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मैं भी आहें भर रही थी ‘आह आह्ह सुहास!’कुछ देर चूसने के बाद मेरे चूचे एकदम लाल हो चुके थे और मेरी चूचियों के निप्पल भी बिल्कुल टाइट हो गए थे. वह सेक्सीमुझे तो उसकी हामी जानकर लगा कि ना जाने वो कब से इस बात के लिए तैयार थी.

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उसकी टांगों को अच्छी तरह से पकड़ा और धीरे-धीरे उसकी चूत में लंड को धकेलने लगा.आलिया- और जोर से चोद राज, कल रात से भाभी तुम्हारा लंड लेने के लिए तरस रही हैं.

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मामी की वजह से पापा दूसरे कमरे में सोते थे।कमरे में एक सिंगल बेड था जिस पर मामा और उनका बेटा सोते थे और नीचे मैं, मेरा छोटा भाई फिर मम्मी और दूसरे कोने में मामी सोते थे।कुछ दिन तक सब ऐसे ही सामान्य चलता रहा।एक रात मैं किसी वजह से सोने में लेट हो गया और जब मैं सोने वाले कमरे में पहुंचा तो देखा सब लोग सोए हुए थे.टीचर होने की वजह से मेरे मुँह से अपने आप ही निकल गया- स्कूल क्यों नहीं आये आज?वह अपनी माँ की तरफ देखने लगा.

उसकी मोटी मोटी चूचियां और बड़ी सी गांड देख कर तो में पागल हो गया था. हिंदी बीएफ बीएफ हिंदी हिंदी बीएफ एक कोने में मेरा भाई सोया हुआ था, फिर मम्मी और फिर मामी सोई हुई थी और मामीजान के साइड में थोड़ी जगह बची हुई थी तो मैं वहीं लेट गया.

मैंने एक पल उन मम्मों की खूबसूरती को निहारा और झट से एक दूध को मुँह में रख कर जोर जोर से चूसने लगा.

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जब भी हम दोनों को मौका मिलता हम एक दूसरे को खूब टूट कर प्यार करते थे. मेरी कहानियाँ मेरे जीवन की सच्ची घटना है, यह कोई कल्पित घटना नहीं है।मेरी पिछली कहानीगांड मरवाने का पहला अहसासपर मुझे आपके ढेरों मेल मिले, मुझे बहुत अच्छा लगा। पहले तो उन सभी दोस्तों से माफ़ी चाहती हूँ जिनके मेल का जवाब नहीं दे सकी। कुछ लड़कों के मुझे सेक्स के ऑफर भी आये. मेरा साइज देखने में ऐसा लगता है जैसे मैं खाते पीते घर की लुगाई हूँ.

फिर कुछ टाइम के बाद वो थक गयी, तो मैं सीधा लेट गया ओर उसको अपने लंड के ऊपर बैठा लिया. दस बीस धक्कों के बाद मेरे लंड ने भाभी की गांड में जगह बना ली थी, जिससे उसको भी दर्द होना कम हो गया था. उसके बाद उसने मुझे रोका- प्लीज, यहां नहीं … कोई देख लेगा।मैंने उसकी बात मान ली.

अब रवि के पास एक ही रास्ता था कि या तो वो अपना ट्रान्सफर करा ले!पर ऐसी स्थिति में रवीना तो उसे जिन्दगी भर ब्लैक मेल करेगी. मेरी जीभ ने जैसे ही उसके लंड के सुपारे को टच किया, उसकी सिसकारी निकल गई. अब तो भैया अपनी गांड उठा कर दीदी का सर पकड़े हुए थे और पूरा लंड जैसे दीदी के मुँह में घुसा देंगे, ऐसी पोजीशन में आ गए थे.

एक दो बार मेरे चूतड़ों को दबा कर देखने के बाद उसने पूछा- और एक्सरसाइज़ करनी है क्या?मैंने कहा- बस लास्ट सेट चेस्ट का मारना है. एक महीने पहले बंध्या मेरे साथ चित्रकूट दर्शन के लिए गई थी, तब तक मैं उसे अपनी बेटी की तरह मानता था.

अब मैं अपनी दोस्त के यहाँ आ गई हूँ, आप बिल्कुल चिंता मत कीजिये।और फ़ोन काट दिया।इतने में वो मेरी भावना को समझ गए और मेरा बैग लेकर चल दिये.

पर सिल्क ने मेरे सीने पे हाथ रख कर मुझे पीछे धकेला और कहा- जाओ फ्रेश हो लो.

मेरी कहानीमेरे भैया मेरी चूत के सैय्यांको आप लोगों ने पसंद किया उसके लिए आप सभी का धन्यवाद. जैसे ही मैंने खाना पैक करने की सोचा, उनकी आवाज आई कि मल्लिका सुनो … मेरा और अपना खाना यहीं ले आओ … साथ में ही खाते हैं. और एकाएक एक जोर का झटका दिया जिससे मेरा 7″ का लंड आधा उसकी चूत में घुस गया.

मेरे माथे पर चुम्मी लेकर वो हटने ही वाले थे कि मैं उनकी गर्दन में लटक गयी. खैर … अगर वो हमारी उम्र के भी होते, तब भी हमारा व्यवहार वैसा ही होता जैसा उनके साथ था, रूखा और काम से काम रखने वाला. पता नहीं क्यों … जब वो पलंग से उतरी तो मैंने उसके चादर खींच ली और उसको वैसे ही नग्न बाथरूम जाने को कहा.

फिर से मैंने अपना लंड प्रतीक्षा की चूत बिना निकाले पूरा बाहर खींच लिया और एक और जोरदार धक्के के साथ अपना लंड प्रतीक्षा की चूत में पेल दिया तो मुझे महसूस हुआ कि मेरे पोते प्रतीक्षा की गांड वाले छेद से टकरा रहे थे.

फिर एकदम नीचे बैठ गई और मेरी फ्रेंची को नीचे करके लंड को मुंह में भर लिया. मैं बोली- अच्छा तो बाबू कल वाली बात किसी को बताएगा तो नहीं न!आदी- नहीं. नीचे आते ही आरती बोली- बहुत टाइम लग गया हेलमेट लाने में?मैंने कहा- क्या करता, हेलमेट मिल ही नहीं रहा था.

कुछ समय बाद प्रिया ने मेरी रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली और उससे बातें होने लगी. उसे ऐसे देख कर सतीश ने कहा- कोई बात नहीं प्रियंका डार्लिंग, कल का नंबर तेरा लगा देंगे. आप उसकी इस देहयष्टि से अनुमान लगा सकते हैं कि अलका एक ऐसी महिला थी जिसको देख कर किसी भी मर्द का लंड फड़फड़ा कर खड़ा हो जाए.

”प्लीज अंकल, प्लीज मान भी जाओ न … क्यों लड़कियों की तरह नखरे दिखा रहे हो?”क्यों तुमने किसी मर्द का अभी तक देखा नहीं है क्या?”प्लीज अंकल दिखा दो न … देखे तो बहुत हैं … रेल से गुजरते समय रेल लाइन के किनारे सड़क किनारे … कितने गिनाऊं … पर मैं अभी हाथ में लेकर महसूस करना चाहती हूँ.

उस दिन बारिश हो रही थी और मेरे तीनों अंडरवियर गीले थे, तो मैं बिना अंडरवियर के ढीला सा नेकर पहने हुए लेटा था. वैसे भी यहां पर एक रूल था कि कोई भी अपने कमरे का दरवाजा अन्दर से लॉक नहीं कर सकता था.

हिंदी बीएफ बीएफ हिंदी हिंदी बीएफ चाची के काफी पास आकर मैंने उनसे पूछा- क्या हुआ चाची?चाची एकदम से हड़बड़ा गईं और ‘कुछ नहीं …’ बोल कर पलट कर चलने को कहने लगीं. अब हम दोनों एक पति पत्नी के रूप में अपने रिलेशन को आगे बढ़ा रहे हैं और अलग अलग शहरों में जाकर साथ में रहते हैं.

हिंदी बीएफ बीएफ हिंदी हिंदी बीएफ कुछ समय बाद प्रिया ने मेरी रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली और उससे बातें होने लगी. तमाम जाँचों के बाद डॉक्टर ने बताया कि दोनों की रिपोर्ट्स ठीक हैं, कोई दिक्कत नहीं है, मनोज के स्पर्म काउण्ट कुछ कम हैं लेकिन चिन्ता की बात नहीं है, हाँ थोड़ा समय लग सकता है.

सबको गांड ही चाहिए साला … मेरी इतनी बड़ी गांड हो गई है कि मैं जीन्स नहीं पहन पाती हूँ.

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फिर दीदी ने नीचे घुटने के बल बैठकर मेरे पेन्ट को निकाला और इस काम में मैंने भी उनकी मदद की. ”धन्य हो आंटी!” कहकर मैं चला आया और डिलीवरी के दिन तक उसको आंटी के होते हुए जी भर कर चोदा. सर का कुछ दिन पहले तलाक हो चुका था, तो वो भी लंड की प्यास से परेशान थे.

उस दिन चित्रकूट में जब वह अपने बॉयफ्रेंड अशीष से बात कर रही थी तो उसने मुझे सोता हुआ पाकर फोन में ही खुलेआम अपनी चूत चुदवाने की सेक्सी बातें करना शुरू कर दिया. उसकी चूचियां ज्यादा बड़ी तो नहीं थी मगर उसकी फिट ड्रेस में अलग से शेप में दिखाई दे रही थीं. मेरी इजाजत के बिना ही विशाल ने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरे होंठों को चूसने लगा.

अब बारी मेरी किलकारी की थी- आह आह्हः आअह्ह उफ्फ सिल्क ऐसे ही!उसके हाथ मेरे गोटियों से खेल रहे थे.

कुछ देर तक जेठजी की सांसें महसूस करने के बाद … या यूं कहूं कि जेठजी के पहल का इंतजार करने के बाद मैंने फिर से अपना सर झुका लिया. बहुत देर के बाद विमला आयी और उसी जगह जगह खड़ी होकर इधर उधर देखने लगी. मतलब इस घटना के 5-6 दिन पहले से घर में सिर्फ मैं और मेरे जेठजी ही थे.

बेबी रानी का मुंह तो गुड्डी की चूत में चिपका हुआ था इसलिए उसके गले से घूं … घूं … घूं के सिवा कोई ध्वनि नहीं निकल पा रही थी. और वो कहता था- तेरी बीवी से गले मिल कर मज़ा आ जाए।क्योंकि मुझे भरी भरी औरतें पसंद हैं और शीराज को स्लिम और ब्यूटीफुल औरतें पसंद है।मेरी बीवी को भी शीराज पसंद था. उधर लंड चुसवा कर उग्र हो चुका हसन परमीत को चोदने के लिए पोजीशन बनाने लगा.

उससे फ़ोन पर तो मेरी रोज़ बात हो ही रही थी, तो उसकी चिंता भी साफ़ झलक रही थी. मेरे हाथ के स्पर्श से वो भी गर्म होने लगी थी तो उसने अपनी जांघें थोड़ी और खोल दी ताकि मेरा हाथ उसकी चूत तक पहुँच सकें.

करीब 6 या 7 दिन बाद अंकल का फोन आया- गोविंद घर पर आ जा, मुझे तुझसे कुछ बात करनी है. और उसने मोनू के लौड़े के रस को अपनी दो उँगलियों से चेहरे पर पूरी तरह से लगा दिया. [emailprotected]कहानी का अगला भाग:अनाड़ी का चोदना चूत का सत्यानाश-2.

मैंने नीचे उसकी चुत पर लंड घिसना जारी रखा और ऊपर मम्मों को मसलना भी चालू रखा.

कुछ देर पैर दबाने के बाद रजत ने कपड़े ऊपर करने का कहा, तो मैंने खुद ही कपड़ों को जांघों तक उठा दिया. सिल्क- आह्ह् रु…रुको!पर अब तो मेरा दिल मान ही नहीं रहा था … मैंने उसको गोद में उठाया और नर्म बिस्तर पे पटक दिया. ऐसे ही रात के 12 बज चुके थे … मगर मेरी आंखों में न जाने क्यों नींद का नामों-निशां नहीं था.

आलिया बिना कुछ बोले जीजा जी के सामने घुटने के बल बैठकर जीजा जी के पेन्ट की चैन खोलकर लंड हाथ में लेकर चूसने लगी. लेकिन मैं उसकी बात चाह कर भी नहीं मान सकती क्यूंकि आप सभी जानते होंगे कि इस समाज में अकेली खूबसरत लड़की का रह पाना बहुत मुश्किल है.

मैंने उससे हम दोनों के खाने के लिए चिकन के लिए पूछा, तो उसने हां कर दी. उसकी खनखनाती हुई आवाज़ आयी- हाँ यह ठीक लगता है … परन्तु मैं आपके कमरे में नहीं आऊंगी बल्कि आप मेरे कमरे में आएंगे. दोनों टांगें फैलाकर मेरे सिर के ठीक ऊपर आकर दोनों हाथों से मुझे सपोर्ट करने लगा.

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सुबह की चाय के बाद मुझे अन्तर्वासना की सेक्स कहानी पढ़े बिना चैन ही मिलता है.

होंठों से होंठ … छाती से छाती लेकिन दोनों की जांघों के ऊपरी सिरे थोड़ा दूर-दूर. उत्तेजना के वशीभूत होकर उसकी कमर को पकड़ कर मैं जोरदार धक्के पर धक्के मारने लगा. साथ ही डर भी था कि अगर सुमित भी गलती से वहां चला गया तो सारा खेल बिगड़ जायेगा.

व्हिस्की, सोडा, गिलास, आइस क्यूब सब उसने सलीके से लगा दिए और किचन से स्नैक्स ले आई. मैंने डिनर की बात खत्म की और उसको 9 बजे नॉएडा के सेक्टर 18 पर मिलने को बोला. सेक्स डॉलमुझे उसके लंड चूसने की स्टायल से समझ आ गया कि वो पहले ही चुदवा चुकी थी.

मैं भी गांड चुदाई की भूखी थी इसलिए मैंने अपनी गांड के छेद को फैला दिया और उसके लंड पर बैठ गई. मैंने भी परमीत को शांत जानकर दीदी के पास जाना सही समझा और दीदी के भारी उरोज, जो किसी को भी आकर्षित कर सकते थे, उन्हें थामना चाहा.

उस दिन मुठ मारने का एक अलग ही मज़ा आया और कब सो गया, मुझे पता ही नहीं चला. रानी को गालियाँ बकते हुए मैंने उसको उठाकर कुतिया के पोज़ में सेट कर दिया यानि पैर फर्श पर, वो झुकी हुई, उसके हाथ बेड पर टिके हुए और चूतड़ पीछे को उठे हुए. मैं- आह आह सुहास आह … कितनी प्यारी तरह से चुत चूसते हो … आह्ह आह्ह आह्ह!कुछ देर चुत चूसने के बाद वो बेड पर लेट गया और फिर मैं उसके लंड पर जाकर बैठ गयी.

तो दोस्तो, कैसी लगी आपको मेरी बहन की चुदाई की कहानी … मुझे मेल करके जरूर बताएं. बात ज्यादा ना बढ़े … इसका अब ममता के पास एक ही इलाज था कि प्रकाश को सेक्स के लिए कहा जाए. बेशक दारू ने सबके सर घुमा रखे थे मगर हम उसके बाद देर रात को चुपचाप अपने घर चली गई।अगले दिन छुट्टी थी तो सब देर से उठी और उठते ही सबने एक दूसरी से बात करी।कल बेशक हमने बेशर्मी की सभी हदें पार कर दी थी मगर आज हमें बड़ी शर्म आ रही थी.

और मुस्कान के चूतड़ों की तरफ़ अपने चूतड़ लगा कर सीमा सतीश की बांहों लिपटी हुई थी.

आंटी को मैंने अपने ऊपर लिटा लिया और उनके लब मुँह में लेकर चूसने लगा. फेरी का अपार्टमेंट इस तरह बना था, जिससे हमें बाहर से कोई भी नहीं देख सकता था.

तनहा औरत को परम आनन्द दियाशादीशुदा भाभी की कुँवारी चूतऔरनखरीली मौसी की चुदाई शादी मेंमैं उम्मीद करता हूं कि आप सब आगे भी अपने विचार और सुझाव के रूप में अपना प्यार मुझे और मेरी लेखनी को देते रहेंगे. मुझे तो उसकी हामी जानकर लगा कि ना जाने वो कब से इस बात के लिए तैयार थी. थोड़ी देर बाद मैं, सुमन और जालान आंटी डॉक्टर के यहां जाने के लिए निकल पड़े.

तो दोस्तों मेरी इस अति कामुक सेक्स कहानी को पढ़ने के लिए तैयार हो जाइए. मस्त रहो … चुदाई करो … मजे करो … खुश रहो।आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी? आप मुझे ईमेल भेज के बता सकते हैं।‌मेरी ईमेल अड्रेस है[emailprotected]आपके विचारों का इंतज़ार रहेगा। आपके मेल्स आगे कहानियां लिखने में प्रेरित करेंगे। धन्यवाद फिर मिलेंगे।. आलिया- ये चारों हम इस हालत में छोड़कर कहां चले गए हैं?नताशा- पता नहीं.

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और हमने अपनी ड्यूटी इस तरीके से सेट करवाई कि दोनों का नाईट ऑफ एक साथ हो. चुदाई के बाद सब थक गए थे, इसलिए सब अपने साथी के साथ कमरों में जा कर नंगे ही सो गए. परमीत तो जैसे तीन लंड एक साथ पाकर निहाल हो गई थी और संजय बड़ी मासूमियत से अपनी उंगलियों से उसके केश संवार रहा था.

या मेरे बेडरूम के पिछले हिस्से में बनी बालकनी में कुर्सी लगा कर बैठ जाती हूँ. संजू जैसे जैसे नीरज के लंड पर उछलती, उसकी चुचियां ऊपर नीचे हिल रही थी और उसकी गांड भी ऊपर नीचे हिलते हुए मस्त लग रही थी. ऐश्वर्या राय सेक्सी पिक्चरअपनी चुत पर मेरी जीभ का अहसास पाते ही वो एकदम से सिहर गई और उसकी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… मत करो न.

लंच में अभी आधा घंटा बाकी था मैंने बृजेश को बोला- मैं आती हूँ थोड़ी देर में.

वो तीसरे छेद यानि गांड मराने की बात सुन कर चटक गई और बोली- सुन बे भोसड़ी के बाबा … गांड की तरफ देखा भी, तो लंड काट लूंगी. वसुंधरा ने कुछ देर तो मुझ से नज़र मिलाई लेकिन फिर मुस्कुरा दी और शरमा कर अपनी बायीं बाज़ू अपनी आँखों पर रख ली.

जीजा जी- चुप साली … रांड भैन की लौड़ी … लंड खा और चुप रहा कमीनी कुतिया. थोड़ी देर में ही मीना मछली की तरह तड़पने लगी क्योंकि ऊपर तो कुणाल ने बारी बारी से उसके मम्मे चूस चूस कर लाल कर दिए थे और नीचे रवि ने अपनी जीभ से उसकी चूत को अंदर तक छोड़ दिया था. बगल वाला रास्ता थोड़ा कम चौड़ा था, पर सामने हाईवे पड़ता था, जिसे पार करके ही व्यापारिक जोन पड़ता था.

इसमें से ये एस्कार्ट है, इसे पेड सेक्स वर्कर भी कह सकती हो, दूसरा भी एस्कार्ट ही है, पर मेरा दोस्त है.

हम दोनों मस्ती से ऐसे चल रहे थे, जिससे लोगों को यही लगा कि हम दोनों पति-पत्नी हैं. मुझे पसंद तो तुम उस दिन आ गए थे, जब मैंने तुमको शादी में देखा था, लेकिन समझ नहीं पा रही थी कि कैसे तुमको जवाब दूं. उसकी सोच यह थी कि डिनर से पहले ड्रिंक्स वगेरा रूम में हों और वहीं पार्टी को वो अपने लटके झटके दिखा दे, बस इससे ज्यादा कुछ नहीं.

करिश्मा की चूतफिर हम दोनों ने 69 भी किया।हम दोनों एक दूसरे के यौन अंगों को खाने की कोशिश कर रहे थे।बातों ही बातों में उसने मुझसे कहा- मैंने कभी आपके जैसी भाभी की कल्पना नहीं की थी जो सेक्स से इतनी भरी हुई हो।फिर उसने मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया और मुझे दबा कर चोदने लगा. यह सुनकर मैंने अक्षय को आंख मेरी और हम दोनों सरीना पर टूट पड़े, उसे नंगी कर दिया.

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घर से तो बहुत कुछ सोच कर आया था मगर जब वो सामने था तो सारी हवा निकल गयी थी. मेरा मन कर रहा था कि अभी उसे पकड़कर चोद डालूं, लेकिन वो किसी और की वाइफ थी. जब मैं कॉलेज में था, तो मेरी क्लास में एक लड़की थी उसका नाम सुहानी था.

इसलिए उसने अपना लंड झटके से बाहर निकाला और रवीना के पेट पर अपना सारा माल गिरा दिया. मैं- रिया को पता चलेगा, तब वो मुझे कॉल करेगी और तब उसको मनाना मुश्किल होगा. मेरी चुत में पहला लंड … वो भी बाबू का, मैं तो हद से ज्यादा उन्मादित हो उठी थी.

मैंने उसके बारे में तफसील से जानना चाहा, तो उसने बताया कि उसके पति शादी के एक महीने के बाद ही लन्दन चले गए हैं. शीला ने भी खाना खाया और किचन संभालकर वहीं रखे गद्दे को बिछाकर लेट गयी. तब मैं तो जरा डर गया पर उनसे कहा- कुछ प्रोब्लम नहीं ना होगी?तो वो बोली- नहीं होगी.

कुछ देर के बाद लंड ने चुत में अपनी जगह बना ली और लगातार मम्मों, होंठों चूसने से वो भी थोड़ी नॉर्मल हो गई. ये उस उन्माद की दास्ताँ बयाँ कर रहे थे जो कुछ पलों पहले हम दोनों पर चढ़ा हुआ था.

दोस्तो, आपकी प्यारी कोमल एक नई सेक्स कहानी के साथ एक बार फिर से आपके सामने हाज़िर है.

मगर कुछ ही देर में उनका स्टेशन आ गया और वो लोग उतर गए।उसके बाद वहां पे एक आदमी आया. कंडोम यूज़मेरी गांड चुदाई के बारे में सोच सोच कर मेरी चूत से कामरस निकलने लगा था. अग्रवाल सेक्सी वीडियोउसका एक हाथ मेरे पेट पर जींस की बेल्ट पर था और दूसरा मेरे सीने पर जमा था. मैंने राज को कहा- तुम छुपे हुए रूस्तम हो! मौसम भी बढ़िया है, उसे बुला लो घर पर और मना लो फिर से सुहागरात! डर किस बात का!राज बोला- कोशिश करता हूँ कि मान जाए.

वो- आह … अमित धीरे उह … तू इन पर निशान मत बना देना … उईईईईईई उह धीरे मेरे प्यारे अमित, मैं तेरी ही हूं.

कुछ ही देर में उनका लंड एक बार फिर फड़फड़ाने लगा और हम दोनों का आलिंगन फिर शुरू हो गया. उसने ज्वाइन करते ही काम को पकड़ना शुरू किया और एक दूसरी लड़की रवीना को सपोर्ट देकर बिजनेस बढ़ाना शुरू किया. सबसे ज्यादा मजा स्टैंडिंग में लिया क्योंकि वो मैंने पहली बार किया था और चाची का वजन ज्यादा ना होने के कारण उसमें बहुत मजा आया।उस रात हमने एक दूजे के इस तरह से प्यार दिया था कि हम बहुत दिनों के प्यारे कपल हों।फिर करीब डेढ़ महीने के बाद चाची हॉस्पिटल गई तो उनकी प्रेगनेंसी की बात पक्की हो गई.

ये बोलकर वो चली गयी।फिर अगले दिन भी हम दोनों मौका देखकर स्टोर रूम में चली गयी. उसके बाद मैंने एक धक्का और लगाया और पूरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया. मैंने देखा कि उसने एकदम से अपनी टीशर्ट को उठा कर अपनी ठुड्डी के नीचे दबा दिया.

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इस बार उन्होंने मेरे मुँह की तरफ लंड किया तो मुझे उनके लंड पर प्यार आ गया और मैंने मकान मालिक का लंड अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. नीतू गांड मटकाते हुए टेबल से बोतल गिलास लेकर आई और सिगरेट को होंठों के कोने में दबा कर एक पैग बनाने लगी. फिर तीन महीने के बाद उसका फोन आया कि वो मेरे बच्चे की माँ बनने वाली है.

मैंने अनमने मन से हां कह दिया क्योंकि मुझे उन दोनों की तरफ से कोई उम्मीद नहीं थी कि इनकी चुत का कोई जुगाड़ हो पाएगा.

वसुंधरा मेरे सामने से हो कर बिस्तर पर चढ़ कर घुटनों के बल चार पग भर कर मेरे बाएं पहलू में ज़रा सी जग़ह में फंस कर बैठ गयी.

जितना मैंने सोचा था उससे कहीं ज्यादा हो! मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे आपके जैसी भाभी मिल सकती है. एक समय था, जब तुमने मुझे प्रपोज किया था और मैंने तुम्हें मना कर दिया था. हेमा मालिनी की एक्स एक्स एक्सअब तक हम सब स्कूल बस से ही स्कूल आया करते थे, पर इसके बाद हम अपनी-अपनी लेडीज साइकलों से स्कूल आने लगे थे, इसलिए थोड़ा समय हम घूमने-फिरने या चाय कॉफी की पार्टी के लिए निकाल लेते थे.

मैंने फ्रिज से बर्फ निकाली और उसके उसके छोटे छोटे टुकड़ों को सुरभि के बदन पर रगड़ने लगा. यह देख कर मेरा मन भी लंड लेने के लिए करने लगा और मैंने उस लड़के के लंड को पकड़ लिया और अपने मुंह में लेकर उसको चूसने लगी. मैंने अपने दोस्त की वाइफ की चुदाई की कहानी कुछ गर्मगर्म शब्दों के साथ सुनाई.

तो मैंने पूछा- क्यों नाम बताने से डरती हो क्या?वो बोली- शुरुआत आपने की है, तो पहले आप आपका नाम बताएं. फिर मैं वॉशरूम में एक बार मुठ मारके बाहर आया और मैंने फिर से पूछा- यस मैम, क्या अब आप रेडी हैं?उसने कहा- हां जी, मैं रेडी हूं.

उसका दर्द कम हो रहा था और अब पूरा लण्ड अंदर डालने पर वो मज़े में आआई उम्म्ह… अहह… हय… याह… ईईई आआ ह्ह चिल्ला रही थी।15 मिनट बाद मैं झड़ने लगा तो मैंने लण्ड बाहर निकाल लिया क्योंकि उस वक़्त मैंने कंडोम नहीं पहना था.

तभी दीदी भी नीचे उतर गईं और मैं अपना फोन निकालकर वीडियो रिकॉर्ड करने लगा. मैं अब ब्रा और पैंटी में थी लेकिन मेरी ब्रा मेरी चूचियों से नीचे फंसी हुई थी. मुझे कुछ रिपोर्ट चाहिए … आपका घर नजदीक था, सोचा आपसे ही तैयार करवा लूं … क्योंकि रिपोर्ट तैयार करने वाले सहायक का फोन नहीं लग रहा है.

सेक्सी हिंदी वीडियो साड़ी वाली दोनों वक्षों के परफेक्ट गोलाई लेते-लेते शिखरों पर कोई एक रुपये के सिक्के जितने आकार के बादामी रंग के घेरे और शिखरों पर एक मंझौले किशमिश के आकार के कंगूरे एक निमंत्रण सा दे रहे थे लेकिन दोनों अमृत-कलशों के कंगूरे अभी कुछ झुके-झुके से थे. उसके बाद सुहास मेरी साड़ी से बाहर आ गया और अब उसने मेरे सीने से मेरा पल्लू गिरा दिया.

वो बोली- मुझे अकेले डर लग रहा है … क्या मैं आपके पास सो जाऊं?मैं चड्डी में हाथ डाल कर अपने लंड को सहला रहा था, जब वो अन्दर घुसी थी. चूत की चुसाई करते हुए मैंने उसकी गांड के छेद को भी सहलाना शुरू कर दिया. बाल सामान्य लंबे सिल्की और आजाद थे, जो हवा में तैर कर बिजलियां गिरा रहे थे.

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संजू थोड़ा नार्मल होकर बोली- देखो बाबू ये गलत है, मैं किसी की बीवी हूँ, ये नहीं हो सकता है. मेरा इंटरेस्ट लड़की में तो नहीं था लेकिन जहां तक मेरा अन्दाजा कह रहा था कि नवीन जरूर आयेगा. मैं एकदम से घबरा गई- ये आप कैसी बात कर रहे हैं?वो- वही … जो मेरे दिल में है … मैं बहुत दिनों से कहना चाहता था … मगर कुछ तो डर था कि तुम क्या कहोगी … और मौका भी नहीं मिल पा रहा था.

दोबारा नहीं होगा, दूसरा प्रैक्टिकल होगा, अगर तुम तैयार हो तो?”मैं कुछ कुछ समझ रही थी फिर भी नादान बनते हुए कहा- ठीक है सर, दूसरा ही करा लीजिये. ये सब सोचते हुए मैं उत्तेजित होने लगी और धीरे धीरे खुद को सहलाने लगी.

परदों से छन छन के आती रोशनी और चिड़ियों की चहचहाट ने हम दोनों की आंखें खोल दी, एक दूसरे की आँखों में झांक के मुस्कुरा दिए.

’‘रंडी साली … मम्मी को भी चुदवायेगी क्या?’मैं उसे चोदने में लगा रहा और वह मस्ती से चुदवाती रही. हसन के शरीर पर मेरे कहे अनुसार सिर्फ ब्रीफ बाकी रह गई थी, जो उसने सफेद रंग की ब्रांडेड पहन रखी थी. आज भी उस सेक्सी चुदक्कड़ आंटी को याद करता हूं तो लंड खड़ा हो जाता है.

एक बार तो उसने अपने दोनों हाथों से उसकी चूचियों को दबा भी दिया मगर फिर साथ ही सॉरी भी बोल दिया. ’ की आवाज के साथ गाली भी निकल रही थी- साले हरामी मारेगा क्या … कुत्ते की तरफ चूत चाट रहा है. उसकी गांड पर हाथ लगाते ही वो मुझसे दूर हो गई और मेरी आंख में देख कर मुस्कुरा दी.

ऐसी ही जंग, जिसमें परमीत ने चुनौती देते हुए प्रतिद्वंदियों से अपना लोहा मनवाया.

हिंदी बीएफ बीएफ हिंदी हिंदी बीएफ: रवि भी नर्वस था, बोला- क्या करूं?मीना बोली कि चलो इसे वो टैकल कर लेगी. मैं भी वासना के वशीभूत उनके पीछे कमरे में चला गया और अन्दर आ कर चाची को देखने लगा.

आलिया बाहर का नजारा देख रही थी और जीजा जी फोन में म्यूजिक सुन रहे थे. आशा है कि मेरी पिछली कहानियों की तरह आपको मेरी ये कहानी भी बहुत पसंद आएगी और आप इसको भी दिल खोल कर सराहेंगे. अभय ने सामने से मेरे एक पैर को पकड़ कर थोड़ा सा ऊपर की तरफ उठाकर चौड़ा किया और अपने हाथ से अपना लौड़ा पकड़ कर मेरी चूत में एक हाथ लगाया और अपने लन्ड का सुपारा जैसे ही मेरी चूत में टच कराया तो मैं बिल्कुल उछल सी गई.

वो दोनों लड़कियां देखने में नार्मल सी थी मगर उनके फिगर किसी का भी लंड खड़ा कर दे ऐसी थी.

मैंने उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए बोला कि देखो नीतू ये तो नामुमकिन है, पर तुम्हें मेरी जब भी जरूरत महसूस हो, तो बस मुझे एक बार फ़ोन कर देना, मैं हाज़िर हो जाऊंगा. राज! आज की रात मुझे ऐसे प्यार करो कि आप का अंश मेरी कोख में पैर पसार ले. ये सब सुनकर मैं भी एक बार चुदने का अनुभव करना चाहती थी, पर मेरी उम्र शायद कच्ची थी, इसलिए मुझे वो सब मना ही करती थीं.