आदिवासी बीएफ हिंदी

छवि स्रोत,करीना एक्स एक्स एक्स

तस्वीर का शीर्षक ,

औरत की सेक्सी बातें: आदिवासी बीएफ हिंदी, सारी धमकियाँ धुंआ हो गई? पहली बार किसी असली मर्द से पाला पड़ा है तुम्हारा?सोनिया खुद पर काबू पाती हुई- सलीम… कुत्ते की औलाद… मैं तुझको जिन्दा नहीं छोडूंगी… तूने मुझे चूमा… तूने मेरी योनि में….

महिलाओं का सेक्सी

उसकी जुबान मेरी चूत में हरक़त करती तो मैं पगला जाती!उसने मेरी दोनों टाँगें चौड़ी करवा ली और अपना लंड मेरी चूत पर टिकाते हुए रगड़ा तो मस्ती से मेरी आंखें बंद हो गई. मुस्लिम की चुदाईहम भाई-बहन चाहे जितने भी खुले विचार के हों, पर हमने आज तक अपनी मर्यादा को नहीं लांघा है.

कुछ देर इन्तजार करने के बाद श्यामलाल ने मुझे अंदर बुलाया और मुझे अपनी बेटी से मिलवाया. जापानी लड़कियों काउसने कहा ‘मैडम आप गेट बंद कर लीजिये मैं कुछ देर में आता हूँ तब आपका टिकेट चेक कर लूँगा.

दर्द की वजह से रीटा बुरी तरह से राजू की मजबूत बाहों में फड़फड़ाई और उसकी आँखें बाहर उबल पड़ी.आदिवासी बीएफ हिंदी: श्यामलाल के ऑफिस पहुँचने के कुछ ही देर बाद श्यामलाल ने मुझे बुलाया और बोला- अभी तो मेरे पास कोई काम खाली नहीं है, मगर तुम्हारी बहन की सिफारिश के कारण मैं तुम्हें खाली हाथ भी नहीं भेज सकता.

ऑटो चलते समय भी वो किसी के ऑटो के एकदम सामने आ जाने पर माँ-बहन की गालियाँ दिया करता था.उसने फिर से मेरे बदन को अपनी बांहों में ले लिया… मैं भी उसकी बांहों में सिमट गई… उसका बड़ा सा लण्ड मेरी जांघों के साथ टकरा रहा था जैसे मुझे बुला रहा हो कि आओ मुझे अपने नाजुक होंठों में भर लो…वो मजदूर अपनी टाँगें फैला कर चारपाई पर बैठ गया, मैं उसके सामने अपने घुटनों के बल जमीन पर बैठ गई.

ब्लू फिल्म बताएं - आदिवासी बीएफ हिंदी

कहते हैं ना लालच बुरी बला है… मन किया कि बस एक बार और और उसे देख लूँ…मैंने एक बार फिर उसे चुपके से देखा.राजा अंगूर की खेती के मज़े लेने लगा और मौसी ने नीचे होकर कभी सुनीता के भोसड़े और कभी राजा के लौड़े को मुँह में लिया.

दोस्तो, यह थी मेरी आपबीती मोना क़ी दीदी क़ी चुदाई!आपको कैसी लगी, कृपया मुझको जरूर बताएँ ताकि मैं आपको अपनी और बातें बता सकूँ. आदिवासी बीएफ हिंदी ‘ये घने काले काले गेसू, ये काली कजरारी आँखें, गोरा रंग, पत्तियों जैसे अधर, सखी री तू तो नाम की नहीं, वास्तव में मोहिनी है!’‘चल मुई! बातें तो तुझसे करवा लो.

तुम स्पीड और तेज़ करो !फिर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी…करीब बीस मिनट बाद मीनाक्षी झड़ गई…लेकिन मैं नहीं झड़ा। फिर मैंने भाभी की चूत में अपना 7.

आदिवासी बीएफ हिंदी?

वो भी एकदम गरम हो गई और उसने मेरे सारे कपड़े एक मिनट में उतार दिये और अपना गाउन भी उतार दिया. मैंने बेड के ऊपर पड़ी मैक्सी से पहले अपनी चूत साफ़ की फ़िर देवर की वीर्य से सनी झांटों और लण्ड को तथा उसके बाद फ़र्श पर टपके वीर्य को साफ़ करने के बाद अलमारी से अपनी दूसरी मैक्सी निकाल कर पहनी. तो बोली- इसको तो देखो!वो नीग्रो उस गोरी लड़की की गान्ड बड़ी बेरहमी से चोद रहा था और चाँदनी अब यह भी करवाना चाह रही थी, मैंने उसको कहा- कल जब शाम को खेलने निकलो तो याद रखना कि अब तुम बच्चों वाला नहीं वयस्कों वाला खेल खेलोगी, जिसके लिए आने के पहले चूत और गाण्ड अच्छे से धो लेना.

मैंने फ़िर एक बार दीपू का पूरा लंड अपने मुंह में भर लिया और अन्दर बाहर करते हुए अपने मुंह की चुदाई करने लगी. कुछ ही देर में मैं झड़ने वाला था, मैंने उससे पूछा- अपना अमृत कहाँ गिराऊँ ?उसने झटपट मुझसे कहा- मेरे मोम्मों पर गिराओ !ऐसा कहकर वो लेट गई और मैंने उसके ऊपर चढ़कर चूचियों के बीच अपना सारा माल डाल दिया…. प्रेषिका : गुड़ियासंपादक : मारवाड़ी लड़कासभी पाठकों को और गुरूजी को मेरा सप्रेम प्रणाम !मुझसे तो आप सब अब भली भांति परिचित हो ही गए होंगे! मैं हूँ मस्त पंजाबन ! आप सबके प्यार ने ही मुझे अपने फूफाजी और मेरे बीच के रिश्ते को उजागर करने को मजबूर किया है !तो पेश है आगे की कहानी.

उसकी नज़र बार बार मेरे लंड पर जा रही थी और मेरी उसकी दोनों चूचियों और चूत पर !मैंने सोच लिया कि मैं आज उसकी चूत के चिथड़े उड़ा दूंगा !और शायद उसकी भी यही इरादे थे………. कुछ ही देर में हम दोनों सामान्य हो चुके थे… और एक दूसरे को प्यार भरी नजरों से देख रहे थे… हम दो बार झड़ चुके थे…पर तरोताजा थे… थोड़ी देर के बाद हमने कपड़े पहने और फिर मैं अपने कमरे में आ गया. जब जब मैं इसके घर आता तो अपनी गांड ऐसे मटका कर चलती कि मेरा लौड़ा खड़ा हो जाता और मेरा मन करता कि यहीं पटक कर इसकी गांड में अपना लौड़ा पेल दूँ.

‘फिर आप साबुन लगाकर नहाई, नहाकर जैसे ही चुकी, आपके घर की घण्टी बजी, आपने जल्दी से कपड़े पहने और दरवाजा खोला तो सामने मैं खड़ा था!’इस समय मेरे होंठ उसके गालों पर रेंग रहे थे और हाथ वक्ष पर!मैंने पूछा- यह सच है या नहीं?अबकी बार उसने पूरी ताकत लगाकर अपने को छुड़ा लिया और…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]. ?मैं अपना हाथ छुडाने की कोशिश करते हुए बोली- मैं बुरा नहीं मानूंगी… लेकिन मेरा हाथ तो छोड़ो!इस तरह यह पहला वाकया था जब किसी लड़के ने मेरा हाथ पकड़ने की कोशिश की थी, कोशिश क्या पकड़ ही लिया था…वो: नहीं पहले आप वचन दो कि बुरा नहीं मानोगी…मैंने परेशान होकर कहा- हाँ बाबा, मैं बुरा नहीं मानूंगी, तुम मुझसे जो कहना चाहते हो वो कह सकते हो लेकिन मेरा हाथ छोडो.

मैंने अपनी चूत दबा ली, फिर बस नहीं चला तो अपना पेटीकोट ऊँचा करके चूत को नंगी कर ली और उसे सहलाने लगी.

‘म्म युम्मी मम आह्ह्ह’ जैसे शब्द लड़की बोल रही थी।मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और मुठ मारने लगा।इतने में क्या देखता हूँ कि पीछे से मुझे कोई बुला रहा है।मैंने जल्दी जल्दी लंड जींस के अन्दर डाला… और ‘ कौन है ‘ बोलते हुए बाहर गया.

वो: मैं… मैं… बहुत असमंजस में हूँ…मैं: हाँ तो कहो ना किस असमंजस में हो…वो: अब क्या कहूँ… कैसे. प्रेषक : आयु राजाअन्तर्वासना के सभी पाठकों को आयु राजा का प्रेम भरा अभिनंदन !आप सबका शुक्रिया जो आप सबने मेरी पहली कहानीको इतना पसंद किया. जवान कुंवारी बुर मेरी मधु की …मैंने जैसे उसमे ऊँगली डाली …ऊउई अम्मा आह्ह्ह सुनील ! बस ! मत करो ! कुछ होता है …मैंने ऊँगली निकाली.

कि अचानक फिर वो ही सवाल मेरे कानो में गूंजने लगा…क्या तुम कभी अपनी मम्मी-डैडी से दूर हुई हो. मैं समझ गया और उसको बाहों में लेकर एक प्यारा सा किस किया और समझाया कि यह सब जरूरत है, आपने कुछ गलत काम नहीं किया है. दूध सा सफ़ेद गोरा स्तन और बीच में गुलाबी चुचूक देखते ही मेरी जीभ लपलपाने लगी और फिर मैं दोनों हाथों से उसकी चूची को मसलने लगा…वो मदहोश होने लगी, उसकी आँखें बंद हो गई.

मैं काफी देर तक सोनम को ऐसे ही देखता रहा, सोनम वैसे तो उस वक्त बुरके में ही थी मगर उसके चेहरे पर से नकाब हटा हुआ था.

ताकि उसका दर्द थोड़ा कम हो जाए और उसकी चूत को मेरे मोटे और लंबे लंड की आदत हो जाए।थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ. करीब 5 मिनट चूसने के बाद मैंने आंटी को कहा- आंटी, मेरा निकलने वाला है!तो आंटी ने कहा- मुंह में ही झर जाओ!मैंने अपना सारा का सारा पानी आंटी के मुँह में निकाल दिया. राजू ने रीटा की चीख को दबाने के लिये रीटा के होंटों को फिर अपने होंटों में दबा लिया और चूसने लगा.

सभी अन्तर्वासना के पाठकों को मेरी और मेरी चिकनी गीली चूत, गोल-मोल गांड, मम्मो की तरफ से टाँगें चौड़ी करते हुए नमस्कार!गुरुजी आप सच में बहुत महान हो जो ऐसी वेबसाइट शुरु की है जिस पर सर्फिंग कर कोई भी इंसान बोर नहीं होता, लोग अपने बिस्तर की कहानियाँ सबके सामने लाते हैं, जिन्हें पढ़ कर औरतों की चूतें गीली होती हैं, मर्दों के लंड हिल-हिल कर सलामियाँ देने लगते होंगे. लेकिन अगर तुम यह बात गुप्त रखोगे तो मैं इसके बाद भी तुम्हारे साथ करने के लिए तैयार हूँ।’ कहकर उसने मेरे होंठो को चूम लिया. मैं दूसरी टीचर्स की तरह खूब मेक-अप करती और खूबसूरत साडियाँ पहन कर स्कूल आती थी, जैसे कोई स्पर्धा चल रही हो.

कुछ देर बाद उसने अपना पानी छोड़ दिया और मैंने अपना!फिर वो सीधी हो गई और मैं अब उसकी चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा.

तुम जैसे चाहे हमें चोद सकते हो ! शादी के बाद तो हमारा पति हमें चोदेगा, उससे पहले कैसे चोदते हैं यह सीख लिया तो शादी के बाद परेशानी नहीं होगी।कैसे शुरुआत करें…. धप्प…धीरे-धीरे… इंच-दर-इंच मेरा पूरा लंड उसकी लसलसाई चूत में समा गया… जड़ तक समा गया….

आदिवासी बीएफ हिंदी और मेरी बेरहमी के लिए माफी भी माँगी तो वो बोली- आपने मुझे कली से फूल बनाया, आप तो मुझे अब मार भी डालो तो मुझे कोई शिकवा नहीं होगा. आह!’‘लो ये लो!’ और मैंने लंड को उनकी चूत के एकदम अंदर मुँह पर टिका दिया और मेरी पिचकारी शुरू हो गई।दोनों ने एक दूसरे को कस कर पकड़ा था.

आदिवासी बीएफ हिंदी कुछ देर के बाद ज्योति योगी के कमरे में आई और बोली- आज मैं कॉलेज से कुछ देर से वापिस आऊँगी!पूछने पर उसने बताया कि करीब 11 बजे तक आएगी क्योंकि उसके एक दोस्त का जन्मदिन है और कॉलेज से सीधा ही डिस्को निकल जायेंगे. उसने मेरी तरफ़ ऊपर देखा और मुस्कुराते हुए उसने सुपारे पर चूम लिया और जीभ निकाल कर सुपारे का स्वाद लेते हुए अपना मुँह खोल कर उसे मुँह के अन्दर लेने का प्रयास करने लगी…लेकिन यह उसके बस की बात नहीं थी.

जिस दिन मैंने कोई ब्ल्यू फिल्म देखी हो उस रात मुझे नींद ही नहीं आती, पूरी रात माँ को देखने में ही निकल जाती, कभी उन की नाईटी ऊपर सरक आती और उन की गोरी जांघ दिखाई देती तो कभी उन के स्तनों की झलक मिलती.

सेक्सी हसबैंड वाइफ

रात को जब सब सोते तो मैं अपनी साली के सोने के बाद उसके बदन को सहलाता, चूची दबाता फिर मुठ मार कर सो जाता. हम दोनों पूरे जोश में थे, सब कुछ भूल चुके थे कि हम कहाँ हैं, हमारा रिश्ता क्या है और समय क्या हुआ है. आज तक जिस लड़की को देख कर मैं मुठ मारा करता था वो आज मुझको सेक्स का निमंत्रण दे रही है.

!!!यह भाग यहीं समाप्त…आगे मेरे साथ क्या हुआ?क्या मैं अपने जीवन में सिर्फ पहली और आखिरी बार चुदी? या नहीं…?मेरे चूचों, गाण्ड और चूत के साथ क्या हुआ. आह !इस बार लंड का सुपारा थोडा अन्दर गया तो उसके मुह से एक आःह्ह्ह निकली……फिर थोड़ा जोर लगाया तो दो इंच लंड घुस गया लेकिन उसको दर्द होने लगा…जैसे ही थोड़ा और धक्का लगाया तो वो पैर पटकने लगी, उसकी आँखों से आँसू बहने लगे और कहने लगी- प्लीज़ बाहर निकालो ! मैं मर जाउंगी…. मैंने सोचा इससे पहले कि गांड का बाजा बज जाये, मुझे जीजू का लौड़ा चूत में डलवा लेना चाहिए, फटेगी तो फट जायेगी! कम से कम गांड तो सही-सलामत रह जायेगी.

उसके कारण आज मेरा इज़हार फिर अधूरा रह गया… उसकी वासना की वजह से मेरे निस्वार्थ प्रेम की बलि चढ़ रही थी… और मैं कुछ नहीं कर पा रही थी… पर मन ही मन रश्मि को सबक सिखाने का फैसला ले चुकी थी.

तुम स्पीड और तेज़ करो !फिर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी…करीब बीस मिनट बाद मीनाक्षी झड़ गई…लेकिन मैं नहीं झड़ा। फिर मैंने भाभी की चूत में अपना 7. राजा का फरमान![emailprotected]इन्स्टाग्राम : Vrinda_venusकहानी का अगला भाग:राजा का फ़रमान-5. की आवाज गूंजने लगी। एक हाथ से मैं उसके स्तन भी मसल रहा था। उसको तो तिहरा मज़ा मिल रहा था वो कितनी देर ठहर पाती। ऊईई … माँ आ.

मैंने उनके लण्ड को हाथों में लेकर सीधा मुँह में डाल लिया। अब उनका लण्ड मेरे गले तक पहुँच रहा था. मगर भाई! तुम ही बताओ कि ऐसा कभी संभव है?क्या 18 साल की लौंडिया चोदने को मिले और कोई छोड़ देगा, भरपूर चुदाई किये बिना ही?नहीं ना?फिर नीना की चूत को अगले तीन साल तक विनोद अगरबत्ती दिखाता रहा?हाँ, नीना ने ईमानदारी के साथ एक बात जरूर बताई क़ि विनोद का लण्ड देखकर वह डर गई थी. और तुरंत अपने गन्दी कच्छी धो ले और स्कर्ट भी वरना निशान जायेंगे…!!!मेरे लिए तो एक और आफत आ गई.

”लगभग 20 मिनट तक ताबड़तोड़ चुदाई चली उसके बाद मुझे लगा कि शायद मेरे लण्ड से पानी बाहर आ जायेगा…मैंने आंटी को बताया,”आंटी, अब मैं झड़ जाऊंगा…”नहीं…. मैंने भी हौले-हौले उनके एक-एक कपड़े को उनके बदन से अलग कर दिया।मखमली कमर और छोटी पर बहुत कम चुदी हुई गुलाबी बिना बाल की चूत… शायद किसी को पहली नजर में घायल कर दे…मैंने देर नहीं की, झपट करके उन्हें पकड़ा और निप्पल पर मुँह लगाया.

मेरे लंड का फव्वारा मामी की चूत में खाली हो रहा था और मामी भी अपनी चूत के होंट दबा दबा कर मेरा पूरा लंड खाली करवा रही थी. आह !इस बार लंड का सुपारा थोडा अन्दर गया तो उसके मुह से एक आःह्ह्ह निकली……फिर थोड़ा जोर लगाया तो दो इंच लंड घुस गया लेकिन उसको दर्द होने लगा…जैसे ही थोड़ा और धक्का लगाया तो वो पैर पटकने लगी, उसकी आँखों से आँसू बहने लगे और कहने लगी- प्लीज़ बाहर निकालो ! मैं मर जाउंगी…. और जब मैंने लौड़ा बाहर निकाला तो बोली- ऐसा क्यों कर रहे हो मेरे साथ? मैं कौन सा मना कर रही हूँ? पर आप आराम से कीजिये!मैंने कहा- मैं तुझे एक रंडी की तरह चोदना चाहता हूँ, मेरी रांड बहन!और मैंने फिर उसे अच्छी तरह से लौड़ा चुसवाया और फिर उसकी मुलायम चूत चाटी.

मेरे दिमाग में ज्योति का वो ब्रा-पेंटी और आयशा का नाईटी वाला रूप घूमने लगा और मैंने सामने खड़ी आयशा को बाहों में ले लिया वो चिल्ला पड़ी, जिसे सुन कर ज्योति भागती हुई आ गई.

अभी ना जाओ चोद के !-1मैंने साइड टेबल पर पड़ा थर्मोस उठाया और उसमे रखा गर्म दूध एक गिलास में डाल कर मिट्ठू की ओर बढ़ा दिया ‘चलो अब ये गरमा गरम दूध पी लो !’‘इससे क्या होगा ?’ उसने मेरी ओर हैरत से देखा।‘इससे तुम्हारा मिट्ठू फिर से गंगाराम बोलने लगेगा !’‘ओह. ‘हाय रे मेरे राजा… मेरा तो निकाला रे… मैं तो गई… आह्ह्ह्ह्ह्ह’ और सोनू की चूत ने पानी छोड़ दिया. फिर अचानक ही हम दोनों एक साथ झड़ गए, वो मेरे से लिपटी हुई, सीत्कार भरते हुए झड़ी जा रही थी तो इधर मैं भी उसकी चूत में पिचकारियाँ छोड़े जा रहा था.

फिर अन्त में गाय का दूध निकालने की तरह से लण्ड दुहने लगी और बचा हुआ माल भी निकाल कर चट कर गई. फिर जैसे जैसे नग्नता मेरे लिए आम हुई तो मुझे मर्द और औरत के तालुक़ात के बारे में मुकमिल आगाही होने लगी। मर्द का लंड पहली बार जब देखा तो यक़ीन करें कि मेरे जिस्म के बाल खड़े हो गये और मेरा जिस्म एक दम गर्म हो गया। सांसें जैसे धुंआ छोड़ने लगीं और धड़कनें बेक़ाबू होने लगीं.

!मेरा लंड जैसे सलामी मारता हुआ उनकी चूत के नीचे जा कर रूक गया। वो हाथों से मेरे लंड को सहलाने लगी और बड़बड़ाने लगी- मादरचोद, इतना मस्त लौड़ा है और तू घोंट-घोंट कर गिरा रहा है !अब मेरे से बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था, मैं आंटी से लिपट गया और अ. उसके गुलाबी गुलाबी चुचूक चूसने में मुझे स्वर्ग का सा सुख प्राप्त हो रहा था। उसके बाद धीरे धीरे चूमता हुआ मैं नीचे की तरफ बढ़ने लगा. वो शरमा गई और उसके गाल हल्के-हल्के लाल से हो गए।वो अंदर आ गई और मैंने गेट बंद कर दिया, अंदर आकर उसको पीछे से पकड़ लिया, अपने हाथ उसकी कमर में डाल दिए और उसके बदन की खुशबू लेने लगा। उसके बदन की खुशबू इतनी मस्त थी कि किसी को भी दीवाना बना दे.

বফঁ পিকচার

मैं किसी को इस बात की खबर नहीं लगने दूंगी।आरती- भाभी, अगर यह बात किसी को भी पता चली तो मेरी शादी टूट जाएगी।मोना- तू फिकर मत कर.

उसके पास मेरी बात मानने के अलावा कोई रास्ता ही नही था, इसलिए बोली – ठीक है सर , आप जो कहेंगे मै करुँगी लेकिन लैटर की बात आप किसी को नही बताएँगे!इतने में स्कूल के दूसरे बच्चे भी आने लगे थे. अभी मुझे 2-3 दिन ही हुए थे कि भैया की साली आने वाली थी और भैया कोई काम की वजह से स्टेशन नहीं जा पा रहे थे तो उन्होंने मुझे स्टेशन जा कर मेघा (भैया की साली) को लाने के लिए कहा. नज़रें जैसे जमीन में गड़े जा रहीं हो…!!!मैं : मुझे पता है तेरा स्कूल जाने का मन नहीं है.

भाभी ने मुझे एक तरफ करते हुए कहा- क्या करते हो? सबके आने का समय हो गया है, किसी ने देख लिया तो?लेकिन मैंने भाभी की एक ना सुनी और उन्हें फिर चूमने लगा तो भाभी ने मेरे गालो पर एक थप्पड़ मार दिया और चली गई. मैंने उसे कहा कि मैं भी इसी समय ऑफिस से निकलता हूँ अगर आपकी फिर कभी बस मिस हो जाए तो मुझे कॉल कर दीजिएगा, अगर मैं ऑफिस में रहा तो आपको ले लूँगा. अक्षरा सिंह sexमामी, मैं निकलता हूँ! आपने आज मेरा सपना पूरा कर दिया! अब मैं आप से दोबारा कुछ नहीं मांगूंगा!”नयन भले ही तुम मुझे दोबारा कुछ नहीं मांगो, लेकिन तुमने आज जो ख़ुशी मुझे दी है, अब मैं तुमसे रोज तुम्हारा लंड मांगूंगी! तो फिर नयन कल दोपहर को आओगे ना? मैं तुम्हारा इंतजार करुँगी.

थोड़ी देर बाद मेरे मन में भी हलचल होने लगी… दोस्तो, बता दूँ कि मेरे मीनू भाभी कमाल की दिखती हैं, रंग गोरा, शरीर भरा-भरा. सभी के जाने के बाद मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और सोनम की तरफ देखा तो सोनम के चेहरे पर एक शर्म थी जो मुझे बहुत अच्छी लगी.

’मैंने झटके एक दम से तेज़ कर दिए।‘रंडी आज तो तेरी चूत फाड़ कर ही घर वापिस जाऊँगा…’और वो बोली ‘हाँ बहनचोद… आज अपनी रंडी… की चूत का भोसड़ा बना दे… आह आआ… आई… साले चोद… आह्ह आआआआह’ और वो पागलों की तरह मुझसे लिपट गई।वो मेरे निप्पल चूसने लगी…ऐसे करते-करते हम दोनों झड़ गए और एक-दूसरे की ओर देख कर मुस्कुराये… और. जिन लोगों को नहीं पता उन्हें मैं बता दूँ कि मिरांडा कॉलेज एक गर्ल्स कॉलेज है और वहाँ की ज्यादातर लड़कियों के लिए स्मोकिंग और ड्रिंकिंग तो आम बात है. थोड़ी देर ऐसा करने के बाद मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट उतार दिया जिससे अब वो सिर्फ पैंटी में थी। उसका फिगर बढ़िया होने से पैंटी में बहुत सेक्सी लग रही थी.

मैंने मन ही मन सोचा कि अब इन लोगों ने मुझे नंगा तो देख ही लिया है और अभी तक अपना काम भी नहीं हुआ है. अंकल मम्मी के पेट पर हाथ फेरते हुए बोले- डार्लिंग तुम तो बहुत सुन्दर हो! मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि इतनी सुन्दर स्त्री को चोदने मिलेगा!मम्मी- मुझे तुम जैसे मर्दों से चुदाने का बहुत शौक है, आज मेरा यह शौक भी पूरा हो जाएगा. मैंने कहा- अमित अब मेरे अन्दर समा जाओ!अमित उठे, मेरी टांगों के बीच आकर अपने लंड का सुपारा मेरी चूत के होठों पर रखा, हल्के से दबाया और सुपारा चूत के अन्दर!एक झटके में आधा लंड और दूसरे झटके में हल्के दर्द के साथ पूरा लंड मेरी मेरी मुनिया रानी के अन्दर जा चुका था.

कभी कभी रीटा राजू से जिद कर के पाँच पाँच बार चुदवाने के बाद भी और चुदवाने की जि़द करती.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए अन्तर्वासना3 डॉट कॉम हर रोज देखते रहें!मुझे सभी के मेल का इंतज़ार रहेगा![emailprotected][emailprotected]. इधर जीजू ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और उन्हें चूसने लगे, उनका एक हाथ मेरे बोबों को मसल ही रहा था और दूसरा हाथ मेरी गांड को सहला रहा था.

मैंने झुक कर धीरे से उसके होंठ पर अपने होंठ रख दिये और अधरों का रसपान करते हुये हमारे बदन एक दूसरे को रगड़ने लगे। दोनों के जिस्मों में वासना का उफ़ान भर गया था। लण्ड और चूत एक दूसरे में घुसने की पुरजोर कोशिश कर रहे थे। मेरे हाथ उसके स्तनों को बेदर्दी से मसल रहे थे, उसकी निपल को घुमा कर खींच रहे थे। उसका हाथ मेरे लण्ड पर आ गया। उसने मुझे धक्का दे कर दीवार से लगा दिया और जैसे बेतहाशा लिपट गई।आ…. आंटी ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह्ह उईईई सीईईईई की आवाजें निकाल रही थी और कह रही थी- चोदो सागर जोर से! और जोर से! आज मेरी चूत का भोसड़ा बना दो!करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद आंटी ने कहा- मैं झरने वाली हूँ. और कब उसके हाथ मेरी कमर से मेरे स्तनों तक पहुँचकर मेरे स्तन मसलने लगे, मुझे पता ही नहीं चला…वो बार बार अपने होंठ मेरी टीशर्ट के ऊपर ले जा कर मेरे स्तनों के चूचक चूसता और फिर होंठ चूसता… ऐसा लग रहा था… जैसे होंठों की मिठास से मेरे चुचूकों के दूध को मीठा करके पी रहा हो…!!!थूक से गीली हुई सफ़ेद टीशर्ट में से भूरे चुचूक अब दिखने लगे थे.

आअह्ह! भाभी का बदन अकड़ने लगा था, उनका पानी निकलने वाला है यह मैं समझ गया… मैंने अपनी एक उंगली उनके मुँह में डाली, उन्होंने काट ली, फ़िर उसे धीरे धीरे चूसना शुरू किया. मैंने धक्के लगाने शुरु किए और अब लण्ड प्यार से अंदर-बाहर चल रहा था और कमरे में मेरी, अमिता और शालू की सिसकारियाँ गूंज रही थी. अब तो मुकेश के हाथो में मेरे दोनों बोबे आ गए वो उनको और जोर से मसलने लगा और बीच बीच में मेरे चुचूकों को नोचने लगा.

आदिवासी बीएफ हिंदी मेरा जोश पूरे यौवन में आ गया था ……………फिर से वो झड़ गई पर मुझमें अभी भी जोश बचा था……… आप लोग सोच रहे होंगे कि अब तक जोश क्यों बचा कर रखा था ?अब मैंने यह जोश उसकी गाण्ड मारने में लगाया ……. मेरी टांगों के नीचे आकर पहले तो उसने आठ दस बार मेरी चूत को चाटा…शीशे में देखते हुये अजीब सा लग रहा था.

സെക്സ് വിഡിയോ

अब उसके जिस्म पर सिर्फ एक काले रंग की पेंटी थी और उसके गोरे रंग के कारण वो किसी संगमरमर की मूरत जैसी लग रही थी. रीटा ने सोचा काश बहादुर की लेडी सायकल होती और वह शान से बहादुर के लण्ड पर बैठ कर स्कूल जाती. अब तो मेरी गांड भी रवां हो चुकी थी। मिट्ठू तो सीत्कार पर सीत्कार किये जा रहा था। हाई.

एक बात और बताओ !क्या ?उसकी ज्यादा याद आ रही थी क्या ?क्या मतलब ?तुम भी एक नंबर के गैहले हो !क्या मतलब ये गैहला क्या होता है ?तुम निरे लोल हो अब लोल का मतलब मत पूछना !ओह …. फिर मैंने अपनी साइड बदल कर उसकी तरफ मुँह कर लिया और उसके मोमे जोर जोर से दबाने लगा. करिश्मा कपूर की सेक्समैंने उससे खुलने के लिए सामने आकर पूछा- कहाँ गई थी?तो उसने सर झुका कर जवाब दिया- कुछ सामान लाना था.

गोमती ने बड़े प्यार से दोनों फ़ड़फ़ड़ाते कबूतरों को सहलाया और अपनी हथेलियों में ले लिया.

मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल कर उनको चूमना शुरू कर दिया और फिर उनके चुचूक को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. इन अठारह सालों में मेरे पति ने साधारण तरीके से या कभी कभी मेरी दोनों टांगें अपने कंधे पर रख कर ही चोदा था.

एक बार तो मुझे लगा कि ऐसे ही खड़ी रहती हूँ, जो भी आएगा उसका लण्ड अपने मुँह में ले लूंगी पर मुझे लगा शायद गार्ड भी हो सकता है तो मैं तुरंत बाथरूम में वापस घुस गई. फिर उसने जूली से मोल-तोल किया तो जूली ने उसको 1000 रुपए में दो घंटे कहा।वो तैयार हो गया।जूली उसकी कमर में हाथ डालकर ले गई। कमरे में जाते ही उस लड़के की हिम्मत बढ़ गई। उसने जूली की गाण्ड को आहिस्ता से छुआ।जूली- अरे आराम से ! अब दो घंटे के लिए मैं सिर्फ तेरी हूँ। क्या नाम है रे?लड़का- जी, सुखबीर ! और तुम्हारा?जूली- अरे क्या तुम तुम करता है? अभी तू मुझे चोदेगा तो क्या मैं तेरी बीवी बनने वाली हूँ. ’ कहते हुए वो उठने लगी।मैंने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा- नहीं रागिनी मुझे मत रोको प्लीज़.

रीटा समझ गई कि बहादुर जाल में तो फंस गया है पर बहादुर का डर को दूर करने के लिये कुछ करना पड़ेगा.

प्रेषक : आसज़सम्पादक : प्रेमगुरूकरेन थोड़ी आगे चली गई तो वैल ने कहा,”तो क्या तुम मेरे से शर्मिन्दा हो?”ओह…. शायद उसने ऐसा पहले इसीलिए नहीं किया क्यूंकि मैं उसके साथ हर समय रहती थी… और हमारे प्रेम संबंधों की अफवाह से सभी लड़कियाँ उससे दूर भागती थी और मुझे भी कोई लड़का आंख उठा कर नहीं देखता था…उसके लिए यह एक मौका था और दोस्त बनाने का. मैंने धीरे से आँख खोल कर देखा तो पता चला कि लड़की की माँ जो मेरे पैरों की तरफ मुँह करके सो रही थी वो मेरे पैरों को सहला रही थी.

देशीशेकशीकी स्टुडेंट थी डॉक्टर साहब से प्रेम हो गया था। उन दिनों डॉक्टर साहब मुझे मिक्की माउस कह कर बुलाते थे। डॉक्टर साहब मुझ से 12 साल बड़े हैं ना। और फिर एम. ’यह कह कर मैंने अपना खाने का डिब्बा नीचे रख दिया और टिकेट ढूँढने का नाटक करने लगी.

सेक्सी पोर्न फुल एचडी

उन दोनों ने अन्दर आते ही कूपे को अन्दर से लाक कर लिया और दोनों मेरे पास आ कर खड़े हो गए. जब पति ही अपनी पत्नी को चुदवाना चाहे तो कोई पराया मर्द छोड़ेगा क्या!ये बोले- मैं बाथरूम होकर आता हूँ! जब तक तुम लोग बातें करो!मनोज और मैं अकेले कमरे में, मनोज के हाथ में मेरी चूचियाँ! वो आराम से दबा रहा था. कितने दिनों के बाद मिली तू!दोनों सहेलियाँ एक दूसरे से बात करती रही और मैं रागिनी को देख रहा था.

मैंने उसका होंसला बढ़ाने के लिए उसकी तरफ़ मुस्कुरा कर देखा और कहा- आईये टीटी साहब बैठिये, खाना लेंगे आप?मेरी बात सुनते ही वह बोला- न. मैंने कहा- पर मोना के होते हम कैसे मिल सकते हैं?तो वो मुस्कुराई और बोली- मोना को भी मैंने इसी शर्त पर माफ़ किया है. पर उत्तर नहीं मिल रहे थे …क्या वो जैसा मुझे दिख रहा था वैसा ही था… या फिर वो सर्फ मेरे साथ ही ऐसा था.

”हे भगवान्…” अनीता दीदी के मुँह से एक हल्की सी चीख निकल गई- तू सच कह रही है? सोनू लेकर आता है?नेहा उनकी शकल देख रही थी- तुम इतना चौंक क्यूँ रही हो दीदी?”अनीता दीदी ने एक लम्बी साँस ली और कहा- यार, मैं तो सोनू को बिल्कुल सीधा-साधा और शरीफ समझती थी. अब दीदी मुझे तरह-तरह के कारण देने लगी मगर मैंने बिना कुछ कहे चाभी उठाई और बाहर आ गया और दीदी के कैबिन में जाकर बैठ गया. बात उस समय की है जब मैं बारहवीं की परीक्षा पास करके अपने गाँव वापस आया।शहर में रहकर मैं बहुत बिगड़ गया था और चूत का आशिक बन गया था क्योंकि मैंने सुना था कि सांप और चूत जहाँ दिखे वहीं मार देनी चाहिए.

मुझे बड़ा ही अच्छा लगा … नरम नरम सा अनार के दाने की तरह!मैंने अपने होंठ रीना के होठों पर रख दिए और उसके होंठों को चूसने लगा! कभी कभी जब मैं उसके होठों और गाल को काट लेता था तो रीना आंह … आह … उन्ह … कर उठती थी. उम्मीद है आपको मेरी कहानी अच्छी लगेगी। इससे आगे मेरी चुदाई का सफ़र कैसे चला यह मैं अगली बार अन्तर्वासना डॉट कॉम पर लिखूंगी। गुरुजी मेरी चुदाई को सबके सामने लाना ताकि मैं अपनी चुदाई का सफ़र लड़ीवार भेजती रहूँ और लोग मुठ मारते रहें !बाय बाय ![emailprotected].

मुझे अब होश कहाँ! मैंने उसके चूतड़ अपने दोनों हाथों से दबा लिये और खुशी के मारे सिसकने लगी.

उसने नजरें उठा कर मेरी तरफ़ देखा और बोला- चुदा ले मेरी जान… लण्ड कड़क हो रहा है!’अभी शायद वो और पीकर आया था. झवाझवी पिक्चरराजू रीटा के घुटने मोड़ कर रीटा को कंधों से मिला दिये और बोला- जाती कहाँ है साली! माँ की लौड़ी, अभी तो तेरी मां की चूत भी मारनी है. বাংলাদেশের সেক্সের ভিডিওक्यों भाई ठन्डे, सच कह रहा हूँ न?”भैया, आप बिलकुल सही कह रहे हैं। हम दोनों भाइयों के बीच अब तक तो ऐसा ही होता आया है।” ठन्डे ने जबाब दिया।दुल्हन बोली,”अगर तुम में से कोई एक मर गया तो मैं अपने माथे का सिन्दूर पौंछूंगी या नहीं…. चित्रा के साथ सेक्स करते हुए पकड़े जाने के बाद दीदी की आग शांत करने की जिमेदारी मेरे मजबूत लौड़े पर आ गई.

मैंने कहा- माँ, आप क्या कर रही हो?माँ बोली- मैंने तेरी वो फिल्म कल ही देख ली है, मुझ से कुछ मत छुपा!मेरे पास कोई जवाब नहीं था, उन्होंने एक सेक्सी मुस्कान देते हुए कहा- घबरा मत! मुझे सब पता है.

मुकेश मेरे ऊपर पूरी तरह छा गया था, मेरी चूत से तो जैसे पानी की गंगा बह रही थी, जो बह बहकर मेरी जांघों पर आ रही थी. सामान्य अवस्था में आने पर वेदांत मुझ पर से हट कर मेरे साथ में लेट गया…हम दोनों ने एक दूसरे को देखा और जोर जोर से हंसने लगे… यह सोचकर कि यह क्या हो गया. शालू बोली- अभी तो बहुत उछल उछल कर लण्ड मांग रही थी और अब छिप रही है?अमिता बोली- तुझे अपने भाई के सामने नंगी होने में शर्म नहीं आ रही क्या?तो शालू बोली- मैं तो इससे चुद भी चुकी हूँ और इसकी इच्छा तुझे चोदने की है तो इसलिए आज की रात तुझे अपने साथ सुलाया है.

थोड़ी देर में मैंने उनकी चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया और मैं भाभी के वक्ष के ऊपर थक कर गिर गया, भाभी ने मेरे होंठ चूम लिए और बोली- थैंक्यू देवर जी!फिर हम दोनों बाथकमरे में गए और एक दूसरे को साफ़ करने लगे. जिस वक़्त के वाकियात मैं आपको सुनाने जा रही हूँ उस वक़्त मेरी उम्र 20 साल की होने वाली थी यानि अपनी जवानी के इंतहाई हसीन मोड़ पर थी मैं, जब उमंगें जवान होती हैं, जब मन में किसी का डर नहीं होता और मुझ पर तो जवानी भी टूट कर आई थी. टाँगों को दायें बायें चौड़ाने से डबडबाई चूत का सुर्ख दान भी कसमसा कर चूत की फांकों से सरसरा कर बाहर आकर लिश्कारे मारते लगा, तो बहादुर का बेहाल लण्ड पिंघलता चला गया.

బిఎఫ్ సినిమాలు

अपने मोबाइल फोन बंद करना ना भूलें वरना वे ऐसे समय बजेंगे कि सारा मज़ा किरकिरा हो जायेगा।पुरुष के लिए ज़रूरी है कि वह किसी बात के लिए जल्दबाज़ी न दिखाए। भले ही लड़का-लड़की पहले से एक दूसरे को जानते हों या फिर पहली बार एकांत में मिल रहे हों…. मैं भी यही सोचती थी कि अगर विपुल ने कभी मेरे साथ जबरदस्ती की तो चूचियाँ तो मैं दबवा लूंगी, साथ में चुम्बन वगैरा का भी बुरा नहीं मानूंगी. सरसों का तेल और पानी की मल्लम से मैंने बबलू के सिर पर थोड़ी देर मालिश की और उसको ये बोल कर कि मैं थोड़ी देर के लिये पड़ोस में जा रही हूँ, तेरे चाचा यहीं हैं, लौट कर खाना बनाऊँगी…उसके कमरे दरवाजा खींच कर बाहर आई, किचन में जाकर तेल से सने हाथ को अपनी चूत पर साफ़ किया और हाथ साफ़ कर गेस्ट रूम गई.

केले के तने जैसी।मुझे उसके होंठ अब रसीले नज़र आने लगे थे। मैं जब भी उसको निहारता वो नज़रें झुका लेती थी… मेरी आँखों मे शायद कुछ और नज़र आने लगा था। मैं सोचता था जैसे शशि और स्मिता अपने आप आकर मेरी झोली में गिरी थीं नेहा भी गिरेगी.

मेरा लंड बहुत शरारती था और बार बार भड़क रहा था … यह देख कर दीदी भी मुस्कुराने लगी….

दोपहर को दो बजे मेरे पति और विपिन दोनों आ चुके थे, फिर मेरे पति दिन की गाड़ी से तीन दिनों के लिये दिल्ली चले गये. फिर उसने कहा- क्या तुम और पैसे कमाना चाहते हो?तो मैंने हाँ में सर हिला दिया तो उसने एक पेपर पर दो मोबाइल नंबर लिख कर दिए और कहा- ये मेरी ऑफिस की सहेलियाँ हैं. इंग्लिश फिल्म बफप की आवाज़ करते हुए मैं उसके बहते हुए नमकीन पानी को चूसते हुए मेरी जीभ की नोंक उसकी चूत में गोल गोल फिरते हुए मथने लगा।रागिनी अब बहुत गरम हो रही थी.

जैसा कि मैंने आपसे कहा था, मैं पलक और अंकित की अधूरी कहानी लेकर आप के सामने हाजिर हूँ. जब भी किसी को जरूरत होती है वो मुझको बुलाती है और मैं उसकी सेक्स की जरूरत को पूरा करता हूँ. उसके बाद मैंने इत्मिनान से उसका ब्लाऊज खोला, उसके संतरों को प्यार से आज़ाद किया और उसके निप्पल मसलते हुए उसके नितम्बों को नंगा किया.

देख बेटी, तेरी माँ बीमार है … दवाई दारू का पैसा कहाँ से आयेगा?मैं- इसका मतलब मैं अपना शरीर बेच दूँ …आप मेरे दलाल हैं क्या?अंकल- नीच … यह एक्टिंग है खान अंकल के चलते हमारा घर चलता है! तेरा बाप तो तेरे पैदा होते ही किसी और के साथ भाग गया था …वो इस एक्टिंग के पूरी पन्द्रह हज़ार दे रहा है और देव साहब भी आ रहे है शो देखने. आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताएं!आपका अपना मित्र-साथी राज[emailprotected].

और इसमे इतना मजा है यह मुझे पता ही नहीं था।’ कहते हुए उसने मुझे चूम लिया।‘तुम खुश हो न संजय? तुमने जो चाहा, वो मैंने तुम्हें दिया.

देवर ने बेड पर रखा मेरा पैर नीचे किया, दोनों पैरों को थोड़ा फ़ासले पर किया और मेरी कमर पकड़ कर पहले तो आहिस्ता आहिस्ता चोदा फ़िर जैसे ही स्पीड में चोदने लगा. तो वो समझ गई कि मैंने उससे झूठ कहा था, बोलो- नौटी बॉय !और कह कर फिर से मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए. चूत अब गीली होने लगी थी, मुझे मेरी बेबसी पर तरस आने लगा कि आखिर मेरी चूत इतनी जल्दी हथियार क्या डाल देती है.

लहंगा लहंगा पहन के गोरी करने लगी।फिर मैंने लंड को चूत में अंदर-बाहर करना शुरु किया और उसे चूमता भी रहा ताकि उसे और भी मज़ा आए।और वो हल्की आवाज में ऊऊऊम्म्म्म…. आह ओर तेज या …” कनिका मस्त हुई बड़बड़ा रही थी।अब उसने अपने पैर ऊपर उठा कर मेरी कमर के गिर्द लपेट लिए थे। मैंने भी उसका सिर अपने हाथों में पकड़ कर अपने सीने से लगा लिया और धीरे धीरे धक्के लगाने लगा। जैसे ही मैं ऊपर उठता तो वो भी मेरे साथ ही थोड़ी सी ऊपर हो जाती और जब हम दोनों नीचे आते तो पहले उसके नितम्ब गद्दे पर टिकते और फिर गच्च से मेरा लंड उसकी चूत की गहराई में समां जाता। वो तो मस्त हुई आह उईई माँ.

मैंने देखा कि चूत पर एक भी बाल नहीं था शायद प्रिया ने अपनी चूत की ताजी-ताजी सफाई की थी. फिर वो दोनों जाकर नहाये और फिर हम तीनों ने अपने कपड़े पहने और मैं और चित्रा वापिस घर आने लगे. ऐसा लगता है जैसे कहीं से भी कोई लंड मिल जाये और मैं उसे अपनी चूत में डाल कर सारी रात चुदवाती रहूँ!”फिर क्या करती हो तुम?”नेहा ने एक गहरी सांस ली और कहा- बस दीदी, कभी कभी उंगली या मोमबत्ती से काम चला लेती हूँ!”दीदी ने नेहा को अपने पास खींच लिया और उसके होठों पर एक चुम्मा धर दिया.

বাংলাদেশ বিএফ বাংলাদেশ

”सच चाची? तब तो मैं आपकी मदद जरूर करूंगा, पर एक बात बताओ चाची, तुम्हारे संग ऐसा काम करना पाप तो नहीं होगा?”मैंने कहा,”अरे पगले, पाप तो जब है कि हम किसी को कोई कष्ट पहुंचाएं। मुझे तो तुझसे करवाने में मज़ा मिलेगा। देख, अगर तू मुझे खुश रखेगा तो बात घर की घर में ही रहेगी और जरा सोच यही काम मैं बाहर करवाती फिरूँ तो तेरे चाचा की कितनी बदनामी होगी।”ठीक है चाची, मैं तैयार हूँ…. और मेरी बेरहमी के लिए माफी भी माँगी तो वो बोली- आपने मुझे कली से फूल बनाया, आप तो मुझे अब मार भी डालो तो मुझे कोई शिकवा नहीं होगा. मैं तो तुम्हें बहुत शरीफ समझती थी!’भाभी के ऐसा कहने से मुझे बहुत शरम महसूस हुई और भाभी नहाने चली गई.

‘वाआवऽऽ वाहट ए लवली लौड़ाऽऽ!’ चूत के हमदम का आकार देख कर रीटा की चूत की धड़कन तेज हो गई. जबकि माँ का अस्तित्व भ्रूण के बनने से लेकर आजीवन रहता है…मैं अपने मन के द्वंद्व में खो गई थी.

मैंने कहा- क्यों?उसने कहा- ऊपर से चाहे जो कर लो, पर अंदर नहीं!मैंने पूछा- क्यों? अंदर क्यों नहीं?तो उसने कहा- बस ऐसे ही!मैं ऊपर से ही उसकी चूत पर हाथ फिराता रहा पर मुझसे रुका नहीं जा रहा था, मैंने उसे कहा- मेरा लण्ड तो पकड़ ले!उसने पजामे के ऊपर से ही लण्ड पकड़ कर सहलाया.

नेहा बाहर आई… थोड़ी दूर जाकर उसने इशारा किया… मैंने पूरे फेफड़े भरकर गोता लगाया… जैसे ही एक जोड़ी गदराई टांगों के पास पहुंचा…उसने अपनी अंडरवीयर नीचे सरका दी… क्लीन शेव्ड चिकने. दीदी मेरे ऊपर टूट पड़ी और मेरी टी-शर्ट और बनियान उतार दी और मेरी छाती पर जीभ फेरने लगी. थोडी देर तक इस पोसिशन में चोदने के बाद उसने कहा – अब तुम नीचे आओ… मैं बेड पे लेट गई.

आह!’‘लो ये लो!’ और मैंने लंड को उनकी चूत के एकदम अंदर मुँह पर टिका दिया और मेरी पिचकारी शुरू हो गई।दोनों ने एक दूसरे को कस कर पकड़ा था. तो कविता बोली- तो उसमें क्या है सुहास ! अभी तक तो तूने हम तीनों से ऊपरी-ऊपरी मज़े लिए, अब सच में इस नये खेल का हम आनंद उठाते हैं…. मैंने अपनी चूत दबा ली, फिर बस नहीं चला तो अपना पेटीकोट ऊँचा करके चूत को नंगी कर ली और उसे सहलाने लगी.

‘अरे बस करो ना…’‘बस क्यों भाभी जी, आपने रात को तो बुलाया ही था ना… फिर अब चुदो!’‘हाय मैं मर गई, मैं तो चुद गई, गुड्डू चल चढ़ जा मेरे ऊपर और तू बण्टी मेरी पीछे की मार दे…’रंगीले सोच के कारण हमारी चूतें तो वैसे ही लण्ड लेने के लिये फ़ड़फ़ड़ा रही थी.

आदिवासी बीएफ हिंदी: ? चिंता मत करो, तुम चाहोगे तो तुम्हें निशा और मंजू की चूत भी दिला सकती हूँ। लेकिन उसके लिए पहले तुम्हें मुझे खुश करना पड़ेगा।”वो नहीं जानती थी कि दोनों पहले ही चुद चुकी हैं…. कम से कम मैंने अपना सब उसे सौंपा, जिससे मैं प्रेम करती हूँ और जो मुझ से प्रेम करता है.

पाँच मिनट बाद माया वहाँ से निकल गई, पिंकी ने मुझे आवाज दी- मनुजी…!!मैं- हह…हाँ?पिंकी- बाहर आइए!मैं चुपचाप बाहर निकल आया. ये बात दिमाग में आते ही मैंने वो जालीदार कवर निकाल लिया और ज़ल्दी से अपनी साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट निकाल दिए. मैंने तुरन्त भांप लिया कि दीदी की शंकित नजरें हमारा एक्स-रे कर रही थी… पर मुझे उससे क्या… चुद तो मैं चुकी थी… मैं भी तो आधी घर वाली हूँ ना… भले ही वो जलती रहे.

दोस्त को तो जगह मिल गई, मुझे जगह नहीं मिली तो बगल वाली छत से आवाज आई- जगह नहीं है तो हमारी छत पर आ जाओ.

जब वो नहा रही थी…” वो शर्माता भी जा रहा था और मैंने देखा कि उसका मुंह लाल हो रहा था. उसकी प्यारी सी चूत मेरे हाथों में आते ही रस से भर गई और मैं खुद को उसकी जांघों के बीच घुसने से नहीं रोक पाया. मैं देख कर आती हूँ।सोनिया- क्या नाम है तेरा?चौहान” उनमें से एक बड़ा अकड़कर बोला।दूसरा बोला- चौधरी।सोनिया- सुनो चौहान और चौधरी के बच्चो….