बीएफ लेडीज

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मैंने उसकी मनोस्थिति भांप ली थी, ऐसा शायद मेरे लंड के आकार के कारण था. केरल सेक्सीएक दिन दोपहर में मैं और सरिता कैरम बोर्ड खेल रहे थे, शायद उसे पता नहीं होगा या उसने ध्यान नहीं दिया होगा क्योंकि वो बड़ी मस्तराम लड़की थी… उसकी पजामी बिल्कुल चूत के सामने से थोड़ी सी उधड़ी हुई थी.

मुझे लगा कि इतना होने पर लंड आसानी से अन्दर तक चला जाएगा, पर उसकी चूत अभी भी टाइट थी. सेक्सी फिल्म हिंदी में देखने वालाकुछ ही देर में चुदाई का मूड बन गया और मैंने जल्दी जल्दी उसकी कमीज़ उतार दी.

माइक ने रुक कर मुनीर के होंठों को चूमा, फिर मुँह से मुँह लगा कर चूमते हुए.बीएफ लेडीज: उसने बताया कि ग्रुप स्टडी के 2 घंटे पहले ही इसी कमरे में वो फिर से चुदी थी अपने भाई से.

कुछ देर बाद मैंने किस करना रोका और उसका कुर्ता निकालते हुए उसकी ब्रा भी खोल दी.इसलिए मैं अब उनके दोनों पैरों को मोड़ कर पैरों के पास बैठ गया और आंखों की भौ को ऊपर करते हुए उनकी तरफ इशारा किया.

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जैसे मेरी चूत में लंड घुसा लगा कि मैं मर गई, मुझे इतना तेज दर्द हुआ, तो समाली अंकल जल्दी से अपने होंठों से मेरे होंठों को काटने लगे.उसने मेरी तारीफ़ करनी शुरू कर दी, पर वो ज्यादातर अंग्रेज़ी में बोल रहा था.

उसकी हिचकिचाहट देखकर जॉन उसे मेरे पास ले आया, मेरी जांघों पर उसे लिटा कर उसको किस करने लगा. बीएफ लेडीज थोड़ी देर तक वो मीठी मीठी बातें करती रही, फिर मैंने पूछ ही लिया कि आप हो कौन?तब उस भाभी ने अपना नाम पूजा (काल्पनिक) बताया.

लंड का सुपारा छेद पर रगड़ने के बाद सर ने मेरे छिद्र पर अपना सुपारा टिका दिया.

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आज उसने उसको डॉगी स्टाइल में चोदा और उसके पहले दोनों ने 69 भी किया था. उसकी जाँघों के बीच चुत वाले हिस्से पे हाथ से थोड़ा स्पर्श करने पर भी वो नहीं जगी. तो वह बोली- मुझे पता है और मैं सब सहन कर लूँगी, पूरा अन्दर तक डाल दो.

दोस्तो, जो लोग मुझे नहीं जानते हैं उनको मैं अपने बारे में बता दूँ कि मेरा नाम राज आर्य है, मैं मध्यप्रदेश के मन्दसौर जिले का रहने वाला हूँ. मुझे पता है कि आपको बहुत चिंता हो रही है ‘वो वाला’ सामान चेक करने की!” बहूरानी द्वीअर्थी बात मुस्कुरा कर बोली. दीदी, वैसे आपकी शादी से पहले एक बार तो सेक्स करना बनता है, उसके बाद तो मेरी किस्मत.

इस तरह से अब हम दोनों एक ही छत के नीचे दो अजनबियों की तरह से रहने लगे. लेकिन एक बात बताओ क्या तुम्हें लेस्बियन पसंद है?तो वह बोली- बाद में बताऊँगी!धीरे धीरे मुझे भी नशा सा छाने लगा और मेरी भी साँसें तेज़ होने लगी क्योंकि मैं भी पिछले कई महीनों से अपने पति के पास नहीं जा पाई थी और एकदम अकेली थी. भाभी की प्यासी जवानी की कहानी पर आप मुझे अपने विचार मेल करें!कहानी जारी है.

जब ये वाली चुदाई होगी तो उसकी कहनी भी मैं अपने अन्तर्वासना पाठकों के लिए अवश्य लिखूँगा. रशीद पायल के मम्मे को आम समझ कर उसका रसपान करने लगा … और चूसते हुए मसलने लगा.

जब मैं फिर भी नहीं उठा तो वो मेरे ऊपर ही मेरी छाती पर लेट गई और मेरे लंड को सहलाने लगी.

इसके बाद मैंने उसको नीचे उतार कर मेज पकड़कर खड़ा कर दिया और पीछे से उसकी चूत चोदने लगा और वह मस्त होकर मुझसे चुदने लगी.

उन्होंने मेरा नंबर ले लिया था, तो कभी कभी ऐसे ही मुझे फोन ही कर लिया करते थे और मैसेज भी करते. तो चाची बोली- गौरी में ऐसा क्या देखा जो तूने उसको चोद दिया? और तू शादी के समय से मुझे भी घूरता रहता है. मुझे मेरे चाचा और चाची ने अपना कर्ज़ चुका ना पाने की वजह से तुम्हारे बाप के पास बेचा था.

आधे से ज्यादा लोग दारु पी कर टुन्न हैं वे तो डांस करेंगे और नोट उड़ायेंगे, लेडीज को भी नाचने और फोटो खिंचाने से ही फुर्सत नहीं होगी. तभी मुझे मेरे पड़ोस वाले भैया की आवाज सुनाई दी, वो मेरी मम्मी से बातें कर रहे थे. धीरे धीरे प्रिया की‌ कराहें, मादक सिसकारियों में बदल गईं और उसके दोनों हाथों ने मेरे सिर को छोड़ दिया और अब वे वापस मेरी पीठ पर रेंगने लगे.

पर फिर भी मैं तो उसे एकदम घूर घूर के देखने लगा लेकिन वो इतना नहीं देख रही थी.

मुच्छड़- क्यों छमिया, कहाँ से आ रही है?मैं रोते हुए- छमिया क्यों कह रहे हो भैया?मुच्छड़- अरी रंडी. यह कह कर उसने मेरा मुँह चूमना शुरू कर दिया और साथ ही एक एक करके मेरे कपड़े भी उतारने लगा. सुबह विक्रम उठा और अपने कोचिंग चला गया जहाँ वो कम्पटीशन की तैयारी करता था.

फिर 15 मिनट बाद कुछ लाइट जली और रोशनी हमारी तरफ आने लगी तो हम समझ गए कि कार आ रही है. उन्होंने लंड को अन्दर डालने की जैसे ही कोशिश की, मेरे मुँह से ज़ोर से चीख निकल गई- बाप रे ईई. मैं समझ गया और मैंने अपना लंड मामी जी की चूत से बाहर निकाला और कहा- चलो अब पलट जाओ मामी जी.

इसी के साथ साथ अपने होंठों से मेरे लंड पर किस करने लगीं और लंड के आगे वाले भाग को अपने मुँह में लेकर अपनी जीभ से स्पर्श करते हुए चूसने लगीं.

मयूरी- अच्छा… तो आपको मजा आया पापा… अपनी बेटी की गांड मारकर?अशोक- हाँ बेटा… बहुत ज्यादा मजा आया… इतना मजा तो तुम्हारी माँ की गांड मारकर भी कभी नहीं आया. अपना लंड मैंने उसके हाथ में देने की कोशिश की, लेकिन उसने बंद आँखों से लंड को सिर्फ धीरे धीरे सहलाया.

बीएफ लेडीज उन दोनों ने पायल को ले कर गंदे जोक शुरू कर दिए और मैं भी उनकी मस्ती में शामिल हो गया. दोपहर में सरिता हमारे घर पर सोने के लिए टीवी देखने के लिए या खेलने के लिए रोज आती थी क्योंकि उसके पापा की आय बहुत कम थी और उनके घर में पंखा और टीवी नहीं था.

बीएफ लेडीज मैंने भाभी को दोनों हाथ से पकड़ कर उठाया और सहारा देकर अपने बिस्तर पे बिठा दिया. दोस्तो, पिछली कहानीमालिक की बेटी के बाद उसकी बहन को चोदामें आपने पढ़ा था कि कैसे सतीश और बुआ जी का टांका सैट हो गया था और सतीश ने बुआ जी को चोद दिया था.

मैंने भी फिर जोश में एक और झटका मारा और इस बार पूरा लंड अन्दर घुसेड़ दिया.

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उसने बातचीत शुरू की- पापा… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है बहुत दिनों बाद आपकी गोद में बैठकर!पापा- अच्छा?मयूरी- हाँ पापा, अपने तो मुझे प्यार करना छोड़ ही दिया है. इस दौरान मामी रोतीं, चिल्लातीं और मुझसे दया के लिए गिड़गिड़ाती रहीं. दरवाजे के सामने पहुंचते ही मुझे किसी मर्द के कराहने की आवाज सुनाई दी.

आप ही इसे कल मार्केट ले जाना और कोई अच्छा, सिम्पल सा स्मार्ट फोन इसे दिलवा देना जिसे ये अच्छे समझ सके!” अदिति बहूरानी मुझसे बोली. नजदीक जाकर देखा तो वो उसी गाँव वाली छोरी से बातें कर रहीं थीं जिसे मैं दोपहर में ताड़ रहा था. बारिश की वजह से मेरा शर्ट गीला हो गया था तो बॉडी से चिपक गया था और वो और ज्यादा मजे से हाथ से सहला रही थी और मेरे गालों को चूम रही थी.

उन्होंने मेरी तरफ कुछ सवालिया नजरों से देखा और कहा- क्या करती हूँ? क्या तुमने कुछ देखा है?मैंने हां में सर हिलाया तो भाभी पूछने लगीं- क्या देखा है?मैंने मोबाइल में वीडियो चालू करके भाभी को दे दिया.

मेरी स्टूडेंट से सेक्स कहानी के पहले भागस्टूडेंट से सेक्स: जवान लड़की को दबा कर चोदा-1अब तक आपने पढ़ा किस प्रकार मैं अपनी ही स्टूडेंट को पटा कर उसे चूमने में कामयाब रहा था. मैंने उसकी थोड़ी तारीफ की और कहा- मुझे आप बहुत अच्छी लगी हो, क्या मैं आपका नम्बर जान सकता हूँ?वो मुस्कुराते हुए बोली- किस चीज का नम्बर?मैंने अचकचा गया और कहा- फोन का नम्बर दे दीजिएगा. एक आगे की तरफ जो नियमित प्रयोग में आता था, वो अलग गली में खुलता था और दूसरा जो सिर्फ भैंसों के लिए था और घर के पिछले हिस्से में था.

मैं उसके मुँह को चोदने लगा और कुछ ही देर में उसके मुँह में ही झड़ गया. शादी तो अगले दिन थी और शाम का टाइम सो लोग घूमने फिरने निकल गये थे पर मेरी नज़रें तो बहूरानी को ढूँढ रहीं थीं. मामी ने करवट बदली, खुद ऊपर से नीचे आ गयीं और मुझे नीचे से अपने ऊपर कर लिया.

मेरे मुँह में मुन्ना अंकल ने अपना लंड का रस छोड़ दिया था इसलिए वे ढीले पड़ गए. मैंने उनके पास जाकर पूछा- भाभी कुछ काम था क्या?तो भाभी ने पूछा कि कहाँ से आ रहे हो और ये हाथ में क्या है?मैंने बता दिया कि कॉलेज से आया हूँ और हाथ में मूवी की डीवीडी है.

मैं उनकी बातों से और उत्तेजित हो गया और उनके बालों को ज़ोर से पकड़ कर उन्हें बिठाया और उनके मुँह में अपना 6 इंच लंबा और मोटा लंड पेल दिया. मुझको इस समय रोको मत!तब पूजा अपनी कमर उचकते हुए बोली- अरे चोदो ना राजा, मैं कब मना कर रही हूँ. फिर ऐसे ही एक दिन वो मुझसे मिलने आया और हम लोग उसी मूड में घूमने चले गए.

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प्रिया का मुँह मेरे होंठों से बन्द था इसलिये उसने ऊगूंगूगूगू … गूऊऊ …” कहते हुए पहले तो अपने होंठों को मेरे मुँह से छुड़वाया और फिर दर्द से बिलबिलाने लगी. मैंने झट से एक उंगली उसकी चूत में डाल दी और उसको आगे पीछे करने लगा. मैं इतने बड़े साइज़ की फोटो को देख कर ख्यालों में ही उसे चोद रहा था कि तभी अचानक किसी ने पीछे से मेरे कंधे पे हाथ रखा.

तभी अंकित मेरे बूब्स को धीरे धीरे दबाने लगा वो भी टॉप के ऊपर से ही, अंदर ही अंदर मेरे अजीब सी हरकत शुरू हो गई, पर मुझे डर भी लगा कि कहीं कोई जग ना जाए पर मैं पता नहीं क्यों अंकित को मना नहीं कर पायी और उसे यह भी नहीं लगने दिया कि मैं जग रही हूं, मैं सोई ही बनी रही. मैं टैक्सी के बाहर देख जरूर रहा था पर मेरा ध्यान कम्मो पर ही था कि वो क्या क्या कर रही है.

वो- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?मैं एकदम से चौंक गया क्योंकि किसी कस्टमर ने आज तक मुझसे ऐसा नहीं पूछा था. उसे देख कर मैं उछल पड़ी और बोली- दीदी, तुम्हें देख कर ऐसा लग रहा है. शाम को शीतल के जागने के बाद मयूरी उससे मिली और शीतल ने पूरे विस्तार से उसे अपने दोनों बेटों से चुदने की गाथा बताई और दोनों माँ बेटी बहुत खुश हुई क्योंकि दोनों ने अपनी जंग जीत ली थी.

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दोस्तो सॉरी, कहानी बहुत लंबी हो गई है, मगर सच लिखने में ऐसा ही होता है.

दीदी के मम्मों को देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था और पैंट में तंबू बना देता था. हजबैंड तो साला गांडू निकला मादरचोद को मेरी परवाह ही नहीं है भैन का लौड़ा पैसे कमाने में ही लगा रहता है. सुशीला रो रही थी, मैंने उसके गाल पर चुममा दिया और उसके चूतड़ को मसलते हुए बोला- मानसी, वो कुछ नहीं, तुम्हारी माँ हमसे थोड़ा प्यार कर रही थी न … इसीलिए।मानसी ने और एक बार उसकी माँ की अवस्था पर नजर डाली … और देखा कि सचमुच वो मुझे कुछ बोल नहीं रही है और मैं उसके चूतड़ मसल रहा हूँ, गालों को चूम रहा हूँ.

मैंने पूछा- क्या हुआ?वह बोली- तुमने फिर से मुझे काटा!तो मैंने आंख मार दी. अब मैंने भाभी को सीधा लेटा दिया और उनकी दोनों टांगों की बीच में आ गया. bai की सेक्सी वीडियोवो मेरी चूत को चूमने के बाद मेरी चूत में उंगली करने लगा और उसके बाद वो जोर जोर से मेरी चूत में उंगली करने लगा.

तभी टीवी पे बारिश की न्यूज दिखाने लगे, पूरे शहर में पानी भरा था और रास्ते बंद होने लगे थे और बिजली का भी प्रॉब्लम हुआ था. पीठ पर हाथ फेरते फेरते वो मेरे कूल्हों पर हाथ ले गये और उन्हें धीरे धीरे दबाने लगे.

मैं अभी आती हूँ क्योंकि यहां पर तो कोई ना कोई आता ही रहेगा, वरना यह फोन तंग करेगा. पार्टी में सब मर्द उनके, जो बिजनेस रिलेटेड हैं, वे सब शिरकत करेंगे. शीतल एक घरेलू काम-काजी महिला थी पर अन्य औरतों की तरह उम्र का असर उसके शरीर पर ज्यादा हुआ नहीं था.

दोस्तो, मैं आपका दोस्त कुणाल सिंह कानपुर से! मेरी एक सेक्स कहानीमेरी जयपुर वाली मौसी की ज़बरदस्त चुदाईपहले भी तीन भागों में अन्तर्वासना पर आ चुकी है. स्वेटर खुलते ही फूफा जी रजनी जी की चुचियों को उनकी नाइटी के ऊपर से दबाने लगे. उसके चेहरे में सबसे खास उसके होंठ थे, जो ऊपर के थोड़े मोटे और नीचे के पतले थे.

उसने मुझे आवाज़ लगा कर रोक लिया और एक फ़ोन करने के लिए मेरा मोबाइल माँगते हुए बोली- थोड़ी देर में दे जाऊँगी.

तब मुझे लगा कि इस औरत के साथ चुदाई का चान्स है!हमारे बीच फोन पर सेक्स सम्बन्धी बातें तो होती ही थी तो फिर चाय खत्म करने के बाद वो कुछ बोलती, उससे पहले ही मैंने उसको पकड़ा और किस करना चालू कर दिया. वो अपनी कार को सिटी से दूर एक फार्महाउस पर ले गए, वहां मुझे एक हॉल में बिठा कर वो दोनों करीब दो घंटे तक एक रूम में जाकर एंजाय करते रहे.

चूत के पानी और वीर्य से मिश्रित भीगा हुआ लंड अभी भी झटके खा रहा था. मयूरी ने फिर आगे बात की- मैं यह साफ़ कर देना चाहती हूँ कि अभी तक मेरा तुम दोनों के साथ जो भी हुआ, उसके लिए मैं एकदम शर्मिंदा नहीं हूँ, बल्कि मुझे इस बात का बहुत ख़ुशी है कि मेरी इस जवानी को कोई बाहर वाला लूटे, इससे पहले मेरे अपने भाई इस का मजा लें और मुझे भी मजा दें. वैसे मुझे उन चारों से कोई रंज नहीं था, उन्होंने मुझे गांड चुदाई का एक नया अनुभव दिया था जिसका दर्द भरा आनन्द मैंने भी लिया था.

मैंने तभी माइक की तरफ देखा, उसने तुरंत कह दिया मुझे ऐसा कोई शौक नहीं है और न ही मैं समलैंगिक हूँ, मुझे केवल औरतें ही पसंद हैं. मैं फिर अपने रूम में जाकर मुठ मारने लगा, लेकिन पता नहीं कब भाभी अचानक से मेरे रूम में आ गईं और उन्होंने मुझे लंड हिलाते हुए देख लिया. जहां कपड़ा भी उनके पास ही था, सिर्फ़ हमें कलर और फेब्रिक पसंद करना था.

बीएफ लेडीज मैंने मुस्कान की टांगों की तरफ आते हुए अपना मुँह उसकी चुत पर टिका दिया. मेरा पानी निकलने वाला है, कहाँ निकालूँ?मामी बोलीं कि मेरी गांड में ही अपना पानी निकाल दो.

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बस मैं समझ गया कि आज तो इसकी चुत की खुजली मेरे लंड के लिए ही जागी हुई है. मैं- और अंकल, तबियत ठीक है ना?शर्मा जी- सच में पूछ रहा है या कुछ चाहिए?आपको बता दूं कि शर्मा जी अकेले ही रहते थे, उनकी कोई संतान नहीं थी और बीवी भी बहुत समय पहले ही चल बसी थीं, इसलिए वे मुझे अपने बेटे समान ही मानते थे. कुछ देर यूं ही चोदने के बाद मैंने उसे अपने ऊपर बिठाया औऱ नीचे से चोदने लगा.

मैंने उससे पूछा कि माइक और मुनीर कहां हैं और मिलने की जगह सुरक्षित तो है न?तारा ने तुरंत जवाब दिया- फिक्र मत करो … इस बार ऐसी जगह पर सारा इंतज़ाम है कि दिल खुश हो जाएगा और किसी प्रकार का कोई भय नहीं रहेगा. अब मेरी लार से उसकी चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि मेरी उंगली उसकी चूत में आराम से अन्दर बाहर हो रही थी. देवर भाभी का हिंदी सेक्सीवो अब भी मुझसे चिपक कर खड़ी थी और मैं उसके बदन की नर्मी और सांसों की गर्मी को महसूस कर रहा था.

मैंने जोर लगा कर सलवार छुड़ाने का प्रयास किया तो उसने अब दोनों हाथों से उसे पकड़ लिया और इन्कार में गर्दन हिलाने लगी.

जैसा मैंने सोचा था मनीषा ने भी अपने रूम की लाइट ऑन कर रखी थी और इस बार मनीषा बिल्कुल की-होल के सामने नंगी लेटी हुई थी. क्योंकि जीने को पूरी लाईफ पड़ी है और हम लोग मैत्री का रिश्ता नहीं तोड़ना चाहते थे.

मेरी दो उंगलियां उसके निप्पल को ऐसे मसल रही थीं, जैसे हम धागे को सुई में डालने से पहले रगड़ते हैं. अंकित बहुत जोर जोर से मेरी चूत में अपना लंड डालकर अपनी और मेरी हवस मिटा रहा था. इस सब से बहुत ही कम समय में हम दोनों जोश में आकर बहुत मज़े मस्ती करने लगे.

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मामी मेरे पास आईं और मेरा फोन उठा कर उसे अनलॉक करने की कोशिश करने लगीं, जब लॉक नहीं खुला तो मुझे उठाने लगीं. ऊपर से मयूरी ने उसका लंड अपने हाथ से पकड़ रखा था और बीच-बीच में दबा भी रही थी. कुछ पल बाद प्रिया का दर्द कुछ कम हुआ और वो अपनी गांड को हिलाकर मेरा लंड अपनी चूत में लेने लगी और उसकी मादक सिसकारियां निकलने लगीं ‘ओह्ह हह … आहह … उहह हहहह …’कुछ ही देर में अब प्रिया अपनी गांड को जोर जोर से हिलाना शुरू कर दिया और मैंने भी अपनी चुदाई की स्पीड ओर तेज कर दी.

पंजाबी चूत सेक्सीअब मेरी आपसे यही प्रार्थना है कि आप जल्दी से जल्दी किसी अच्छी लड़की से शादी करके अपना घर बसा लो. मैं उन्हें ठीक से देखने का बहाना बना कर उनकी चुत देखने का मौका देख रहा था.

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यह आपकी भाभी नहीं, आपकी एक अच्छी सी परिवार की एक फ्रेंड पूछ रही है।इसके बाद प्रीति बैठ गयी और उन्होंने साईट एंटर की. मेरी दूसरी कहानी ‘बन गयी सत्यम की दुल्हन’ अन्तर्वासना की वेबसाइट पर भेजकर मैंने उन सभी की जिज्ञासा शांत की. ऐसे ही एक दिन इन्टरनेट पर खोजते हुए अन्तर्वासना साइट मिली, तो इसे पढ़ना शुरू किया.

वो कुछ ही देर में मेरे मुँह में झड़ गई और मैंने उनका कामरस चुत में जीभ डाल डाल कर चूसने लगा. थोड़ी देर बाद मैं उसके ऊपर से हटा, तो उसकी चूत से मेरे वीर्य और उसके खून का मिश्रण बहने लगा. तारा जब तक आती, माइक ने मुनीर को पकड़ अपने ऊपर बिठा लिया और हाथ से पकड़ लिंग को उसकी योनि में घुसा दिया.

आंटी की फ़ुद्दी से नमकीन रस निकल रहा था, मैं अपनी जीभ से आंटी की चूत चोद रहा था. उस रात वो लोग संभोग के बाद क्या करने लगे, ये तो नहीं पता, पर मैं सो गई थी. अरे अच्छे से अच्छा ही दिलवाएंगे तुझे, मेरे कहने का मतलब तेरे फोन में तुझे क्या क्या देखना है?” ऐसा कहते हुए मैंने अपने हाथ की उँगलियों से उसकी पीठ पर हारमोनियम सी बजाई.

मैं उनके पेट पर उंगली घुमाते हुए, हल्के से उनकी गांड दबाते हुए, कभी आंटी के गाल पर किस करते हुए. कुछ बोले बिना उन्होंने अपने मोबाइल की लाइट से सब देख लिया और अपने मोबाइल से विडियो रिकार्डिंग भी कर ली अंकित जब लन्ड मेरी गान्ड में डाले था.

पहले तो मुझे प्राब्लम हुई, फिर मैंने सोचा कि भीड़ में क्या कर सकती हूँ.

मैंने अपना पजामा और टी-शर्ट उतार दी और उसका टॉप और जींस भी उतार दी. सेक्सी देसी हॉट वीडियोखुश रहो!” मैंने उसे आशीर्वाद दिया; वो मेरे सामने झुकी थी वो मेरा हाथ खुद ब खुद उसकी पीठ पर जा पहुंचा. हिंदी में ब्लू फिल्म फुल सेक्सीमगर जब मैं घर आया तो वो मेरे पास आ गई और बोली- सॉरी कपिल कल के लिए. कहानी पढ़ते समय मैं अपने मन में एक छवि बना कर उस कहानी के नायक को अपने ऊपर महसूस करके अपनी चुत की आग को शांत कर लेती हूं.

उन्होंने मुझसे बैठने को कहा तो मैं वहीं अन्दर पड़ी एक कुर्सी पर बैठ गया.

दोनों एक साथ झड़ गए, चाचा का समूचा वीर्य चाची की चूत के अन्दर ही पिचकारी छोड़ते हुए निकल गया. इसी तरह करीब 5 साल गुजर गए और आज मैं 21 का हो गया हूं और मिताली दीदी 28 की हो गयी हैं. तारा की बात खत्म होते ही दरवाजा खुला और सामने एक पहाड़ से व्यक्ति मुस्कुराता हुआ हमारा स्वागत कर रहा था.

उसके बाद वह लड़की आई, मैंने उसका नाम पूछा, उसका नाम नेहा था, उसने मुझे पेट के बल लेटने को बोला और मसाज वाली जेल से मेरी पीठ में मालिश करने लगी. अब तो मैं थोड़ी थोड़ी देर में नजरें चुराकर उसकी चूत को देखने का आनन्द ले रहा था. मैं भी उन्हें लाल साड़ी में देखकर कण्ट्रोल नहीं कर पाया और जल्दी से जाकर भाभी को अपनी बांहों में लेकर किस करने लगा.

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अब मुझसे रहा नहीं गया और न जाने मुझे क्या हुआ, मैं हाथ ले जाकर खुद जगतदेव अंकल का लंड पकड़ कर अपनी चूत में फिट करने लगी और अपनी चूत के छेद में लंड सैट कर भी दिया. वो तुरंत फोन काट कर से मेरे घर आ गया और मुझसे चिपक कर मुझे चूमने लगा. मैं बिस्तर पर लेटा हुआ अपनी दोनों आंखें बंद करके भाभी की सुंदरता और गठीले बदन के बारे में सोचने लगा.

उधर प्रिया मस्ती में बोलती- और चोदो और जोर से चोदो … आआह!इधर मेरी स्पीड बढ़ जाती.

मैंने सोचा बातें करने के लिए तो और भी बहुत लोग हैं, लेकिन चोदने के लिए तो ये ही सही माल है और सही वक्त है, तो बातें छोड़ प्यारे.

प्रिया‌ के हाथ के दबाव से मेरे लंड के आगे की चमड़ी थोड़ा सा पीछे हो गयी थी और गुलाबी रंग का हल्का सा सुपारा नजर आ रहा था. कैसे एक ही बार में मैंने तुम्हें एक्सपर्ट बना दिया।” अब इसका क्रेडिट भी उसी ने ले लिया।हो गया न. छोटी लड़की चुदाई सेक्सीअब परिवार में भाई-बहन, पति-पत्नी, पिता-पुत्र, पिता-पुत्री, बहु-ससुर सबके बीच का सम्बन्ध बिल्कुल बदल चुका था.

मुझे भाभी की इस बात से पता चला कि जिनको चोदने का मैं सपने रोज देखता था, वो तो खुद ही मुझ से चुदना चाहती थीं. उसने मेरे हाथों को खींच कर दोनों तरफ फैला दिए और बोला- आज हमारी चुदाई की पहली रात है, इसे ज़रा यादगार बना लेना चाहिए. हम दोनों एक ही सिगरेट से मजा लेने आगे और मैं उसके होंठों का टच सिगरेट के माध्यम से लेने लगा.

इसी के साथ उसने अपने पापा को कॉल करके बोल दिया कि मैं उदयपुर के पास में जैसमन्ड लेक घूमने जा रही हूँ और कुछ देर में आ जाऊंगी. शीतल अब भी बिस्तर ठीक कर रही थी, मयूरी शीतल से पीछे से चिपकते हुए उसके गर्दन वाले भाग पर प्यार भरा चुम्बन देते हुए बोली बच्चों की तरह ठुमकते हुए- माँ…शीतल- हाँ बेटा, उठ गया मेरा बच्चा?मयूरी- हाँ माँ… पर…शीतल- हाँ.

मैंने झटके मारने शुरू कर दिए और हर झटके से उसकी सिसकारियां निकलने लगीं.

उसने बताया- मैं सारा दिन सेक्स ही सोचती रहती हूँ, इसलिए पढ़ नहीं पाती. अगर वो रात को मेरे साथ ही रहना चाहे, तो रसोई में अपना बिस्तर लगा कर सो भी सकती है. आप लोगों के विचारों और सुझावों का स्वागत है, कृपया अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें.

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मैंने सीधा उत्तर दिया कि मेरी विडंबना तुम जानती हो, मैं जल्दी बाहर नहीं जा सकती. खैर उन्होंने मेरी बात पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया और जो पैसे मुझसे लिए थे उनको लेकर चलते बने. मैंने उसके कंधे पकड़कर थोड़ा जोर लगाया तो लण्ड आधा अंदर घुस गया और हिमानी की जोर से चीख निकल गई- उम्म्ह… अहह… हय… याह… मर गयी मैं!भाभी के कमरे की तरफ की कुण्डी नहीं लगी थी, हिमानी की चीख सुन कर भाभी अन्दर आ गई और हमें उस पोजीशन में देख कर बोली- देवर जी! जरा धीरे, कहीं ऐसा न हो कि चूत बिल्कुल ही न फट जाए.

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मेरे साथ में चिपक कर बैठना, फिर स्कूटी वाला खेल खेलना, ये सब आम बात हो गई थी. हम दोनों सड़क के किनारे से थोड़ा अन्दर गए और वहां एक साफ़ जगह देख कर जमीन पर बैठ गए और किस करने लगे. जिनके साथ वो सम्मान के साथ बेफिक्र हो कर अपनी अधूरी वासना पूरी कर सकती हैं.

उस दिन रविवार था इसलिए हनी बहुत खुश हुई कि वो पूरा दिन मेरे साथ रहेगी. तारा ने गाड़ी से उतरने के बाद बताया कि ये वन विभाग का गेस्ट हाउस है, पर बन्द था.

और दिल्ली में जाओ और चुदाई ना करो तुम तो मजा कहां आता है!मैं जिस होटल में रुकता हूं, उस होटल में भी कॉल गर्ल की व्यवस्था है.

जब कुछ प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मैंने दो उंगलियां मौसी की चुत में डाल दीं. छोटू?”हां छोटू … लम्बू कह लो चाहे मोटू कह लो … वही!” बोल के बहूरानी ने मुझे चिकोटी काटी. वो खुश हो गई, उसकी ख़ुशी ठीक वैसी ही थी, जैसे चुदाई की कहानी की किताब मिल गई हो.

नए लोग थे, कोई जानता ही नहीं था। घर से एडमिशन कराने भी मैं अकेला ही आया था क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि घर वाले चंडीगढ़ का महंगा और मॉडर्न रहन-सहन देखें क्योंकि मैं मिडल क्लास फैमिली से हूँ और मेरे माता-पिता पुराने विचारों वाले हैं। आप समझ ही गए होंगे कि मेरा क्या सोचना था।खैर. बस फिर उन सबसे बुजुर्ग अंकल ने मेरी चूत के रस को चाटना शुरू कर दिया. लेकिन एक बात बताओ क्या तुम्हें लेस्बियन पसंद है?तो वह बोली- बाद में बताऊँगी!धीरे धीरे मुझे भी नशा सा छाने लगा और मेरी भी साँसें तेज़ होने लगी क्योंकि मैं भी पिछले कई महीनों से अपने पति के पास नहीं जा पाई थी और एकदम अकेली थी.

सुजाता थोड़ी मायूस हो गई, वह कहने लगी- राज कभी कभी कुछ मेरी भी हेल्प कर देना, उसके मैं एक्स्ट्रा पैसे दे दूँगी.

बीएफ लेडीज: आप सब मुझे इस सेक्स स्टोरी के लिए अपने फीडबैक देकर जरूर बताएं, इससे मैं और भी जल्दी कहानी आपको बताउंगी. पर थोड़ी ही देर में उसको अपने बेटों को मादरचोद बनते हुए देखकर बड़ा आनन्द आने लगा और उसका लंड खड़ा हो गया.

उतरने के बाद मैं नीचे गया और उसके पास जाकर खड़ा हो गया, पर ज्यादा पास नहीं गया और बस उसे घूरने लगा. उस वक्त मेरी उम्र 18 साल की हुई ही थीमेरी माँ ने मुझसे कहा कि तू इन छुट्टियों में अपनी मौसी के घर चला जा!मैंने हामी भरते हुए कहा- ठीक है माँ. संपत जी बड़ी तेजी से मम्मी जी की चूचियों को अपने मुँह में ले कर चूसने लगे और निप्पलों को दांतों से काटने लगे.

इसके बाद मैंने ‘दे दनादन’ फ़िल्म का वो गाना ‘गले लग जा …’ को स्लो वोल्यूम पे लगा दिया और फिर से उसके होंठों को चूसने लगा.

तभी पीछे वाले ने मेरे मुँह पर हाथ रखा और अपना मूसल मेरी चुत में आधा पेल दिया. इसके बाद एना ने मुझे अपना फ़ोन नंबर दिया और अपनी कार से मुझे घर तक छोड़ा. पहले तो उसने अपनी जबान से उसके लंड को चाटा फिर उस प्यार से मूसल जैसे लंड को अपने मुँह में ले लिया और अपना मुँह आगे-पीछे करने लगी, जैसे वो अपना मुँह अपने छोटे भाई के लंड से चुदवा रही हो.