मुझे भी लगा कि वो लड़की लाइन दे रही है इसलिए मैं रुका नहीं और उसके पीछे पीछे जाता रहा. ब्लू सेक्सी देसीमुझे उसकी आवाजें सुनकर बहुत मजा आने लगा, मैंने और स्पीड बढ़ा दी।उसकी भाभी मुझे चूम रही थी और रक्षिता के स्तन दबा रही थी।मैंने दूसरी बार दो लड़कियों की चुदाई की थी जिसमें मुझे काफी मजा आया।इस चुदाई में मुझे पहले से ज्यादा मजा आया।रक्षिता की चुदाई होने के बाद भाभी बोली- रोहित, तेरे भैया तो मेरी गांड मारते नहीं हैं! तू ही मार दे.

पर रात को वो मेरी चूत से ले कर गाण्ड तक चोद देते हैं, मुझे भी बहुत आनन्द आता है उनकी इस प्यार भरी चुदाई से. उसने अपनी बनियान जल्दी से उतार फ़ेंकी, मेरी टी शर्ट भी वो ऊपर खींचने लगे…‘नहीं करो जीजू… बस ना…!’ पर उन्होंने एक नहीं सुनी और मेरी टीशर्ट खींच कर उतार ही दी. ओह छोड़ ना, तू मुझे बिल्कुल मत छूना, वर्ना पिट जायेगा!उनकी धमकी से मैं डर गया और उनसे छिटक गया.

रात को जैसे ही अलार्म बजा, मैं उठ गया और अपने रात के पहने हुए कपड़े उतार कर सिर्फ अंडरवियर और बनियान में भाभी के कमरे की तरफ चल दिया. लेखिका : वृंदामुझे अपने टांगों के बीच कुछ रिसता हुआ सा महसूस हो रहा था… मेरी अन्तर्वासना मुझे सारी हदें भूल जाने को कह रही थी.

यहाँ बाहर मेरी हालत ऐसी हो रही थी जैसे मैं तेज़ धूप में खडा हूँ, मैं पसीने पसीने हो गया था और मेरे लंड की तो बात ही मत करो एक दम खड़ा होकर सलामी दे रहा था.

‘हाय, म्हारी बाई रे… यो तो मन्ने मस्त मारी देगो रे… ‘ उसे मसल कर उसने मेरे लण्ड की खूबसूरती को निहारा और अपनी चूत की दरार पर घिसने लगी. करीब आधा घंटा की चुदाई के बाद अब वो अकड़ने लगी और अब मैं भी झड़ने वाला था। दस पन्द्रह झटकों के बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गए।उसके बाद मैंने उसे कई तरीकों से चोदा, वो फिर कभी बताऊंगा…. [emailprotected]और मेरी जान राज को भी जरूर बताना की यह कहानी आप सभी को कैसी लगी[emailprotected]1815.

देवर भाभी का हॉट सेक्सी वीडियो तभी अचानक मैंने देखा कि अनीता दीदी ने नेहा की टी-शर्ट के अन्दर अपना हाथ डाल दिया और उसकी चूचियों को पकड़ लिया और धीरे धीरे सहलाने लगी. उसका लंड भी तो निचुड़ जाता है, उसे चूस कर ही छोड़ती है यह चूत…तो ऐसी ही खूबसूरत प्यासी चूत मेरी भी है.

आगे क्या हुआ ???क्या उस दिन मैं पूरी तरह से औरत बन पाई?इसके बाद क्या हुआ जानने के लिए इंतज़ार करें अगले भाग का !!आपकी राय का इंतज़ार है !. ताकि उसका दर्द थोड़ा कम हो जाए और उसकी चूत को मेरे मोटे और लंबे लंड की आदत हो जाए।थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ. ५ इंच तो जरूर होगा !और सुपाड़ा ?वो तो लाल टमाटर की तरह है !अच्छा तेल लगा लो और फिर मुट्ठ मारो !ठीक अभी लाता हूँ !दोनों हाथों से मार रहे हो या एक ही हाथ से काम चला रहे हो ?एक हाथ में तो मोबाइल पकड़ रखा है !क्या तुमने कसम खा रखी है दिमाग से काम नहीं लोगे ? एक नम्बर के लोल हो तुम मैंने कहा था ना ?ओह ….

सेक्सी फिल्म फुल एचडी अंग्रेजी

अब मुझसे टांग मोड़ी नहीं जा रही थी, एक बार बैठने के बाद खड़े होने में तकलीफ होती, सुबह स्कूल के लिए तैयार होने में भी बहुत परेशानी हो रही थी, जैसे कैसे मैं तैयार हो घर से बाहर निकली, वेदांत बस्ता और पानी की बोतल लिए दरवाजे के पास ही खड़ा था. सिंह अंकल मेरे ऊपर आ गये और अपना लण्ड मेरी चूत के ऊपर रख कर धीरे धीरे से अन्दर डाल दिया और फिर अन्दर बाहर करने लगे और झड़ गए।फ़िर राठौड़ अंकल ने मुझे अपने नीचे लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आकर मेरी चूत चोदने लगे. ”मैंने आंखें बंद कर ली और कह डाला,”आई लव यू !”और उसने बहुत ही सहजता से जवाब दिया,”मैं भी !”और इस बार मैंने पहला कदम उठाया.

पर मैंने अपनी बात कहनी जारी रखी : तरकीब यह है कि हम दोनों एक ही कॉपी पर दो कवर चढ़ाएंगे एक पर तेरा नाम होगा और दूसरे पर मेरा. रीटा के लम्बे लम्बे नाखून बहादुर की पीठ में धन्से हुए थे और बहादुर रीटा को उछल उछल सरकारी साण्ड की तरह चौदा मार कर रौंद रहा था.

मेरी शादी हुए दो साल हो चुके हैं। मेरी पढ़ाई बीच में ही रुक गई थी। मेरे पति बहुत ही अच्छे हैं, वो मेरी हर इच्छा को ध्यान में रखते हैं। मेरी पढ़ाई की इच्छा के कारण मेरे पति ने मुझे कॉलेज में फिर से प्रवेश दिला दिया था। उन्हें मेरे वास्तविक इरादों का पता नहीं था कि इस बहाने मैं नए मित्र बनाना चाहती हूँ। मैं कॉलेज में एडमिशन लेकर बहुत खुश हूँ। मेरे पति बी.

रात को करीब 11 बजे दरवाजे की घण्टी बजी और जब मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि ज्योति नशे में थी और उसके साथ एक लड़का खड़ा था. अन्तर्वासना पर अपनी चुदाई के एक एक किस्से को बताने जा रही हूँ जिस का आगाज़ मैं अपनी सब से पहली डेट पर हुई चुदाई के साथ करने लगी हूँ. मेरी राजदार थी वो, मैं उसे हमेशा साथ ही रखना चाहती थी, सो मैंने उसे अपने पास अपनी सहायता के लिये रख लिया था.

उन्होंने कहा- अब देर मत कर और मेरी जवानी की प्यास बुझा दे!तो मैंने अपने लंड का टोपा उनकी दोनों टांगो के बीच के गुलाबी छेद पर रख दिया. ये गरम आइसक्रीम सच में है तो मुँह में लेने के लिए ही…मैं- विश्रांती तो ले लो ना इसे…फिर विश्रांती प्यार से मेरे लंड को चूसने लगी…. मैं थोड़ा डर गया मगर भाभी की मर्ज़ी देख मेरा भी डर निकल गया और हम एक दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे क्योंकि शाम का समय था और पार्क इतने बड़ा है कि हमें कोई भी देख नहीं सकता था इसलिए मैंने अपनी पैंट की ज़िप खोल कर अपना लण्ड बाहर निकल लिया और भाभी को उसे चूसने को कहा.

मैं समझ गया और उसको बाहों में लेकर एक प्यारा सा किस किया और समझाया कि यह सब जरूरत है, आपने कुछ गलत काम नहीं किया है.

चूत मारने वाला बीएफ वीडियो: मैंने गांड फैला कर उसके छिद्र में थूका और ऊँगली को घुमाते हुए धीरे धीरे ऊँगली अन्दर करने लगा। आधी ऊँगली अन्दर जाते ही उसने कहा. वो मुझे आज तक पता नहीं चला कि जब लड़के युवा होते हैं तो उनके साथ क्या विचित्र होता है…???खैर.

’आलोक बीयर गिलास में डालते हुए पूछने लगा,’नताशा जी, आपके पति कहाँ हैं?’‘अपने काम पर!’उसने मुझे गौर से देखते हुए कहा…’आपकी हँसी बहुत ही सेक्सी और कातिलाना है!’मैंने कहा,’अच्छा??’‘कसम से! नताशा जी… आप किसी फिल्म एक्ट्रेस से कम नहीं हैं. वोह………कुछ देर वैसे ही रहने के बाद मैं धीरे धीरे अपने लंड आगे पीछे कर उसे चोदने लगा, थोड़ी देर बाद उसे भी आनंद आने लगा. कॉलेज में ज्यादातर लड़कियाँ अपनी स्कूटर या कार से आती जाती थीं, मैं और तीन चार अन्य लड़कियाँ ही सिटी बस से कॉलेज आती जाती थीं.

उसकी चूचियाँ एकदम झक्कस थी…मैं उसकी चूचियों को दबा रहा था, उसकी सेक्स करने की इच्छा बढ़ती जा रही थी क्योंकि वो अपनी उंगली बार बार चूत में डालने की कोशिश कर रही थी.

भाभी मुझे धकेल रही थी लेकिन उन्होंने मेरा लंड नहीं छोड़ा…मैंने अब उनके पैर फैला दिये, मुँह जांघों के बीच रखा और चूमा…आआअ अहहछ. चूत अब गीली होने लगी थी, मुझे मेरी बेबसी पर तरस आने लगा कि आखिर मेरी चूत इतनी जल्दी हथियार क्या डाल देती है. अक्सर ऐसे में रशेज़ या दाने और खुजली जैसी परेशानियाँ होती हैं इसीलिए वो जगह हमेशा साफ़ रखना.