गुजराती कपल सेक्स

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फ़िर जीजू ने मुझसे कहा- रानी, अगर मजा लेने हैं तो थोड़ा बेशर्म तुझे भी बनना होगा, अब तू मेरे कपड़े उतार और मेरा लंड अपने मुँह में ले!मैंने वैसा ही किया. सनी लियोन के बीएफ मूवी वीडियोउसका नाम प्रीति था, वो गज़ब की सुंदर थी, गोरा बदन, उठी हुई चूचियाँ, उभरी हुई गांड, मानो कि स्वर्ग से अप्सरा उतर आई हो.

भाई! यह मत पूछना कि आगे क्या हुआ? वैसे समझ लो कि जो हर चुदाई में होता है, वही नीना की चुदाई में भी हुआ- चूमा चाटी, कपड़े उतारना फिर चूची चूसना, चूत चाट कर मस्त कर देना और फिर लंड-चूत का खेल. बीएफ हिंदी में कुंवारी लड़कीकहानी का पिछला भाग:मेरे बस के सफ़र से आगे का सफ़र-2मैंने मामी को नीचे खींचा और फिर से उनके मम्मे दबाने लगा.

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उसके बाद हम दोनों एक-दूसरे से चिपक कर लेटे रहे और लगभग 15 मिनट के बाद अलग हुए।फिर वो बोली- अब जाना होगा वरना मम्मी को शक हो जाएगा।फिर उसने मेरे सामने ही अपने कपड़े पहने, लाल रंग की चड्डी, लाल रंग की ब्रा, ब्लू जींस, और सफ़ेद टी शर्ट।मुझसे बोली- तुम भी पहनो ना.अच्छा चल, मैं बताता हूँ- उल्टा पुल्टा मतलब तू मेरे ऊपर रह कर मेरा लण्ड चूसना और मैं नीचे से तेरी चूत का रसपान करूँगा!विश्रांती- अच्छा तो तू 69 पोज़िशन की बात कर रहा है… अच्छा नाम है उल्टा पुल्टा… चल इसमें तो और भी मजा आएगा…फिर हम एक दूसरे से मज़े लेने लगे… विश्रांती की चूत का स्वाद आते ही मन चंगा तो आया था… विश्रांती की चूत काफी गीली हो गई थी….

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वो एकदम से खुद को संभाल नहीं पाई और मेरे ऊपर आ कर गिरी, उसके स्तन मेरे सीने पर थे, लगा जैसे पूरे शरीर में बिजलियाँ दौड़ गई हों.मैंने रागिनी से कहा- अब तुम अपनी चूत मेरे लंड के ऊपर रखो और दोनों पैर मेरे पैरों के साइड में फैला लो.

’‘तो क्या हुआ, मेरे भगवान है वो, चाहे जो करें… जैसे करें!’तभी बॉबी के कमरे से कुछ खटपट की आवाजें लगी. गुजराती कपल सेक्स मैंने पूछा- अगर बुरा ना मानो एक सवाल पूछूँ?उसने कहा- हाँ पूछो!मैंने कहा- अगर अभी सेक्स करने को मिले तो करोगी.

फिर प्यार से देखो… और अपने होंठ लगा कर इसे मदहोश कर दो… यह तुमको प्यार करने के लिए है… तुमको तकलीफ देने के लिए नहीं…मुझे भी इतना बड़ा लौड़ा देखने की इच्छा हो रही थी… मैंने उसके कच्छे को उतार दिया…कहानी जारी रहेगी।आपकी प्यारी सेक्सी कोमल भाभी[emailprotected]2230.

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जब जब मैं इसके घर आता तो अपनी गांड ऐसे मटका कर चलती कि मेरा लौड़ा खड़ा हो जाता और मेरा मन करता कि यहीं पटक कर इसकी गांड में अपना लौड़ा पेल दूँ. प की आवाज़ करते हुए मैं उसके बहते हुए नमकीन पानी को चूसते हुए मेरी जीभ की नोंक उसकी चूत में गोल गोल फिरते हुए मथने लगा।रागिनी अब बहुत गरम हो रही थी. लोग गले तक जितने पानी में तैरने का मज़ा इस तरह उठाते हैं जैसे सागर तट उठाया जाता है।मैं भी बह चला….

उसकी कुँवारी चूत चोदने में मुझे स्वर्ग का मजा मिल रहा था क्यूंकि चोदा तो 10-11 चूतों को था पर इतनी जवान, इतनी कमसिन, इतनी कम उम्र और इतनी फ्रेश कोई नहीं थी. भाभी के साथ एक बार सेक्स करने के बाद मैंने बहुत कोशिश की मगर भाभी के साथ सेक्स करने का मौका ही नहीं मिला इसलिए मैं अगले शनिवार का बेसब्री से इंतज़ार करने लगा लेकिन भाभी किसी काम से बुधवार को ही अपने मायके चली गई, मैं भी अपना मन मसोस कर रह गया और कुछ नहीं कर पाया. बात उस समय की है जब मैं बारहवीं की परीक्षा पास करके अपने गाँव वापस आया।शहर में रहकर मैं बहुत बिगड़ गया था और चूत का आशिक बन गया था क्योंकि मैंने सुना था कि सांप और चूत जहाँ दिखे वहीं मार देनी चाहिए.

मुझे कुछ भी समझ नहीं आया और जब मैंने सोनम की तरफ देखा तो वो भी हंसने लगी और बोली कि उसने बाकी सभी से शर्त लगाई थी कि वो मुझे शादी के लिए मना लेगी और मैं इतनी जल्दी मान गया. मैने तुम्हारी चूत पर हेयर ओयल लगाया और तुमसे कहा कि तुम भी मेरे लन्ड पर तेल लगाओ। तुमने जैसे ही मेरा अंडरवीयर नीचे किया, मेरा लन्ड देख कर तुमने कहा-आओओ! ओह इतना बड़ा! मैने कहा- बड़ा है, लम्बा और मोटा है, तभी तो मज़ा आयेगा।तुम मेरे लन्ड पर तेल लगा कर अपने हाथ में लेकर हिलाने लगी. उसके स्तन देख कर सुनील के तो चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आ गई … अब वो सोनिया के स्तनों ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था और सोनिया के मुँह से मादक कराह निकल रही थी … सोनिया अपना सर पलंग के दोनों तरफ मार रही थी.

मुझे फिर से दर्द होने लगा था… आधे से ज्यादा लण्ड अंदर जा चुका था… मेरा दर्द बढ़ती जा रहा था। मैंने फिर से उसका लण्ड पकड़ लिया और रुकने को कहा. मेरा लंड खड़ा होकर पैंट के अन्दर से ही नजर आने लगा था और उसके टांगों के बीच में रगड़ खा रहा था.

देवर ने देखा तो उसने मुझे बेड पर लिटाया और हथेली से उस निशान के ऊपर मालिश करने लगा.

मेरी आँखें तब भी बंद ही थी… हल्की हल्की चलती ठंडी हवाओं से मेरे खुले बाल मेरे गालों को छू कर होंठो से लिपटते जा रहे थे.

‘छैलू, मुझे एक बार बस, मर्दों वाला आनन्द दे दो…’ उसने कातर शब्द मेरे दिल को चीर गये. मैं दर्द के मारे जोर से चिल्लाई- मर गई बहनचोद! जल्दी वापस निकाल! ओ भाडू! ओ जीजा! तेरी बहन की गांड में सौ लौड़े घुसें!लेकिन जीजा ने एक नहीं सुनी, उसने पूरा लौड़ा गांड में पेल दिया और जोर जोर से धक्के लगाने लगा. जूली- आज कस्टमर के दोनों हाथों में और मुँह में लड्डू है ! एक मौसी और एक सीमा ! साला हमारे हाथ नहीं आता !मौसी- चलो अपने अपने धंधे पर ! अभी वो आ जाएगा !इतने में एक छरहरे बदन वाला आदमी आता है, उसकी बाहें तनी हुई और छाती विशाल थी।उसके आते ही मौसी- आओ राजा बाबू ! आज आपके लिए एक से भले दो रण्डियाँ तैयार हैं.

राजा का फरमान”कई भागों में समाप्त …[emailprotected]इन्स्टाग्राम : Vrinda_venusकहानी का अगला भाग:राजा का फ़रमान-3. मैंने अंडरवीयर पहना हुआ था जिसमें से मेरा लंड बाहर झांक रहा था, मेरे लंड का टोपा बाहर निकल रहा था।रीना घुटने के बल बैठ गई और मेरे बाहर निकले टोपे को देखने लगी।अचानक ही उसने अपनी जीभ टोपे पर रख दी और मेरा टोपा चाटने लगी. पता नहीं मेरे मन में चोर अपने आप में ही भयभीत हो उठा… कहीं किसी को पता लग गया तो… कहीं अंकल या मम्मी पापा ने देख लिया तो.

बारहवीं कक्षा पास करने के बाद जब मैंने कॉलेज में दाखिला लिया तो वहाँ नई सहेलियाँ बनीं.

मेरी मम्मी मेरी दादी का चूस रही थी।तभी मेरी साड़ी में हलचल हुई और मैंने देखा मेरी साड़ी, साया उठा कर मेरी पैंटी नीचे करने वाली मेरी मामी है। मामी मेरा लिंग चूसने लगी और दादी मामी का. उसने चित्रा को बाहों में लेकर उसे बिस्तर पर लिटा दिया तो चित्रा बोली- अभी मैं थक गई हूँ!मगर योगी ने उसकी एक नहीं सुनी और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया तो वो दर्द के मारे चिल्ला उठी. फिर शालू ने कहा- मेरी चूत क्या तेरा बाप मारेगा?फिर एक बार शालू की चूत मार कर हम तीनों नंगे ही सो गए.

कहते हुए मैं उसकी बांहों को अपनी ऊँगली से हल्के हल्के नीचे से ऊपर और ऊपर से नीचे सहलाने लगा। उसके कंधे पर दबाव बढ़ाते हुए फ़िर से उसके गालों पर कान के ठीक पास में चूमा और जीभ से उसके कान को सहलाया. इन अठारह सालों में मेरे पति ने साधारण तरीके से या कभी कभी मेरी दोनों टांगें अपने कंधे पर रख कर ही चोदा था. उसके बाद तो मैंने 3 महीने तक चाँदनी को अलग अलग तरीके से चोदा, उसकी गान्ड मारी और सेक्स में संभव हर काम किया.

अन्दर घुसते ही दीपाली के मुँह से- आह ! मार डाला ! आवाज आई।लेकिन मुझे पता था यह तो होगा ही ! इसलिए मैंने अपनी स्पीड कायम रखी.

वो कहते कहते रुक गई …मैंने पूछा और क्या …?”तो बोली- और तुझे यह भी बताना है कि मैं यह सब अंकित के साथ क्यों नहीं कर रही हूँ. तभी ज्योति मुझसे बोली- तुम मेरे साथ सेक्स करने की फीस नहीं दोगे?तो मैंने भी कह दिया- जो चाहे मांग लो मेरी जान!ज्योति ने एक सिगरेट मेरी तरफ बढ़ा दी, वो पहली बार था जब मैंने सिगरेट पी थी.

गुजराती कपल सेक्स इधर जीजू का काम चालू था, वो सिसकारियाँ भरते हुए कह रहे थे- चूस! मेरी जान चूस! और एक हाथ से मेरे गालों को मसल रहे थे, दूसरे हाथ से बोबों को!बोबे तन चुके थे, चुचूक सख्त हो गए थे, गाल लाल हो चुके थे. लेकिन एक काम तो कर सकते हैं?मैंने पूछा- हाँ…बोलिए…क्या काम?ज़ाहिरा ने सुझाव दिया- ऐसा करते हैं.

गुजराती कपल सेक्स आह……सॉरी सॉरी करने लगी।मैंने कहा- शीला मैं छुटने वाला हूँ !तो शीला बोली- गांड में नहीं, मैं तुम्हारा रस अपनी चूत में लेना चाहती हूँ !मैं रुक गया, अपना लंड निकाला और शीला को सीधा लिटा कर उसकी चूत में अपना लंड डाल कर तेज धक्के मारने लगा। शीला भी चूतड़ उछाल कर मेरा साथ देने लगी और जोश में आकर आह …… स …. चूसी और चुदी हुई रीटा बुरी तरह शरमा कर अपना चेहरा अपने हाथों में ढांप कर राजू की छाती में छिपने की कोशिश करने लगी.

आंटी ने हल्का सा उई किया बस!मैं अब धक्के लगाने लगा, आंटी भी मेरे हर धक्के का जवाब अपने धक्के से दे रही थी.

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अन्तर्वासना के पाठकों को एक बार फिर से मेरा प्यार और नमस्कार! काफी सारे मित्रों के ढेरों मेल मिले, आप लोगों को मेरी जीवन की कहानी इतनी अच्छी लगेगी, मैंने सोचा भी नहीं था. लगभग दस दिन बाद विक्की ने मुझे अपनी सुसराल चलने के लिए कहा, बोला कि तेरी भाभी को लेने चलना है!मेरे मन में तो जैसे लड्डू फूटने लगे. पर गलती से सी-डी गिर गई … इससे पहले कि मैं कुछ करता, वो सी-डी उठाने के लिए नीचे झुकी ! झुकने के कारण उसके आधे से भी ज्यादा स्तन दिखाई देने लगे….

मुझे ज़बरदस्ती उसका मुंह हटाना पड़ा तो वो बोला ‘मेरी जान पहले तुम भी अपने सारे कपड़े निकालो!’‘क्यूँ नहीं जानू मैं भी निकालती हूँ तभी तो असली मज़ा आएगा. अब मुझे भी बहुत मजा आ रहा था, मैंने उनके बालों में हाथ डाला और पकड़ कर उनका मुँह मेरे लंड की ओर खींचने लगा. दुकान वाला खड़ा हुआ और बोला- जो आप कहें सरकार!मैंने बोला- मेरे को तेरी दुकान का अन्दर वाला कमरा चाहिए, जब मैं चाहूँगा तब!दुकान वाला बोला- ठीक है मालिक! आप जब चाहो कमरा आपको दूँगा पर मुझे छुप कर देखने को तो मिलेगा ना?मैं बोला- भोसड़ी के! अगर तूने देखने की हिम्मत की तो तेरी गांड की फोटो निकाल कर तेरी बीवी को गिफ्ट करूँगा.

मैं अपनी छोटी सी निक्कर और टीशर्ट में ही नंगे पावों सीढ़ी से नीचे उतर कर दरवाज़े तक गई.

!!!मैं राजा के हाथ लुट चुकी थी और कई मर्द मुझे अब भोग चुके थे… राजा की बाकी दासियों की तरह मैं भी उसके लण्ड की दीवानी हो चुकी थी. मैं उसे पलंग के कोने पर उलटा लिटा कर उस के पैर खोल कर फ़िर अपना लंड अन्दर करने लगा और इस बार लंड अन्दर-बाहर करने के साथ मैंने उसकी गांड में उंगली करनी शुरु कर दी. पर रीटा ने जल्दी ही होश सम्हाल लिया और मस्ती में आकर अपनी गोरी गोरी चिकनी टांगों को हवा में ऊपर उठा दिया तो बहादुर का लौड़ा चूत की कुंवारी गहराइयों में विचरण करने लगा.

थोड़ी देर में जब वो कुछ सामान्य हुई तो मैंने धीरे धक्के लगाने शुरू किये …कुछ ही देर में उसको भी मज़ा आने लगा …. अब मैं कालीन पर और राजा मेरी चूत में घुसा बैठा था…वो अब मेरी गाण्ड में दो ऊँगलियाँ घुसाने लगा. इसके चुदाई के बाद मैं मौका देख कर रोज़ भाभी की चुदाई करता हूँ और हम दोनों बहुत खुश हैं.

मुझे वो बार बार बुला कर पीने के कहता था- भाभी, भैया तो हैं नहीं, चुपके से एक पेग मार लो!’ मस्ती में वो मुझे कहता ही रहा. मेरा भाई-भाभी भी जॉब पर चले जाते थे और घर में मैं और चित्रा बचते थे मगर फिर भी मेरी चित्रा से बात करने की हिम्मत नहीं होती थी क्योंकि तब मैं थोड़ा शर्मीला था.

लगभग दो मिनट तक राजू दर्द से बिलबिलाती और करहाती रीटा को बाहों में दबाये उसकी चूत की कसावट, गर्मी और नर्मी का मजा लेता यूँ ही पड़ा रहा. जोर से… मजा आ गया…” निकल रहा था।वो चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी। वो बहक चुकी थी और अब और बहकना चाहती थी। वो दोनों हाथों से मेरी कमर को पकड़ पकड़ कर खिंच रही थी और मेरे हर धक्के को अंदर तक महसूस करना चाहती थी,”चोद मेरे राजा. चलो शुरू हो जाओ !ठीक है !मैं भी सोफे पर बैठी मुट्ठ ही मार रही थी !तुम मेरे पास चली आओ ना ?ऐसे तो बड़े मिट्ठू बनाते हो मैना के ?तुम मधु से इतना जलती क्यों हो ?वो साली चीज ही ऐसी है ! हाय क्या मस्त चूतड़ हैं ! इसीलिए तो कहती हूँ उसे तो उल्टा पटक कर ही ठोकना चाहिए।ठीक है, क्या तुम भी गांड मरवाती हो ?हाँ कभी कभी पर मेरे पति का तो बहुत छोटा है ?कितना बड़ा है ?कोई ३ या ४ इंच का होगा !बस ?हाँ.

आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताएं!आपका अपना मित्र-साथी राज[emailprotected].

मनोज बोला- भैया, अब आप ऊपर आ जायें! मैं थोड़ा देखूँ कि चूत में डालने का क्या मजा होता है! पहली बार चूत में डालूँगा ना!अरे क्यों नहीं भाई! आओ, तुम्हारे लिए तो यह बहुत प्यासी है! मेरे छोटे से लिंग को यह बहुत मजेदार समझती है. तुम ही तो कहती थी कि जिन औरतों के नितम्ब खूबसूरत होते हैं उन्हें पीछे से भी ठोकना चाहिए ?”ओह वो तो मैंने तुम्हारी उस मैना के लिए कहा था ?”प्लीज एक बार …. ”मैं फिर मौका ना गंवाते हुए उसकी ऊपर आ गया और उसकी कुंवारी चूत पे अपनी लंड को रख दिया.

रीटा ने भी बहादुर को कस कर बांहो में भींच कर अपनी सैन्डल की हील बहादुर के चूतड़ों में गाड़ दी और अपनी बुंड को हवा में बुलंद कर दी ताकि बहादुर का घीया जड़ तक अंदर ले सके. मैंने पापा की ब्रा के हुक पीछे से लगाए। पापा के स्तन इतने सही थे कि उन्हें कुछ भरने की जरूरत नहीं थी। फिर एक ब्लाउज पहनी, इसके बाद इतनी सफाई से उन्होंने साड़ी पहनी कि कोई कहे नहीं कि ये मेरी मम्मी नहीं मेरे पापा हैं।इसके बाद पापा ने मुझे पैंटी पहनाई। एक बहुत ही छोटी साइज़ की ब्रा निकली और कस कर पहना दी। मैं बहुत पतला दुबला हूँ.

”रंजू कहते हैं ! है ना?”हाँ ! आपने सही अंदाजा लगाया।” कहते हुए वह मुस्कुराई।उदास चेहरे पर क्षणिक मुस्कान भी अच्छी लगी। मैंने उस मुस्कान में मिठास घोलते हुए पूछा,”क्या मैं आपको रंजू कह सकता हूँ?”ओ श्योर. तो मेरे दिल में ख्याल आया- कौन पागल लड़का है जो इतनी सुन्दर और अमीर बाप की इकलौती लड़की को छोड़ सकता है!मगर शायद वो तान्या के नखरों से तंग आ गया होगा. और दूसरे हाथ से अपना लंड पकड़कर उसके अग्रभाग को नेहा के हल्के से खुले हुए योनिद्वार पे लगा दिया…इस बार जैसे ही वो अपनी कमर को पीछे खींचकर आगे लाई… लंड का सुपाड़ा पट्ट से अंदर चला गया.

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तभी मेरी नज़र उसकी छोटी स्कर्ट के अंदर उसकी दोनों टांगों के बीच में उसकी काले रंग की पेंटी पर पड़ी जो उसकी दोनों टांगो के बीच से दिख रही थी पर शायद उसको पता नहीं था.

रास्ते में बहादुर ने इशारा करके बताया कि वो उस का घर है, तो रीटा के दिमाग में बिजली सा विचार आया. मैंने कहा- कुतिया साली! ले अपने भाई को लौड़ा अपनी चूत में! मैं भी झड़ने वाला हूँ रांड!मैं उसकी आहें सुनते ही झड़ गया. पापा मम्मी भी गए हैं ! तुम चिंता मत करो ! तुम बस मेरी चूत को चीर दो !मैंने कहा- नहीं दीदी ! यह तो गलत है, तुम तो मेरी बहन जैसी हो !उसने कहा- क्या भाई क्या बहिन ? यह ज़िन्दगी का असली आनन्द …….

नशीली गंध का सैलाब ……। इत्र की खुशबू मिली, शायद पैंटी पर स्प्रे की थी, चुम्बनों का प्रहार।रुको… रुको… वह रोक रही है, हाथ घुसाकर वस्तिस्थल को ढकने की कोशिश करती है मगर मैं उसके हाथों को दोनों तरफ खींचकर पकड़ लेता हूँ।पुष्पा का पुष्प। पैंटी के नीचे ढका हुआ …. बबलू ने मेरा पेटिकोट ऊपर सरकाया, नीचे बैठकर अपने चाचा की नकल उतारते हुये मेरी चूत को चाटा फ़िर पीछे से कमर पकड़कर चोदने लगा. कुत्ता घोड़ा बीएफअब मैं सिर्फ़ एक चड्डी में था जिसको मेरा लंड फाड़ के बाहर आने को बेकरार हो रहा था.

मेरी खूब फ़ूले हुए कूल्हों पर! फिर मेरी गोरी और खूब सेहतमंद जांघें जिनके बीच हर मर्द की पसंदीदा जगह मेरी नन्ही सी नाज़ुक सी चूत. ‘पी ले मोहिनी बाई मेरा लण्ड! ऐसी मस्त जवानी फिर कहाँ मिलेगी!’तभी मेरी नजर गोमती पर गई.

नीचे मेरा लण्ड उसकी चूत का बाजा बजाने में लगा हुआ था। मैंने अपनी कमर उठा उठा कर पूरा लंड बाहर निकालते हुए धक्के मारना चालू कर दिया। वो कसमसाने लगी- उओं. ”उसने प्यार से मेरे लण्ड को दबा लिया और चूत को ऊपर उठा कर सेट कर लिया और लौड़ा चूत में समा लिया. मैं हूँ विक्की! हरियाणवी हूँ, पर उड़ीसा में पला-बड़ा हुआ और मुंबई में जॉब करता था… आज मैं दिल्ली में जॉब करता हूँ।उम्र 24 साल,.

जब हम सुबह उठे तो सोनम को याद आया कि मैंने कंडोम तो लगाया ही नहीं था, इस कारण सोनम मुझसे गुस्सा हो गई, पूरे दो दिन तक सोनम ने मुझसे बात नहीं की. 15 से लेकर सुबह के तीन बजे तक चुदाई की और चादर धोकर सोने चले गये।सुबह दीदी ने हमे 8. ताकि उसका दर्द थोड़ा कम हो जाए और उसकी चूत को मेरे मोटे और लंबे लंड की आदत हो जाए।थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ.

मेरा जोश पूरे यौवन में आ गया था ……………फिर से वो झड़ गई पर मुझमें अभी भी जोश बचा था……… आप लोग सोच रहे होंगे कि अब तक जोश क्यों बचा कर रखा था ?अब मैंने यह जोश उसकी गाण्ड मारने में लगाया …….

!मैं बताना ही भूल गया ! मिक्की जब मुझे फूफाजी बुलाती तो मुझे लगता कि मैं कुछ बूढ़ा हो गया हूँ। मैं अपने आप को बूढा नहीं कहलवाना चाहता था तो हमारे बीच ये तय हुआ घरवालों के सामने वो मुझे फूफाजी कह सकती है पर अकेले में या घर के बाहर जीजाजी कहकर बुलाएगी।ओह…. ”अगर तेरा मन करने लगा कि आज चाची के साथ वो सब कर डालूं जो एक पति अपनी पत्नी के साथ करता है तो तू कर डालेगा.

मैंने तुरन्त मोबाईल जेब से निकाला और कहा- हेलो… कौन?’‘मैं राधा…!’मैंने राधा की ओर देखा और तीनों ही हंस पड़े. कर उठोगी मेरी जान !” मैंने उसे समझाया।और मैंने चूत में से लंड निकाल कर उसकी गांड के छल्ले पर रख दिया। अब मैंने दोनों हाथों से कसकर उसकी कमर पकड़ी और अपने लंड को धीरे से आगे पुश किया । क्या मस्त टाइट गांड थी साली की । पहली बार में केवल टोपा ही अंदर गया और चिल्लाने लगी उईई … मा…आ … मर गई …. यह सोच कर मैं जीजू से बोली- जीजू, मेरे ऊपर रहम करो! आप मेरी गांड को तो बख्श दो और मेरी फ़ुद्दी ही चोद लो!कहानी का अगला भाग यहाँ है:जीजू के साथ मस्त साली-2.

मेरी ऊँगली गीली थी …अरी मधु बचपन में तो यह गीली नहीं हुआ करती …सुनील अब हम बच्चे नहीं रहे … उसने कहा. चोद जोर जोर से चोद… फाड़ दे इस को… लण्ड देख कर बहक गई… इसकी सजा तो मिलनी ही चाहिए इसको… फाड़ दे जोर जोर से चोद कर फाड़ दे…. इतना तो पता चल ही गया था कि विश्रांती को लंड चूसने में बहुत मजा आता है… रेशमा ने इतने प्यार से कभी नहीं चूसा था… फिर जब विश्रांती मेरे लंड से खेल रही थी… मैं विश्रांती की चूची को मज़े देने लगा….

गुजराती कपल सेक्स बहादुर ने हाथ ओर ऊपर सरका दिया- अब?मस्ती में रीटा स्कर्ट उलटती बोली- नहीं, जरा सा और ऊपर करिये तो बताती हूँ!बहादुर एक हाथ से अपना लौड़ा रगड़ने लगा और दूसरे हाथ से हाथ रीटा की मक्खन सी गुदगुदी गाण्ड को मसलने लगा- अब कुछ आराम आया?बेहया रीटा टांगों को चौड़ाती बुदबुदाती सी बोली- नहीं, जरा बीच में करिये तो बताती हूँ. हम करीब 15 मिनट तक एक दूसरे के होंठों को चूसते रहे, फिर वो बोली- छोड़ो ! कोई आ जाएगा.

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तुमने मेरे चूत को फाड़ डाला……वो दर्द से कराह उठी, मैं समझ गया कि इसकी चूत की आज पहली बार चुदाई हो रही है।दूसरा धक्का बिना देर किये मैंने मार दिया जिससे मेरा लंड सपना की चूत की गहराइयों को नाप गया।हाय आह………. पर यह बात उसके पति से कौन पूछे? बिल्ली के गले में घण्टी कौन बांधे?तो फिर वो ठीक कैसे होगा?फिर मैं रात का छबीली को चोदने की योजना बनाने लग गया था. अब मामी पेट के बल हो जाओ, मैं आपके पीछे के छेद को छेड़ता हूँ!”नयन, संभल के! मैंने कभी पीछे लिया नहीं है!”अरे मामी जी! तुमने कभी आगे भी नहीं लिया था! लेकिन अब लेती हो ना!”मैंने अपनी पकड़ बना ली और उनकी गांड पर लंड का दबाव बनाने लगा.

श्रेया ! कालोनी में टेनिस मैच होने जा रहा है ! क्या तुम खेल रही हो ??मैंने कहा- नहीं सर ! असल में सर … !यह फॉर्म भरो …मैं झुककर फॉर्म भरने लगी. उनके हाथ मेरे सर पर थे और वो मेरे सर को दबा कर मेरा मुँह अपनी चूत के और पास ले जाने की कोशिश कर रही थी. जबरदस्ती वाला बीएफ सेक्स। उईई कर रही थी। मैं एक हाथ से उसके गोल गोल संतरों को मसल रहा था और दूसरे हाथ की एक अंगुली से उसकी मस्त गांड का छेद टटोल रहा था। अचानक मेरी अंगुली से उसका छोटा सा नरम गीले छेद टकराया तो मैंने अपनी अंगुली की पोर उसकी गांड में डाल दी। उसने एक जोर की सीत्कार ली और मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया। शायद उसका पानी फिर निकल गया था। अब उसकी चूत से फ़च फ़च की आवाज आनी शुरू हो गई थी। ओईई माँ … मैं तो गई ….

प्रवीण, मेरे पति एक सीधे साधे इन्सान थे, मृदु, और सरल स्वभाव के, सदा मुस्कराते रहने वाले व्यक्ति थे.

जोर जोर से चोद मुझे…बहुत दिन से इस चूत को फड़वाना चाहती थी पर कोई तेरे जैसा लण्ड मिल ही नहीं रहा था. मेरी मम्मी मेरी दादी का चूस रही थी।तभी मेरी साड़ी में हलचल हुई और मैंने देखा मेरी साड़ी, साया उठा कर मेरी पैंटी नीचे करने वाली मेरी मामी है। मामी मेरा लिंग चूसने लगी और दादी मामी का.

उसके बाद मैंने अपने कपड़े पहने और सोचने लगा- क्या सच में मैंने उसे चोदा है? मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा था कि मैंने प्रीति को चोदा है. मैंने उसको उठाया, न जाने मुझे क्या सूझी कि मैं जांघिए में वो जगह देखने लगी जहाँ लण्ड छुपा होता है. मैंने अपने लौड़े पर क्रीम लगाई और कहा- सोना, घोड़ी बन जाओ… क्रीम लगा दूँ!’ सोनू मुस्करा कर झुक गई.

मैं जैसे झरने को आया, उसकी चूत में दना-दन 5-6 ज़ोर के धक्के दिए और उसके ऊपर ही लुढ़क गया, जिससे वो भी एक और बार झड़ गई.

फिर एक दिन स्कूल बस खराब होने की वजहा से रीटा के डैडी ने अपने नये चपड़ासी को साईकल से रीटा को स्कूल छोड़ने और लाने की ड्यूटी लगा दी. मेरा दिल आ गया है उस पर… कुछ मदद कर ना…!‘अरे चाचा! क्या बात कर रहे हो? अभी तो वो छोटी है और तुम… तुम मरवाओगे एक दिन. गया हूँ… यदि आपको यह बात…मैं : हाँ बोलो ना… बोलते रहो, मैं सुन रही हूँ…वो : आप यदि बुरा भी मान जाएँ तो आप मुझे मारिएगा.

चूत और लंड वाली बीएफमैं सोचने लगा कि आखिर कहाँ है नीना? दरवाजे के पास ही अपना वाशरूम है, तसल्ली के लिए एक बार फिर से वाशरूम में झाँका. मुझे लगा कि अगर सोनू को थोड़ा और उकसाया जाये तो वो खुल सकती है, शायद चुदने को भी राजी हो जाये.

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’उसने जैसे ही अपना लंड मेरी चूत में डाला वैसे ही मैं समझ गई कि ये वास्तव में खिलाड़ी है. जैसे तैसे मैं सिपाहियो के सहारे खड़ी हुई।हवा में कामरस की खुशबू मुझे और चुदने को मजबूर कर रही थी…सभी मर्द मुझ पर हंस रहे थे, मेरी बेबसी का मजाक बना रहे थे, राजा ठहाके लगा रहा था…कि तभी मुझ पर जोर से पानी फेंका गया. उसने कहा ‘मैडम आप गेट बंद कर लीजिये मैं कुछ देर में आता हूँ तब आपका टिकेट चेक कर लूँगा.

’मुझे लंड चूसने में मज़ा आ रहा था इसी बीच में दीपू ने भी अपने कपड़े खोल दिए और मेरे पास आ कर मुझे चूसते हुए देखने लगा. हम दोनों जोर जोर से आहें भर रहे थे- आआ ह्ह्ह ऊ म्मम्म आआ ह्ह्हह्ह सीईईईईए आआह्ह्ह और ऐसे ही हम दोनों अपने लंड और चूत को एक दूसरे से रगड़ते रहे। लगभग 5 मिनट के बाद उसका शरीर अकड़ने लगा और मैं भी अपनी चरम सीमा को पहुँचने वाला था, हम दोनों झड़ गए, अपनी अपनी चड्डियों में. सुनील स्वभाव से बड़ा ही चंचल है और थोड़ा मजाकिया किस्म का बंदा है पर उसको अब तक सोनिया के साथ कुछ भी करने का कोई मौका नहीं मिला है … हालांकि कभी-कभी मौका देखकर उसने सोनिया के अंगों पर हाथ ज़रूर फेरा है पर बहुत अनजान बनते हुए और ऐसे मौके पर सोनिया हमेशा ही घबरा सी जाती थी और कोई ना कोई बहाना करके वहाँ से निकल जाया करती थी.

हमारा खानदान बहुत बड़ा है, मेरे पापा की 5 बहनें हैं जिनमें से तीन दिल्ली में ही रहती हैं. मैं तो उसके मुंह से ऐसी रंडी वाली भाषा सुनकर दंग रह गया। साली पूरी रंडी ही बन चुकी थी। बड़े बेफिक्र होकर पैंट से सिगरेट निकाली और जला कर कश लेने लगी। उसके सामने धुंआ फेंका और उसके शर्ट को पकड़ा।सुनीता- चलता है क्या? नहीं तो भाग यहाँ से. फिर मुझ से रहा नहीं गया, मैंने तुरन्त अपने कपड़े पहने और मैं वापस जाकर और दो पैक क्रीम के और ले लिए.

आखिर प्रकाश अंकल को आपने पटा ही लिया, मस्त अंकल है ना!” गौरी ने शरारत भरी हंसी से कहा. मुझे भी मजा आने लगा था तो मैंने अपनी जीभ को और अन्दर तक डाल कर उसकी चूत को टटोलने लगा.

फिर हमने कपड़े पहने, उसने बिस्तर की चादर बदली, मैंने उसे चूमा और बाहर आकर अपने कमरे में सो गया.

मैंने जोश में गौरी के स्तन थाम लिए और गौरी ने राधा के!गौरी मुझे चूमती भी जा रही थी. सेक्सी बीएफ खुला वीडियोझड़ने ही वाला था… तभी चौकीदार ने सर के चूतड़ों पर ज़बरदस्त डंडे बरसाए… सर का लण्ड बाहर निकल गया. एक्स एक्स एक्स एक्स ब्लू पिक्चर बीएफबहुत ही प्यार से बोली- ये मेरे लिये हैं? सच में ?मैंने कहा- हाँ !फिर मैंने उसका हाथ अपने हाथो में लेकर कहा- एक डांस हो जाए. बड़े आये लण्ड वाले !”आभा की सहेली मिनी बहुत ही सेक्सी थी, कैसे उसने मुझे बुला कर अपनी अदम्य-वासना तृप्त की….

‘ले सम्भाल अपने बाप के लौड़े को ये लेएए और लेएए हायएएए मेरी रानी और जोर से कमर हिला आहऽऽऽ, ये ले भौंसड़ी की, आज चौद दूंगा, तेरी ऐसी की तैसी, तेरे जैसी कई रंडियों को मैंने चौदा, साली कुतिया, तेरी चूत फाड़ के तेरे गले में डाल दूंगा, मां की लौड़ी हंम्फ हंम्फ’ करते राजू ने अपने लण्ड से रीटा की चूत में आठ बना कर चोदना शुरू किया, तो रीटा की खुशी के मारे चीखें ही निकल गई.

उसने बिना दरवाजा खोले आई-होल से देखा तो मेरे बॉस बाहर खड़े थे… वो समझ गया की ये भी यहाँ रूबी को पेलने आए हैं… फ़िर उसने आकर मुझ से कहा- तेरे बॉस हैं…फ़िर आगे कैसे मेरे बॉस ने मुझे चोदा और राहुल ने कैसे उनका साथ दिया… कैसे मेरा अगली तरक्की हुई अगले महीने में और राहुल ने कैसे मेरी बुर का सौदा कर के तरक्की ली पढ़िये अगले हिस्से में…आपकी रूबीमुझे लिखें[emailprotected]0439. अचानक बारिश शरू हो गई और हम सर छुपाने के लिए एक चाय की टापरी में चले गए, वहाँ हमारे साथ काफी लोग और भी थे. थोड़ी देर के बाद मैं धीरे से उठा और वापस उनके दरवाज़े के पास गया, और जैसे ही मैंने अन्दर झाँका…दोस्तो, अब मैं ये कहानी यहीं रोक रहा हूँ.

फिर हम दोनों एक दूसरे से काफी देर तक बात करते रहे, बातें करते-करते हम दोनों को ही नींद आ गई. उसके स्तन देख कर सुनील के तो चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आ गई … अब वो सोनिया के स्तनों ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था और सोनिया के मुँह से मादक कराह निकल रही थी … सोनिया अपना सर पलंग के दोनों तरफ मार रही थी. जब मैंने बुआ की एक लड़की शालू को अपने मन की बात बताई कि मैं अमिता को प्यार करने लगा हूँ, तो शालू ने तभी अपने प्यार की बात बताई कि वो मन ही मन मुझे प्यार करने लगी थी और मुझे चूम लिया.

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राहुल ने आते ही पूछा – कामिनी चली गयी क्या… ”कामिनी की बड़ी चिंता है… कुछ गड़बड़ है क्या ?”नहीं है तो नही… पर तुम गड़बड़ करा दो न… ”तुम्ही डरते हो… वो तो बेचारी तुम पर मरती है… ”फिर उसे आने दो… इस बार तो पटा ही लूँगा उसे. आंटी ने कहा- हैरी, जोर से चूस मेरे चुच्चों को! निकाल दे सारा दूध इनमें से! बहुत दिनों से किसी ने नहीं पिया इन्हें!मैं भी जोश में आ गया, मैं मोना के स्तनों को जोर-जोर से चूसने लगा. मैंने उसके गाण्ड से अपना लंड निकाला और उसे अच्छे से पौंछा…थोड़ा सा तेल लगाया और रानी की चूत में फिर से डाल दिया.

‘दीदी… प्लीज, बुरा मत मानना… मुझे करने दो!’‘आह विनोद… यह क्या कर रहे हो… मुझे तुम दीदी कहते हो…?’‘प्लीज़ दीदी… ये तो बाहर वालों के लिये है… आप मेरी दीदी तो नहीं हो ना.

वो वैसा ही गुमसुम बैठा घास की ओर देखे जा रहा था…मैंने उसका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की एक और कोशिश की…मैं : देखो वेदांत ! हाथ छोड़ के …!!!!बस मैंने इतना बोला ही था और एक झटके के साथ में झूले की उच्चतम छोर से नीचे गिर पड़ी…!!वो दौड़ा दौड़ा मेरे पास आया.

एक बार मैं रात को अपने ही घर के पास घूम रहा था, तभी एक लड़की मेरे साइड से निकल कर गई, तब मेरे मन में क्या हुआ कि मैं उसके पीछे पीछे जाने लगा, दो तीन बार मुझे भी लगा कि वो लड़की लाइन दे रही है इसलिए मैं रुका नहीं और उसके पीछे पीछे जाता रहा. मेरी मम्मी मेरी दादी का चूस रही थी।तभी मेरी साड़ी में हलचल हुई और मैंने देखा मेरी साड़ी, साया उठा कर मेरी पैंटी नीचे करने वाली मेरी मामी है। मामी मेरा लिंग चूसने लगी और दादी मामी का. बीएफ ब्लू पिक्चर चूतइस कहानी का पहला भाग: सब्र का फ़ल-1तभी बॉबी ने मुझे गोदी में उठा कर बिस्तर पर पटक दिया.

नमस्कार दोस्तों,सबसे पहले तो मैं आप सबका धन्यवाद करता हूँ कि आप सभी को मेरी पिछली कहानीमैं और मेरी प्यारी शिष्याकाफी पसंद आई।साथ ही आपसे क्षमा चाहता हूँ कि मेरी अगली कहानी में इतना विलम्ब हुआ। दरअसल बीच में ज़िन्दगी कुछ ज्यादा ही व्यस्त हो गई थी, पहले तो यू एस ए का दौरा और फिर मेरा तबादला नई दिल्ली में. अब अक्सर यह संयोग होने लगा कि मेरे कॉलेज से निकलने के समय अमित अंकल उधर से गुजरते और मुझे साथ ले लेते. ”मैंने आंखें बंद कर ली और कह डाला,”आई लव यू !”और उसने बहुत ही सहजता से जवाब दिया,”मैं भी !”और इस बार मैंने पहला कदम उठाया.

मैंने अनजान बनते हुए अपने गले की तरफ़ देखा और हँसते हुए कहा- कहाँ यार… मैंने ब्लाउज पहना ही कहाँ है ये तो ब्रा में रखा हुआ है. फिर मैं उसकी चूची के अंगूर को चूसने लगा और शालू मेरे लण्ड को मुँह लेकर अपने मुँह को चुदवा रही थी.

वो शरमा गई और मैं उसके कपड़े उतारने लगा, उसका विरोध न के बराबर था पर उसने पेंटी और ब्रा नहीं उतारने दी और मैंने पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चूमना चालू कर दिया.

अमित मेरे करीब आ गए और मेरा एक मम्मा अपने मुँह में ले लिया तथा दूसरे पर उँगलियाँ फिराने लगे. मैंने उसके गालों पर फ़िर से चूमते हुए उसके कान में कहा- रागिनी मैं तुम्हें प्यार करता हूँ. मैंने कपड़े पहने और नीचे आने लगी, मगर सीढ़ियाँ उतरते वक्त मेरी टांगें कांप रही थी और चूत और गाण्ड में भी दर्द हो रहा था।सुबह मैं काफी देर से उठी और मुझ से चला भी नहीं जा रहा था, इसलिए मैं बुखार का बहाना करके बिस्तर पर ही लेटी रही।जब अंकल जाने लगे तो वो मुझसे मिलने आये.

सेक्सी बीएफ पिक्चर वीडियो ब्लू अपने सभी छेदों में लंड डलवाने के बाद मैं जल्दी ही अपने चरम पर पहुँच गई और मेरे मुंह से फिर ना जाने क्या क्या निकलने लगा. एक तरफ़ मैं, बीच में शालू और दूसरी तरफ़ अमिता!थोड़ी देर बाद मैं सोने का नाटक करने लगा और शालू अमिता की चूची से खेलने लगी और अमिता शालू की चूचियों से!शालू ने अमिता से कहा- यार, अगर लण्ड मिल गए तो मजा आ जाये!अमिता बोली- अपने भाई को पटा ले तो लण्ड मिल जायेगा.

मैंने कहा- ऐसा नहीं हो सकता!तो आंटी ने कहा- क्यों?मैंने पूछा- अंकल नहीं करते क्या आपके साथ?तो आंटी ने कहा- करते हैं पर तुम बताओ कि करोगे या नहीं?तो मैंने कहा- ठीक है!फिर मैंने कहा- आज नहीं, फिर कभी!उन्होंने कहा- आज क्यों नहीं?तो मैंने कहा- बस ऐसे ही!फिर आंटी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिए और उन्हें चूसने लगी. उसने मुझे अपनी छाती से लगाते हुए कहा- तुमने आज मुझे इतना आनन्द दिया कि मैं तुम्हारा एहसान कभी नहीं भूल सकती, अब मैं तुम्हारी हो चुकी हूँ. अब मैं उसको कैसे समझाती कि उस वक्त तो मजा आ रहा था… मेरे मुँह से अपने आप आवाज निकल रही थी और इस वक्त एक तो ना चाहते हुये मजबूरी में बेटे से चुदवाने की ग्लानि और पतले से लण्ड से कैसे मज़े की आवाज निकल सकती है.

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कोई है जो इनके हुस्न को अपने सीने से लगा कर और इनका मद भरा रस अपने गर्म होंठों से लगा कर पीना चाहता हो. कुछ देर बाद आंटी कह रही थी- और जोर से सागर! और जोर से!मैं भी पूरे जोर से आंटी को चोद रहा था. तो बोली- इसको तो देखो!वो नीग्रो उस गोरी लड़की की गान्ड बड़ी बेरहमी से चोद रहा था और चाँदनी अब यह भी करवाना चाह रही थी, मैंने उसको कहा- कल जब शाम को खेलने निकलो तो याद रखना कि अब तुम बच्चों वाला नहीं वयस्कों वाला खेल खेलोगी, जिसके लिए आने के पहले चूत और गाण्ड अच्छे से धो लेना.

तब मम्मी जोर फुसकारी मार कर बोली- मेरी जान मुझे इस तरह मत जला! मुझे चोद दे!उसके बाद अंकल ने मम्मी की साड़ी पूरी तरह से उतार दी. राजू ने रीटा की हड्डी पसली एक कर दी थी और उसकी जवानी को चारों खाने चित कर दिया था.

प्लीज तू कर दे ना… तू मेरा प्यारा सा अच्छा सा इकलौता दोस्त नहीं है…? है ना…? तो करदे ना प्लीज ….

भाभी अंदर आकर बोली- दूसरा बाथरूम खाली है, वहाँ नहा लो!मुझे भाभी के ऊपर बहुत गुस्सा आया मगर मैं कुछ कर भी नहीं सकता था. मैंने उसके गालों पर फ़िर से चूमते हुए उसके कान में कहा- रागिनी मैं तुम्हें प्यार करता हूँ. टीवी देखते-देखते मैंने कहा- आंटी, मैं तो सोने जा रहा हूँ, कहो तो टीवी बंद कर दूँ?आंटी ने कहा- हाँ, कर दो! मैंने तो सोचा कि तू देखेगा इसलिए बंद नहीं किया था.

तू कमाल की है… अगर राजा का चूचे काटने का फरमान नहीं होता तो शायद में तेरे चूचे चूसने, दबाने के लिए तुझे हमेशा के लिए अपने पास रख लेता…तभी साहूकार पिनियाते हुए आया और बोला- इसके होंठ मेरे हैं… तू क्यों चूम रहा है. अब मेरे सामने दिक्कत यह थी कि इसे उतारूँ कैसे!मेरे दिमाग में एक विचार आया, मैंने कैंची ली और उसकी ब्रा को काट दिया. मेरा नाम आदित्य कश्यप है और मेरी उम्र 19 साल की है। मैं देहरादून में रहता हूँ। आज मैं अपनी जीवन की पहली कहानी आप लोगों को बताने जा रहा हूँ। वैसे तो मैंने बहुत बार कोशिश की कि मैं भी अपनी कहानी अन्तर्वासना पर भेजूँ लेकिन कभी हिम्मत नहीं हुई। लेकिन मेरे कुछ दोस्तों ने जब जोर दिया तो मैंने कोशिश की।मैं बी.

फिर रीटा बहादुर के हाथ से अपनी कच्छी लेकर अपने चूतड़ों को सहलाती बोली- उफ तुम्हारे डण्डे ने तो मेरा बुरा हाल कर दिया है.

गुजराती कपल सेक्स: लेकिन मेरे अंदर तो भयानक आग लगी हुई थी, लग रहा था कि उस वक्त मेरे भीतर का तापमान हज़ार डिग्री से भी अधिक होगा।मेरा दिल बहुत तेज गति से धड़क रहा था, मुझे लग रहा था कि इसकी धड़कन की आवाज पूरे विमान में गूँज रही हो।मैंने सीट के सामने लगे छोटे से टीवी पर चल रही इंगलिश मूवी भी बन्द कर दी क्योंकि उससे भी हल्का प्रकाश आ रहा था।अब क्रिस्टीना का सिर मेरे कंधे से फिसलने लगा. ”(मीना कुछ नहीं कहती)तुम्हारे मम्मी-पापा कितने अच्छे हैं… दोनों अभी भी जवान लगते हैं … !”(मीना ज़रूर मुस्कुराएगी)कुछ देर उसके माँ-बाप, भाई-बहन की तारीफ करने के बाद ….

आप कानून के रखवाले” कहानी के ग्यारह भाग पढ़ चुके हैं !अन्तिम प्रकाशित भागकानून के रखवाले-11में आपने पढ़ा कि :सोनिया बहुत हैरान थी कि उसने मुस्तफा को इतनी बुरी तरह पीटा उसके बाद बेहोशी के बाद भी वो वहाँ से निकलने में कामयाब हो गया. अब मेरा लंड उनके पेट के पास था… मैंने उनकी चूचियाँ ज़ोर ज़ोर से मसलनी शुरू की और उनके होंट चूमने लगा… इस बार वो सिर्फ आ आह ही नहीं बल्कि साथ में मुझसे लिपटी जा रही थी…मेरे लंड का पानी उनके पूरे पेट को गीला कर रहा था।मैंने उनसे कहा- इसे पकड़ो ना…और उनका हाथ लंड पर लगाया. फ़िर मेरे पीछे खड़ा होकर उसने मेरी चूत में आधा लण्ड घुसेड़ कर मेरी दोनों चूचियों को पकड़ते हुये बाकी का आधा लण्ड अन्दर किया और इसी तरह पांच सात मिनट तक चोदने के बाद वो मुझे और झुका कर मेरी कमर पकड़ कर सटासट सटासट चोदने लगा.

अफसर हैं, सरकारी नौकरी होने के कारण उनका 2-2 साल में तबादला हो जाता है, तो हमें भी बार-बार घर बदलना पड़ता है। मैं 18 साल का था जब हम नॉएडा आये। यहाँ हमें बहुत अच्छे पड़ोसी मिले।हमारे पड़ोस में एक परिवार रहता था। जिसमे एक आंटी, उनके पति तथा उनका बेटा जो दसवीं कक्षा में पढ़ रहा था, रहते थे। अंकल आई.

दीदी की शादी तय हो गई और वो घर छोड़ कर अपने ससुराल चली गई जिसके बाद मैं भी उदास रहने लगा और उसी के कारण मैं एक विषय में फेल हो गया. और लंड को गांड से निकाला और एक ही धक्के में चूत के अन्दर डाल दिया फ़िर वैसे ही चूत से बाहर निकला और गांड में एक धक्के में अन्दर पूरा लंड डाल दिया. मुकेश का लौड़ा मुझे गांड में ऐसा लग रहा था जैसे कोई जहाज समुन्दर को फाड़ता हुआ जा रहा हो.