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मैंने चाचा को फ़ोन लगाया, तो चाचा पूछने लगे कि अभी तक घर क्यों नहीं आए. चोदा चोदी चोदा चोदी चोदा चोदी वीडियोआज तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा कमीनी रांड … साली बहुत प्यासी थी तेरी चुत … आह इसकी सारी प्यास मिटा दूंगा … ले चुदक्कड़ आज तेरी मॉम ना चोद दी तो कहना.

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मेरे एक फ्रेंड की 19 वर्षीया सिस्टर है, उसने अभी 12 वीं का एग्जाम दिया है.पिंकी चुदवाते हुए मस्ती में बोली- रवि फटी चुत देख कर पूछेगा, तो मैं क्या कहूँगी.

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तभी मैंने नोटिस किया कि मेरी बगल वाले फ्लैट में जो अंकल रहते थे, वो अक्सर मुझे घूरा करते थे.इधर एक सेकंड में दो शॉट की स्पीड से मैं उसकी चुत की मां चोदने में लगा था.

अपना आधा लण्ड मालू की चूत के अन्दर बाहर करते हुए मैंने मालू की कमर कसकर पकड़ी और झटके से पूरा लण्ड उसकी चूत में ठोंक दिया. कुमारी लड़की का हिंदी बीएफ मैंने वह सब पूछते हुए उनसे पूछा- आप कैसे हैं, कहां से हैं?उन्होंने बताया- मैं लखनऊ से हूँ.

लेकिन मुझे अपने अनुभव के आधार पर ये ज्यादा लग रहा था कि भाभी मेरी गोद में आ ही जाएंगी.

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मैंने कहा- तो आपका लंड आपको ज्यादा परेशान कर रहा हो, तो मेरी में डाल दो. लेकिन इतना समझ आ गया था कि उन दोनों का आज फिर से किसी पार्टी में जाने का प्लान बन रहा था, ये मुझे पक्का हो गया था. कमरे की खिड़कियों पर पर्दे होने के कारण कमरे में अंधेरा था लेकिन ऐसा अंधेरा भी नहीं था कि कुछ दिखाई न दे.

आरिषा भाभी रामू का हाथ खींचते हुए बोलीं- रामू कहीं मत जाओ … आओ आगे आओ. एक दिन वो बोली- यार, क्यों ना हम दोनों अपने अपने लंडों से एक दूसरे के सामने चुदें. उसने जल्दी से मेरे सारे कपड़े उतार कर फेंक दिए और कहने लगा- मौसी, आराम से करने का समय नहीं है.

कहीं काफ़ील फुल टल्ली हो गया, तो वो चुदाई में हमारे साथ शामिल नहीं हो पाएगा. वो बुरी तरह से मुझसे लिपट गई और अपने नाखून गड़ाने लगी।अब उसकी चूत से फच फच फच की आवाज आने लगी।15 मिनट तक मैं उसे बिना रुके ही चोदता रहा।इस बीच वो झड़ गई मगर मैं अभी भी टिका हुआ था और बस उसे चोदे जा रहा था।उसकी चूत अब पूरी तरह से खुल गई थी और मेरे लंबे लंड को बड़े आराम से ले रही थी।अब मैंने अपना आसन बदला और बिस्तर पर लेट गया. फिर मैंने अपने लन्ड को उसके हाथ में दे दिया।लन्ड की फूली हुईं नसें साफ-साफ दिख रही थीं और सुपारा फूलकर बहुत बड़ा हो गया था.

सुडौलता और सुंदरता की धनी, रूप लावण्य का रस छलकाती हुई उसकी बांहों में सिमटी मेरी जवानी उसकी कामकला के प्रदर्शन की प्रतीक्षा करने लगी. मैंने पूछा- मज़ा आ रहा है?वो बोली- बहुत … लेकिन अन्दर जाने पर थोड़ा थोड़ा दर्द करता है.

मेरे फिगर के हिसाब से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मैं एक तरह से पूरीचोदू मालहूं.

एक नग्न गर्म औरत के जिस्म पर एक नग्न पुरुष चिपक जाए और कुछ न हो ऐसा सम्भव नहीं!मैंने पूजा के दोनों हाथों को पकड़ कर उसके सर से ऊपर कर दिया और बेतहाशा उसके गाल गर्दन को चूमने चाटने लगा.

उसने मुझे फ्रेश होने दिया और फव्वारे के नीचे उसने वहीं मुझे फिर से चोद डाला. थोड़ी देर बाद जब उन्होंने सर ऊपर उठा कर मेरे हाथ को आजाद किया तो उनकी निगाहें मेरे चेहरे पर थी और होंठों पर एक हल्की सी मुस्कान तैर रही थी. मैं सोचने लगा कि तीन सौ उन्नीस – तीन सौ उन्नीस के तीन चार सैट … आज तो गए काम से.

इन दस सालों में मैंने नीरू को इतनी बार चोदा है कि इतनी बार तो वो अपने पति से भी नहीं चुदी होगी. मेरी कामाग्नि बढ़ती चली गयी और मैं रोज़ाना नयी नयी ब्लू फ़िल्म देखने लगी. चुदाई तो सिर्फ मैंने और सपना ने ही करनी थी क्योंकि अंजू और अंशिका अभी कुंवारी थीं.

मतलब जिस लड़की को दूर से नंगी देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता था, आज उसे अपने साथ बिस्तर पर यूं ब्रा में देख कर मेरी गांड न जाने क्यों फट रही थी.

उसके बाद हमने कपड़े ठीक किये और बिना अंडरवियर के ही अपने अपने कपड़े पहन लिये. मालिश करते हुए वो मेरे निप्पलों को मसलते और मेरी चूचियों को भींच देता. बड़े चाचा से उसकी चूत की प्यास नहीं बुझी तो उसने मुझ जवान लौंडे को पटा लिया.

उसे शायद अपनी बुर पर बाल रखना पसंद नहीं था, इसलिए इलाका एकदम साफ था. वो बोली- क्या सोच रहे हो?मैंने बोला- गाड़ी यहीं अंधेरे में साइड लगा रहा हूँ. अब उसका डर निकलता जा रहा था और वो कुछ ज़्यादा करने को आतुर हो उठा था.

सच में वो रंग रूप की तो मल्लिका ही थी … उसके मदमस्त बदन की जितनी‌ तारीफ़ की जाए, उतनी कम थी.

सुनील ने बनावटी गुस्सा दिखाते हुए कहा- दीपा, अगर भाईसाहब बनाना है तो मैं चला. उस औरत ने घाघरा घुटनों तक किया हुआ था और वो आदमी कभी घाघरे में हाथ डाल कर उसकी चूत में उंगली कर रहा था.

कुमारी लड़की का हिंदी बीएफ इससे आरिषा भाभी चिल्लाने लगीं- आयऊ … उऊहह आअहह … आराम से हह आअहह रामू … मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ. अगर तू रेडी है तो बता?मेरी हालत ऐसी थी कि मैं कुछ सोच नहीं पा रही थी.

कुमारी लड़की का हिंदी बीएफ मैंने चुत को फैला कर कहा- अब डाल इसमें … और जितने जोर से झटके मार सकता है, मार चुत में. एक दिन …दोस्तो, मुझे पता है कि आप सभी को अन्तर्वासना पर एक से बढ़ कर एक सेक्स कहानियां पढ़ने को मिलती हैं और आप सभी पढ़ कर मजा करते हैं.

मीना पूरी गर्म हो गई थी और मेरे लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगी- अब बर्दाश्त नहीं होता.

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संजू का दर्द भी कुछ कम ही गया और वो जोर जोर से इस्स … आह … ओह मम्मी … आह पापाअअअ … मर गई. उसके चेहरे पर दर्द की हल्की सी लकीर तो आई थी … पर चुत की मांपेशियों ने लंड के हिसाब से अड्जस्ट कर लिया. जनवरी में मेरी मां कुछ दिनों के लिए अपने भाई मतलब मेरे मामा जी के यहां जाने वाली थीं.

मैं प्रीति के मुँह पर लगी चॉकलेट खाने लगा, प्रीति भी मेरे मुँह पर लगी चॉकलेट चाटने लगी, हमने चाट चाट कर एक दूसरे का मुँह साफ किया. इस समय वो एक हाथ से ड्राइवर का लंड हिला रही थी और दूसरे हाथ से मेरे आंडों को सहला रही थी. तब भाभी मान गयी और मेरा लंड चूसने लगी।वाह … क्या मजा आया।अब सीमा मुख से लंड निकाल कर बोली- बस यही सब करना है या आगे भी बढ़ोगे?मैंने भाभी को बेड पर लिटा दिया।वो बोली- मयंक, आराम से करना, तुम्हारे भैया का तुमसे छोटा है।मैं समझ गया था कि मुझे क्या करना है।मैंने सीमा को बेड पर लिटा के पहले उनके होंठों पर फिर चूत पर एक किस दी.

”कुछ बताकर गयी?”हओ … गुप्ताजी ती बेटी ती सगाई हुई है तो उनते यहाँ लेडीज संगीत में गई हैं.

अब मैं तुझे दिखाऊंगी कि किसी को सताने और उसका फायदा उठाने में सामने वाले को कितना दर्द होता है. सुगंधा भाभी ने मेरी जीएफ की चर्चा वापस छेड़ दी थी- वैसे तुम दोनों कितने समय से रिलेशन में हो?मैं- करीब एक साल से. फिर मैं चूत में लन्ड अन्दर बाहर करते करते उसके बूब्स को भी दबाने लगा.

मैं पछता रही थी कि क्यों इससे कहा कि मेरी सहेली को राहत दे दो, उसकी बेचैनी दूर कर दो. फिर मिलेंगे एक नयी कहानी के साथ। मुझे ईमेल करनी मत भूलियेगा। आपकी मेल्स के इंतज़ार में आपका दोस्त रवि।[emailprotected]. मैंने इस बार फिर उसके हाथ फंसा लिए और बाल पकड़ कर उसके मुँह में उसकी ब्रा ठूंस दी.

वो चिल्ला उठी- ओ … ओ … ईईई … उऊऊ … ऊईई … अमित … प्लीज बाहर निकाल … बहुत दर्द हो रहा है. मेरा लंड उसकी चिकनी चुत की दीवारों को चीरते हुए अन्दर धंसता चला गया.

मगर अगले दिन‌ मैं कॉलेज जाने‌ लगा, तो बस स्टॉप ‌पर वो मुझे फिर से वहां मिल‌ गयी. श्वेता दीदी- तुम इससे इतना सवाल क्यों पूछ रही हो?सहेली- अरे मेरा भी इसी के उम्र का छोटा भाई है … वो मुझे बहुत परेशान करता है. इतनी मीठी सिसकारियां!इतनी मीठी आहें!इन पर तो जान भी वार दूं तो कम है!कुछ देर बाद ज़ारा ने मेरे कंधों से मुझे नीचे धकेला.

पहले तुम इसे चूस कर चिकना करो, फिर मैं तुम्हारी चूत को चाट कर चिकना करूँगा तो ये आराम से तुम्हारी चूत में चला जायेगा.

तुम्हारे घर पर तो यह काम हो नहीं सकता, क्योंकि वहां पर कोई ना कोई आता जाता है. उसने अपने पैर नीचे फैला दिए और बोला- चल रंडी … नीचे बैठ कर लंड चूस. पर सेक्स की हिम्मत नहीं पड़ रही थी किसी की … और पता नहीं उनके पार्टनर्स सेक्स की बात को मानेंगे या नहीं!पर ये बात जरूर थी कि अब उनको मजा भी आ गया था और डर भी निकल गया था.

उसके बाद क्या हुआ?दोस्तो, मैं रॉकी आपका दोस्त अपनी पिछली कहानीबारिश की बूंदें और वोसे आगे की कहानी लेकर आया हूँ. ’उसने जांघों को सिकोड़ कर चुत को ढकने की कोशिश की मगर मैं अब कहां मानने वाला था.

मुझे सुनील बोलो या मनोज को भी भाईसाहब ही बोलती हो?दीपा ने हँसते हुए कहा- चल सुनील … ज्यादा सयाना मत बन, बोल क्या लेगा बियर या जूस, वैसे अपुन का खाना भी रेडी!कह कर उसने सुनील की ओर देखा, जैसे पूछ रही हो कि क्या ये ठीक है. वो नीचे आकर सीधे मेरी चिकनी कामरस से भीगी चुत को सीधे खाने का प्रयास करने लगा. और मम्मी पापा और भैया को भी आपने ही मनाया मुझे विजय के घर पर रहने के लिए! यह आपकी ही चाल थी मैं समझ गई पहले ही!”भाभी- हां मैंने ही मम्मी पापा को मनाया तुझे विजय के साथ रहने के लिए! और वैसे भी मम्मीजी पापाजी को विजय पर और तुझ पर पूरा विश्वास है.

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उसने मेरी बर्थ वाले कंपार्टमेंट का दरवाजा ओपन किया और मुझसे बोला कि एक लेडीज सवारी है, उसकी बस मिस हो गयी है.

उसके बाद चाची ने अपनी ब्रा खोली और उनके चुचे ब्रा से बाहर निकल कर उछलने लगे. अंतः जिन भाई, भाभी, आंटी को इन रिश्तों में हुई सेक्स कहानी पढ़ने से अरुचि होती है, वो इस सेक्स कहानी को ना पढ़ें. अभी यह काम खत्म भी नहीं हुआ था कि मम्मी की आवाज़ आई- खाना नहीं खाना क्या … तबीयत तो ठीक है.

विजय रह रह कर बार-बार मेरे बूब्स पर नजरें गड़ा रहा था और बात भी मेरी आंखों में आंखें डाल कर बात रहा था. उसने बड़ी अदा से सिगरेट का कश खींचा और धुंआ के छल्ले उड़ाते हुए कहने लगी- आज कई साल बाद बियर पी रही हूँ … पहले बार हस्बैंड ने पिलाई थी … उनके साथ ही पी लेती थी. चूत मार वीडियोउस पूरी क्लास में बस मेरी कामुक सिसकारियों की आवाज़ गूंज रही थी- उफ़ हहह … यस आई लाइक इट … ओह्ह फ़क मी … आह आह आह फ़क मी हार्ड अभिषेक … उफ़्फ़फ़ उफ़्फ़फ़ उई मां मैं मर गई आह उफ़्फ़!मेरी आवाजें उसे और भी उत्तेजित कर रही थीं, जिससे वो अपनी पूरी ताकत और रफ्तार से मुझे चोदे जा रहा था.

उसकी चूत बिल्कुल क्लीन शेव थी बिल्कुल किसी काले मार्बल की तरह चमक रही थी. मैं सेक्स कहानी शुरू करने से पहले इस BF GF सेक्स कहानी की नायिका के लिए कुछ बोलना चाहता हूँ.

मैंने जल्दी से अपना लंड उसकी गांड से निकाला और कंडोम उतार कर डस्टबिन में फेंका. मैंने काफी सारी जैल अपनी उंगलियों पर ले ली, उसकी गांड में घुसा दी और उसकी गांड के अन्दर तक अच्छे से लगा दी. अगले दो दिन तो वो दोनों नहीं मिले लेकिन तीसरे दिन विवेक ने उनकी चुदाई का वीडियो बना लिया.

उसमें पिंकी ने अपने हर मैसेज को भी लिखा था और अनिल से आये हर मैसेज को लिखा था. मैंने भी बिजली की गति से चेन बंद की और लंड को अंदर करके घूम गया और फोन पर नकली बात करते हुए बोला- हां … हां … ठीक है, मैं बात करके बताता हूं. आपको मेरे बिस्तर में भाबी की गर्म जवानी कैसी लगी, कमेंट्स में जरूर लिखें.

मैं- उठो! अब चाय बना लो!वो उठी, मेरे गाल पर चूमा और नंगी ही किचन में चाय बनाने चली गयी.

उसकी नीली आंखें, काले, घने और लंबे बाल, उसका फिगर … सब कुछ बहुत कमाल का था. हमारी बेटी जिस स्कूल में पढ़ने जाती थी वहीं पर एक आदमी उसके बेटी को लेने और छोड़ने रोज आया करता था.

जब पहली बार मैंने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स किया था, उसके बाद ऐसा मजा मुझे आज आया था. मैं और जोर से चुदाई करते हुए चाची के चूतड़ों पर थप्पड़ मारने लगा, उनके चूतड़ एकदम लाल हो गए थे. उसने अपना हाथ पैंट के ऊपर से मेरे लंड पर रख दिया और धीरे धीरे सहलाने लगा.

वैसे भी मुझ जैसी स्त्री को ऐसे ही सोशियली अच्छे और नेक आदमी ही चाहिए होते हैं. तभी संजू ने अपना थूक अपने हाथ में लिया और चूत में पूरा थूक लगा दिया जिससे चिकनाहट और बढ़ गई. मैंने भाभी को अपनी तरफ घुमाया और उनकी एक चूची को अपने मुँह में ले लिया.

कुमारी लड़की का हिंदी बीएफ इस पर रिचा ने आंख दबाते हुए अपने एक स्तन को हिलाया और कहा- क्या हुआ?मैं रिचा से बोला- प्यास लगी है. चूंकि अहाते में कोई आता नहीं था और सब जानते थे कि मैं उधर रह कर पढ़ाई कर रहा हूँ … इसलिए कोई नहीं आता था.

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मैंने फोन काट दिया और ओवन में खाना गर्म होने रख दिया।फिर मैंने ए सी को बढ़ाया. डॉक्टर ने मुझे उसी जोश के साथ अपने से चिपका लिया और मेरी पीठ और चूतड़ों पर अपने हाथ फेरने लगा. जैसे ही सपना के रस ने मेरे लंड को भिगोया तो मैंने भी जोर से एक चीख लगाई और अपने लंड की धार सपना की चूत में छोड़ दी.

आज भी हम दोनों मिलते हैं।उसके अलावा भी मैंने कुछ लोगों से रिश्ता जोड़ा है. एक दिन मैंने उसको बातों ही बातों में गर्म कर दिया और उसी वक्त मैंने उसको दिल की बात बताने की ठान ली. सेक्सी कुत्ते के साथअब मुझे सारी बात समझ में आ गयी कि रात को मेरे कपड़ों पर वो दाग कैसे आते थे.

मैं- कोई बात नहीं, तुम बाथरूम में जाकर लंड को पूरी तरह से साफ़ करके मेरे पास आओ.

उसे नंगी देख कर राहुल ने उसको अपनी ओर खींचा और अपनी गोद में बैठा लिया. मैंने उस मूवी को अब लगा तो लिया मगर कुछ देर बाद ही उस मूवी में किसिंग और लिपटने चिपटने के सीन आना शुरू हो गए.

ये सुनते ही मेरा दिल जोर से धड़कने लगा कि इन लोगों ने पता नहीं किसे पसंद किया है. मैंने अपनी हल्की जीभ बाहर निकालते हुए सर के लंड की नोक पर चलाना शुरू कर दिया. मेरी बेसब्री देख कर वो हंस दी और खुद ही ब्रा को अलग कर के बेड पर रख दिया.

मैंने प्रियंका को इशारा किया कि वो फ्रिज से आइस क्यूब (बर्फ के टुकड़े) लाकर दे.

वो मेरे लंड को गप से मुँह में लेकर चुसकने लगी और मैं उसकी चुत को चाटने लगा. मैं मधुर से इन सब बातों को पूछना तो चाहता था पर बाद में मैंने अपना इरादा बदल लिया।चलो आज 4-5 दिन के बाद गौरी से सम्बंधित चिंता ख़त्म हो गई। मैंने आज जान बूझकर गौरी के साथ तो कोई अन्यथा हरकत (बकोल गौरी-शलालत) नहीं की अलबत्ता रात में मधुर को दो बार कस-कस के रगड़ा।दूसरे दिन वह जिस प्रकार वह चल रही थी आप जैसे अनुभवी लोग अंदाज़ा लगा सकते हैं कि रात को उसके क्या हालत हुई होगी।कहानी जारी रहेगी. मैंने अपना मुँह मामी की चूत में लगा दिया और उनकी चूत का सारा पानी अपने मुँह में भर लिया.

सेक्सी वीडियो खलीफामैंने पहले उनको कभी गन्दी नजरों से नहीं देखा था लेकिन एक बार हम दोनों की जिंदगी में ऐसी घटना घटी कि उसकी बाद से मेरे विचार उनके लिए बदल गये. इसलिए हम दोनों ने सिर्फ हाथ से ही काम करते हुए अपना अपना पानी निकाल देने का सोचा.

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मैं लंड का सुपारा बड़े धीरे धीरे उसकी गांड में पेल रहा था, उससे कह रहा था कि जोर जोर से सांस लो. चाय पीकर मनोज बोला- फटाफट तैयार हो जाओ, बाहर चलेंगे और डिनर बाहर ही लेंगे. एक बात का एहसास तो मुझे पहले ही हो गया था कि वह अपनी इस बेबी डॉल टाइप की नाइटी के नीचे कुछ नहीं पहनी होंगी.

कुछ देर बाद फिर से चुदाई हुई और इस बार हम दोनों ने काफी देर तक चुदाई चुसाई का मजा लिया. मैंने मना किया तो बोलीं- क्यों डर लग रहा है क्या मुझसे?मैंने कहा- नहीं मामी, ऐसी कोई बात नहीं है … मैं आपके पास ही सो जाऊंगा. उसे अपने ऊपर ले लिया और बोला- अब तुम करो।मुझसे नहीं हो पायेगा।”क्यों नहीं होगा.

जब जब उसने रंग बदला, तब तब मुझे उसे नंगा करके वही मार दोहरानी पड़ती थी. मैं उनकी पैंटी पर हाथ फेरा तो हम दोनों ने एक दूसरे को देखकर स्माइल कर दी. पिछले भागशादीशुदा गर्लफ्रेंड के पिछले छेद की इच्छामें अब तक आपने पढ़ा था कि मैं नीरू की गांड मारने के लिए मेडिकल स्टोर से एक जैल ले आया था और नीरू की कुंवारी गांड का आज उद्घाटन करने वाला था.

इतने में सास ने मेरे लोवर में अपना हाथ डाल दिया और मेरे लंड को जोर से दबाने लगी. कहानी पर अपनी राय देने के लिए कमेंट करें और मेल आईडी पर मैसेज करें.

शिल्पा दिख नहीं रही थी इसलिए मैंने समझ लिया कि वो बाथरूम में गई होगी.

मुझे आये हुए आधा घंटा हो चुका था।फिर रोहित कहने लगा- बताओ नीलम क्या खाओगी पिज़्ज़ा, बर्गर, मोमोज, डोसा जो भी खाना हो बता दो. ओपन द फोनमैंने बिना देर किए एक जोर का झटका लगाया और आधा लंड उसकी चूत में समा गया. वॉलपेपर से लगाओमेरी दीदियों की गांड मेरी गांड से भी बड़ी हैं और उनके मम्मे भी बड़े हैं. मैं अन्दर से बहुत डरा हुआ था कि पता नहीं वो क्या करेगी, क्या बोलेगी.

अब वो पागलों की तरह चुत को ऐसे चाटने, चूसने और खाने लगा, जैसे किसी कुता को हड्डी मिल गई हो.

थोड़ी देर बाद मैंने अपनी जीभ भाभी की चूत के सुराख पर रखकर उसको जीभ से चोदने लगा. इससे पहले मैं उसको कुछ और कहती, उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरी चूचियों को दबाने लगा. मैं अपनी साली को और अपने साढ़ू की बॉडी को सकुशल इंडिया लेकर आना चाहता था.

मेरी पिछली कहानी थी:पति के साथ दर्द और आनंद भरा बीडीएसएम सेक्सइसलिए मैं आपके लिए एक और गर्म कहानी लेकर आई हूं. फिर वही चाय वाले रघु ने अपना लंड मेरी चुत पर टिकाया और एक ही झटके में अन्दर पेल दिया. वह अपनी बेटी को तूफ़ानी रफ़्तार से चोदते हुए उसकी चूत में ज़ोर के धक्के मारने लगा।ओह्ह्हह पिता जी, उईईई आह्ह मैं गई!” ज्योति का जिस्म अचानक अकड़ने लगा और वह ज़ोर से चिल्लाते हुए अपनी आँखें बंद करके झड़ने लगी।महेश ने ज्योति को झड़ते हुए देख कर उसकी चूत में ज़ोरदार धक्के मारते हुए अपने लंड को जड़ तक उसकी चूत में घुसा दिया।ज्योति की चूत से पानी निकल रहा था जिस वजह से उसे ज्यादा तकलीफ नहीं हुई.

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फिर मैंने उसकी गर्दन पर जीभ लगा दी और अपने होंठों से शॉवर से गिर रहे पानी को चूसने लगा. उसने अपने लंड पर तेल मला, थूक भी लगाया और अपने उचकते सलामी देते लंड को मेरी तड़पती मचलती गांड पर टिका कर धक्का दे दिया. वक़्त की नजाकत को देखकर हम दोनों फटाफट तैयार हुए और अपनी अपनी बेटियों की स्कूल से पिकअप करने एक के पीछे एक घर से निकल गए.

दीपा ने मेहनत तो की ही थी अपनी चूत से आज, और इसका अहसास मनोज को हो रहा था.

मैंने अपना लंड नेकर की बगल से बाहर निकाल कर उसको दिखाया … तो मेरा लम्बा और मोटा लंड देख कर उसकी आंखें फ़ैल गईं.

मेरे ख्याल से आप सब दोस्त ये सोच रहें होंगे कि मुझे फ्री की चूत नीतू की मिली होगी. संगीता ने अपने मुँह से मुकेश का लंड निकाल कर एक बार उसकी तरफ देखा और इस बार तो मुकेश का अंडकोष मुँह में भरके चूसने लगी और लंड हाथ में लेकर मुठ मारने लगी. मधु का xxxमुझे उनके सामने खड़े होने में भी शर्म‌ आ रही थी, इसलिए मैं अब वहां खड़ा नहीं हुआ बल्कि वहां से पैदल‌ ही चलकर कॉलेज आ गया.

मगर इस बार उसकी आंखों में उत्तेजना के लाल डोरे तैरते मुझे साफ नजर आ रहे थे, इसलिए मैंने शायरा के चहरे को पकड़े पकड़े ही अब अपना मुँह थोड़ा आगे की तरफ बढ़ा दिया. मैं- मैं अकेला जाकर क्या करूंगा?वो- क्यों?मैं- तुम्हारे जैसी कोई सुन्दर लड़की साथ में हो तो जाना भी, अकेले जाकर क्या करना?वो- अब तुम ये लाइन मारना बंद करोगे. तभी कमरे से एक लड़का बाहर आकर आंटी को बुलाने लगा- चल साली, तू इधर क्या कर रही है, तेरी सहेली अन्दर मस्त चुदाई करवा रही है और तू यहां बाहर बकरचोदी में लगी है, चल साली तू भी आ जा, मैं आज तेरी गांड का भुर्ता बना देता हूँ.

अब वह अन्दर बाहर अन्दर बाहर शुरू हुआ … धच्च फच्च धच्च फच्च … लंड चलने लगा. मैंने वैसे ही टी-शर्ट को ऊपर उठा कर उसके दोनों मम्मे हाथों में ले लिए.

दस मिनट तक लेटा रहा और जब वो शान्त हो गयी तो मैंने उसको प्यार से चूमा और धीरे धीरे लंड को चलाने लगा.

मैं काम से थका हुआ था … तो मैंने जाने से मना कर दिया और होटल में अपने कमरे में बैठकर पीने लगा. बस मर्द को औरत की तसल्ली करवाना आता हो!अब मैंने उसका ब्लाउज़ उतार दिया और उसकी काले रंग की जालीदार ब्रा के ऊपर से उसके चुचों को मसलने लगा. यह सुनते ही उसने अपना पूरा लंड एक ही बार में मेरी चूत के अन्दर पेल दिया.

ऐश्वर्या राय बच्चन xxx रामू- भाभी आप कुछ परेशान लग रही हैं … कुछ बात है क्या?आरिषा- नहीं, कुछ बात नहीं है … तुमको ऐसा क्यों लग रहा है?रामू- वो भाभी मैं देख रहा हूँ कि भैया भी आपसे सही से बात नहीं कर रहे हैं और आपका चेहरा उदास रहता है. पूरी चुदाई करके उसने अपना पानी चुत में छोड़ा और खुश होकर वापिस बाहर निकाला.

स्वाति भाभी अब कुछ देर तो शांत रही फिर बोली- वो मम्मी तो गुड़िया (सपना भाभी की बेटी) को लेकर मन्दिर गयी हैं … और घर में मैं अकेली ही हूँ!भाभी ने‌ अब हल्का सा अपना चेहरा बाथरूम‌ से बाहर निकालकर मेरी तरफ देखते हुए कहा।उसने इस बार ‘घर में मैं अकेली‌ ही हूँ’ इस बात पर कुछ ज्यादा ही जोर देकर कहा था. दोस्तो, इस सेक्स कहानी में और भी बहुत से किरदार आएंगे, जिनका परिचय उनके आगमन पर ही होगा. इस पर वह गुस्सा भी करता था लेकिन मैं उसे मना लेती थी क्योंकि मुझे शादी से पहले सेक्स करना ठीक नहीं लगता था.

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वो भी मेरा लंड अपनी प्यासी चूत में डलवाने के लिए गांड हवा में उठा रही थी. मैडम के कहने पर मैंने दो दिन इंटरव्यू के लिए तैयारी की और फिर इंटरव्यू देने के लिए चला गया. मेरी पिछली सेक्स कहानीघर का किराया मेरी बुर ने चुकायाको पढ़ कर मुझे बहुत सारे मेल मिले और आज भी आ रहे हैं.

हैलो फ्रेंड्स, मैं आपकी रूपा अपनी चुत की प्यास न बुझने वाली सेक्स कहानी में स्वागत करती हूँ. ये बात सुनते ही चाची हैरान हो गईं, मैं पहली बार उनको गाली दे रहा था.

जब मैंने मामी के मुँह से लंड बाहर निकाला, तभी वो राहत की सांस ले पाईं.

मैंने उसे खूब ढांढस बंधाया, उसकी पीठ पर हाथ फेरते हुए उसे चुप कराने लगा. उसके इस तरह से लंड चूसे जाने से मैं भी आश्चर्य में था कि इसने पूरा लंड मुँह के अन्दर कैसे ले लिया. तभी मीरा आ गई और मेरे पीछे बैठकर मेरी गोटियां चाटने लगी जिससे मैं अति उत्तेजित होने लगा.

मैंने पूछ लिया कि अगर सच में तुम्हें मेरी चूत सहलाने को मिले तो?मेरे मुँह से चूत शब्द सुन कर वो हकबका गया. मैंने उसके लंड के दहकते सुपारे को अपनी प्यासी चूत की फांकों में महसूस किया तो मैं और भी ज्यादा उतावली हो गई. उनका पल्लू अब पूरी तरह से उनकी गोद में पड़ा था और छातियाँ गहरी सांस से ऊपर नीचे हो रही थी.

सपना आहें भरने लगी थी।अब मेरे अंडरवियर को अंशिका ने उतार दिया। उसके बाद मैंने अंजू की चूत के अंदर जीभ डाली.

कुमारी लड़की का हिंदी बीएफ: उसे देख कर बाहर मेरी हालत खराब हो रही थी और अब मेरा मन कर रहा था दरवाजा तोड़ कर बाथरूम में घुस जाऊं और चाची की गांड मार दूं. फिर घर और परिवार भी संभालना पड़ता है तो सबको रिप्लाई नहीं दे पाती।इस कहानी के बाद कोशिश करूंगी कि सभी को रिप्लाई दूं.

जब तक अकेले हैं घर में, हम नंगे ही रहेंगे ताकि जब मन हो, चुदाई कर लें. संजू ने वीर्य को तौलिये से पौंछा और विक्रम के लंड को अपने मुँह से लगाकर उसका बचा हुआ सारा वीर्य चाट गई. मैं जोर जोर से सिसकारियां ले रही थी- आह आहआह … आह आह चूसो बेटा अपनी माँ का सारा दूध पी जाओ.

मैंने उससे पूछा- तेरा दोस्त कब तक आने वाला है?उसने कहा- सुबह बात हुई थी, तब उसने 8 बजे के लिए कहा था.

मैंने कहा- तो आपका लंड आपको ज्यादा परेशान कर रहा हो, तो मेरी में डाल दो. इधर मैं प्रीति को उंगली से लगातार चोदे जा रहा था और वो ज़ोर से सीत्कार कर रही थी- ये तूने क्या कर दिया … आह अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है … जल्दी से चोद दो … मेरी चूत में आग लग रही है. मैं एक छोटे गांव से था और मेरा कॉलेज गांव से कुछ दूर एक बड़े शहर में था.